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आ जाओ मेरे राजा चोद दो मेरा चूत

आ जाओ मेरे राजा चोद दो मेरा चूत

हेलो दोस्तो नमस्कार। मै रोहित कुमार एक बार फिर बहुत दिनों के बाद से नई कहानी एक सत्य लेकर हाजिर हूँ। आप लोगों के जो बार बार मेल आये उसके लिये और मेरा जो हौसला बढ़ाया उसके लिये मै दिल से आप सभी का शुक्रिया करता हूँ।

एक दिन मेरे फोन पर एक फोन आया, एक लड़की बोली- मै रोहित से बात कर सकती हूँ?
मैने कहा- नहीं यहाँ पर रोहित नाम का कोई आदमी नहीं रहता, गलत फोन नम्बर हैं।

वो कहने लगी- मेरा नाम किरन हैं, रोहित का यह नम्बर मेरी एक सहेली ने दिया हैं, तभी मैने तुमसे बात की, मुझे कोई प्रोब्लम हैं रोहित। मेरी मदद करो।
मैने कहा- नहीं, यह रोहित का नम्बर नहीं हैं।
यह कहकर फोन काट दिया।

शाम को मैने अपनी मेल चेक की तो देखा कि किसी की छः मेल हैंं, खोल कर देखा तो सभी किरन की थी।

मैने रीप्लाई दिया, तभी साथ के साथ मेल आ गई। मैने देखा कि उसका मेल आईडी याहू का था।
मैने किरन को मेल किया- अगर तुम ओनलाईन हो तो मेरे से याहू मैसन्जर पर बात करो।

उसके बाद मैने जीमेल आईडी बन्द किया, याहू आईडी को ओपन किया और किरन की आईडी चेट में डाली तभी पता चला किरन ओनलाईन हैं।

हम दोनों की बात शुरु हो गई। किरन ने मेरे बारे में पूछा और मैने किरन के बारे में सारी जानकारी ली। उसके बाद मैने किरन से कहा- उसी फोन पर काल करना।

उसके बाद मैने अपना लैपटॉप बन्द कर दिया। उसके आठ मिनट के ही बाद किरन का फोन आ गया। हम दोनों में काफी बातें हुई।

मैने किरन से बोला- मै तुमसे पहले एक बार मिलना चाहूँगा।
किरन कहने लगी- रोहित जब भी मिलना हो फोन कर देना, जहाँ भी कहोगे मै मिलने को तैयार हूँ।

हमने तय किया कि हम दोनों इन्डिया गेट पर मिलते हैंं।

उसके तीन दिन के बाद हम लोग शाम को छः बजे इन्डिया गेट पर मिले, दोनों की काफी देर तक बात हुईं, जब हम दोनों हर बात से सहमत हो गये तो किरन बोली- रोहित, मैने आपके बारे में जो सुना था तुम तो उससे भी ज्यादा मुझे पसन्द आये। बस क्या कहूँ रोहित, बस एक बार मै एक बार तुम्हारे होठों से अपने होंठ रख दूँ, रोहित तुम आदमी नहीं कुछ और हो।

मैने कहा- नहीं, अभी तुम अपने घर जाकर सोच लेना, तुम शादीशुदा हो। मै नहीं चाहूँगा कि तुम्हारे घर में कोई परेशानी हो।

किरन बोली- रोहित, मैने सब लोगों से बात करने के ही बाद तुमसे बात की हैं, वैसे अगर रोहित तुम चाहते हो तो तुम मेरे पति से बात करो लो।

यह कहकर किरन ने किसी को फोन किया और स्पीकर आन कर दिया।
तभी किसी की आवाज आई- जानू कहाँ पर हो?

तो किरन बोली- जानू आदेश, आज हम रोहित के पास हैंं, तुमको कोई प्रोब्लम तो नहीं हैंं ना?
आदेश बोला- जानू मैने ही तो तुमको उनके पास भेजा हैं, पर तुम क्यों यह सब पूछ रही हो।

किरन बोली- जानू, रोहित को मेरी बात पर भरोसा नहीं हो रहा था इसलिये मैने तुमको फोन किया!
तो आदेश कहने लगा- उनको बोलना कि उनके दोस्त रणजीत ने ही नम्बर दिया हैं, तब भी बात ना माने तो मुझे फोन कर देना।

किरन ने आदेश को कहा- मै रोहित के साथ घर आ रही हूँ, तुम कुछ घर पर इन्तज़ाम करवा देना और ड्राईवर को बोल देना गाड़ी लेकर चला जाये।

उसके बाद हम दोनों बीस मिनट तक बात करते रहें। मैने किरन से कहा- मै आपको कैसा लगा?

किरन- रोहित, मैने तो सोचा था कि तुम तो बहुत ही लम्बे तगड़े होंगे पर देखा कि तुम तो मुझे बहुत दुबले से हो, परन्तु हो बहुत ही जानदार, जो मुझको बताया था मेरी सहेली ने उससे भी बढ़कर। रोहित अब तुम बताओ मै तुमको कैसी लगी?

मैने कहा- मुझे लगता हैं कि तुम्हारी फिगर कमर तिश, हिप्स बत्तीश, चेस्ट तीस, वजन पचास किलो और लम्बाई पांच फीट चार इंच या और भी कुछ बताना हैंं क्या।

किरन कहने लगी- रोहित तुम तो सब कुछ जान लेते हो? तुम तो कमाल के निकले।

मैने कहा- किरन हम लोग एक तरफ़ को बैठे हैंं, बस तुम अपनी ब्रा का हुक खोलो और अपने सलवार का नाड़ा थोड़ा ढीला करो जिसमें मेरा हाथ आराम से चला जाये! अगर तुमको ऐतराज़ ना हो तो।

किरन कहने लगी- नहीं रोहित, तुम जो भी कहोगे मै वो सब करने को तैयार हूँ।
और जैसा ही मैने कहा था किरन ने वैसा ही किया।

पहले मैने किरन की दोनों चूचियों पर अपना हाथ हल्के हल्के दो चार बार सहलाया और दबाया।
‘किरन, क्या मै तुम्हारी चूचियों को अपनी आँखो से देख सकता हूँ?’
तो किरन बोली- क्यों नहीं, यहाँ पर कौन देख रहा हैं।
‘किरन, पहले ऊपर दुपट्टा डाल लो!’

किरन ने दुपट्टा ऊपर डाल लिया और अपना कमीज ऊपर किया।
मैने देखा की किरन के निप्प्ल तो थोड़े गहरे रंग के हैंं, मैने कहा- अब तुम ठीक तरह से बैठ जाओ और अब मै बस एक बार तुम्हारे एक बार अँगुली डाल के देखना चाहूँगा।

किरन बोली- डाल लो ना! मै तो पहले से ही तैयार हूँ। मैने तो पहले ही नाड़ा खोल दिया था। मैने किरन की सलवार में हाथ डाला और किरन से कहा- अपनी दोनों टांगों को थोड़ा खोलो।

किरन ने अपनी दोनों टांगों को फैला दी। मैने जैसे ही अपनी एक अँगुली किरन की योनि में डाली तो देखा कि किरन की योनि तो पूरी तरह से खुली हुई हैं, उसके बाद मैने दो अँगुली डाली, उसके बाद का हाल मै आप लोगों को नहीं बता सकता क्योंकि इस का जो अनुभव मुझे हैंं वो हर कोई नहीं जान सकता हैं।

उसके बाद मैने किरन से कहा- अपने आप को ठीक करो।
किरन ने अपने कपड़े ठीक किये और बोली- रोहित अब बोलो?
मैने कहा- किरन तुम तो दो-तीन बच्चो की माँ तो अब तक बन ही गई होगी?
किरन बोली- परन्तु मेरे तो एक भी बच्चा नहीं हैं, उसके लिये ही तो मै आपके पास आई हूँ।

मैने कहा- किरन, मुझे लगता हैं चार बार गर्भपात भी करवा चुकी हो और गोलियाँ भी ले चुकी हो?
रोहित तुमने थोड़ी ही देर में मुझे सब कुछ बता दिया, मै तो बस यही कह सकती हूँ कि अब मै अपने परिवार और अपने घर को खुश करना चाहती हूँ, बस तुम मेरी मदद करों चाहे जो भी हो जाये।

पांच मिनट तक मै खमोश बैठा रहा, उसके बाद मैने किरन से पूछा- तुमने पहली बार सहवास कब किया था? मेरा मानना हैंं कि तुमने पहली बार लगभग बीस साल की उम्र में किया होगा?

किरन ने कहा- हाँ, मैने पहली बार बारहवीं क्लास पास करने के बाद अपने घर पर अपने एक दोस्त के साथ किया था।
मैने कहा- उसके बाद मुझको लगता हैंं कि तुम लोग काफी दिनो तक लगातार मजे लेते रहे?
किरन ने कहा- हाँ, लगभग छः महीने तक।

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मैने कहा- मुझको लगता हैं तुमको गर्भ रह गया था और तुमने गोलियाँ खाई होगी और उसके बाद उसने तुम्हारे से किनारा कर लिया होगा?

किरन ने कहा- रोहित तुमको यह कैसे पता चला? यह बात एकदम सही हैं।
‘उसके थोड़े ही दिनों के बाद तुमने और किसी को दोस्त बना लिया और उसके साथ भी यही कुछ हुआ पर इस बार तुम्हारे घर वालों को पता चल गया होगा और तुम्हारी शादी उन्होंनें आदेश के साथ कर दी होगी?’
किरन बोली- हाँ रोहित तुमने जो भी कहा वो सब सही हैं।

‘मै यह जानना चाहता हूँ कि तुमने गर्भपात कब और कैसे करवाया और भी कितनी बार?’
किरन कहने लगी- रोहित जब हमारी शादी हूई मेरी उम्र उस समय इक्कीस साल थी, हम दोनों जल्दी बच्चा नहीं चाहते थे तो हमारी शादी के तीन महीने के ही बाद मुझे बच्चा रह गया तो हम दोनों ने आपस में बात करके वो गिरवा दिया।
उसके बाद लगभग मुझे एक साल के बाद फिर से गर्भ रह गया और उसका भी गर्भपात हमने करवा दिया, अब मेरी इस समय उम्र पचीस साल हैं, हम दोनों खुश हैंं पर हर कोई चाहता हैंं कि हमारे भी बच्चे हो।

मैने किरन से कहा- मुझे लगता हैं अब तुमको बच्चा तो रह जाता हैं, पर वो समय से पहले ही गिर जाता हैं, मै सही कह रहा हूँ ना, किरन?
किरन बोली- नहीं रोहित, अब मुझे बच्चा रहता ही नहीं, हम लोगों बहुत डाक्टरों को दिखाया पर कोई फायदा नहीं हुआ। डाक्टर ने कुछ कमी आदेश में बताई थी उसके बाद ही हम दोनों तुमसे मिलने के लिये तैयार हुए और तुम्हारा फोन नम्बर कविता ने दिया था।

रात के आठ बज चुके थे,पचीस मिनट में हम दोनों किरन के घर प्रीत विहार पहुँच गये तो किरन कहने लगी- रोहित अन्दर चलो!
और मुझे पकड़ कर अन्दर ले गई।

हम दोनों अन्दर गये, किरन पानी लेकर आई, मैने देखा कि घर पर तो कोई नहीं हैं, मैने किरन से कहा- किरन, घर पर तो कोई नहीं हैं, सभी लोग कहीं बाहर गये हैंं क्या?

किरन ने कहा- हाँ, बस आज मै ही अकेले घर पर हूँ।
और पानी का गिलास उठाकर अन्दर गई, छः मिनट के बाद कपड़े बदलकर वापिस आई और मुझे बोला- रोहित क्या लोगे?
मैने कहा- मै कुछ नहीं लूँगा।

किरन मेरे पास बैठ गई, अपना सर मेरे सीने से लगाकर रोने लगी और कहने लगी- रोहित मेरे लिये भी करो ना, मुझे तुम पर पुरा विश्वास हैं कि तुम सबकी तरह मेरा घर भी खुशियों से भर दोगे?

मैने किरन को अपने सीने से लगाया और किरन की आँखों को रुमाल से साफ किया और कहा- अच्छे लोग रोते नहीं और ना घबराते हैंं, बाकी मै हूँ ना!

यह कहकर मैने अपने होंठ किरन के होठों पर रख दिये और किरन तो मेरे होठों को बेसब्री से चूसने लगीं और मेरे पूरे शरीर पर हाथ फेरने लगी।

मैने किरन को अपने से अलग किया और कहा- आज तो मै चलता हूँ, तुम ऐसा करना, कल सवेरे तैयार रहना, मै अपने डाक्टर से टाईम लेकर तुमको फोन कर दूँगा, तुम वहाँ पहुँच जाना।

किरन कहने लगी- ठीक हैं रोहित, जहाँ भी तुम बोलोगे मै वहीं आ जाऊँगी।

मैने फिर एक बार किरन को चूमा और चलने लगा तो किरन कहने लगी- रोहित, मेरे लिये थोड़ी देर और रुक जाओ ना।

मैने किरन की आँखों में देखा, किरन की आँखों से मायूसी साफ दिखाई दे रही थी, मैने कहा- किरन कुछ पीने के लिये हैं?

तो किरन बोली- आज तो रोहित मै तुमको अपने होठों से पिला दूँगी।
मैने कहा- क्या किरन, पीने के लिये क्या हैं?
किरन बोली- रम, विहस्की और बीयर!
मैने कहा- किरन तुम क्या लेती हो?

तो किरन बोली- रोहित, मै तो कभी कभी बीयर ही लेती हूँ।
मैने कहा- मेरे साथ लोगी?
किरन बोली- रोहित, मै तुम्हारे साथ जहर भी पी सकती हूँ।
मैने कहा- मजाक छोड़ो, चलो बीयर लेकर आओ।

किरन कहने लगी- हमने एक छोटा सा बार बना रखा हैं, जो भी तुमको चाहिये वो वहीं पर मिल जायेगा।

हम दोनों अन्दर बार में चले गये मैने देखा कि किरन के यहाँ पर तो पता नहीं किस किस तरह की शराब रखी थीं और साईड में एक बड़ा सा फ्रिज रखा था।

किरन ने फ्रिज से एक बोतल बीयर की निकाली और दो गिलास में डाली, एक मुझे दिया और एक खुद लिया और म्यूजिक ओन कर दिया।

गाना बज रहा था- ना जाओ सैंया छुड़ा के बईंयाँ!

किरन ने अपनी नाईटी उतार कर एक तरफ फेंक दी, मेरी बाहों में आकर बैठ गई और मेरे होठों को चूमने लगी, मेरी शर्ट के बटन खोल कर मेरी शर्ट निकाल दी।
उसके बाद मेरा बनियान को भी फ़ाड़ दिया और मेरी बेल्ट खोली और मेरी पेन्ट नीचे करके मेरा लन्ड निकाल कर चूसने लगी।

मैने भी किरन की चूचियों को ब्रा की कैद से निकाला और चूसने लगा, हाथ से मसलने लगा। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर पढ़ रहे हैंं।

छह मिनट तक हम दोनों ऐसे ही करते रहें, उसके बाद मैने किरन से कहा- तुम काउन्टर पर हाथ रख कर झुक जाओ!

किरन अपने हाथ काउन्टर पर रखकर झुक गई, मैने अपना लन्ड किरन की बूर पर सेट किया और धक्का मारा। मेरा लन्ड किरन की बूर में एक ही धक्के में जड़ तक पहुँच गया, किरन के मुँह से हल्की सी चीख निकली।

मैने किरन से कहा- कोई प्रोब्लम तो नहीं हैं?
किरन ने कहा- यार बहुत दिनों के बाद आज ऐसा लन्ड मिला हैंं, जो अन्दर तक जा सके।

कुछ देर रुकने के बाद मैने धक्के मारने शुरु किये, दस मिनट तक मै आराम से धक्के मारता रहा।

किरन को मजा आने लगा और किरन मेरा साथ देने लगी। पांच मिनट के बाद मैने भी अपना काम रस किरन की बूर में छोड़ दिया और किरन को बाहों में भरकर काउन्टर पर लेट गया। छह मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे।

उसके बाद हम दोनों उठे और बाथरुम में फ्रेश होकर आ गये। मैने किरन से कहा मेरे कपड़े दो, अब मै निकलता हूँ।

किरन बोली- रोहित, आज तो मै तुमको नहीं छोड़ सकती, तुमने जो मुझे मजा दिया वो सबसे अलग हैं।
मैने कहा- कोई बात नहीं, रोहित सबसे अलग होता हैं। आज तुम पूरा मजा लो!

उसके बाद मैने किरन को जबर्दस्त तरीके से ठोकना शुरु कर दिया। 10 मिनट में ही मेरा शरीर जवाब दे गया और मैने फ़िर किरन की बूर में अपना रस छोड़ दिया।
मै उसके बाद बाथरुम गया और फ्रेश होकर कपड़े पहने और अपने घर आ गया।

उसके दो दिन के बाद मैने किरन को फोन किया- कल दस बजे डाक्टर के पास जाना हैं।

मै किरन को डाक्टर के पास लेकर गया तो डाक्टर ने सब कुछ नार्मल बताया, उसके बाद हम दोनों हफ़्ते में चार बार मिलते रहे, किरन को चार महीने के बाद गर्भ रह गया।
मेरा अगला ग्राहक कौन था। तब कुछ समय के लिये इन्तज़ार करो।

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