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उसकी एक चूक ने उसे रंडी बना कर रख दिया

उसकी एक चूक ने उसे रंडी बना कर रख दिया

हैंल्लो दोस्तों, आज में आप सभी को जो यह कहानी सुनाने जा रहा हूँ यह एक लड़की पिंकी की हैं जो की मेरे साथ ही रहती हैं और वो मेरे साथ मेरी क्लास में पढ़ती हैं. दोस्तों मैने उन दिनों उसको देखा तब मुझे लगता था की वो बहुत ही ज्यादा दुखी उदास रहा करती थी और वो हमेशा थकी थकी भी लगती थी जैसे कोई रंडी पूरी रात सेक्स करके हो जाती हैं, उसकी हालत ठीक वैसी ही लगती थी. फिर मेरे मन में उसकी वो हालत देखकर सच जानने की इच्छा हुई.

एक दिन मैने उसके साथ बड़े ही प्यार से दो बातें करना शुरू कीया और फिर मैने उसको अपनी बातों में फँसाकर उससे पूछ ही लिया की उसको ऐसा क्या दुख हैं? जिसकी वजह से वो इतना दुखी नजर आती हैं. फिर उसने भी ना जान मेरे अंदर ऐसा क्या देखा की मुझे उसने अपनी कहानी को सुनाना शुरू कीया और उस घटना के बाद से अब उसका पूरा जीवन एकदम बदल चुका था. फिर उसने मुझे बताया की एक लड़का हैं, जिसका नाम पिंटू हैं, वो मेरी ट्यूशन में मेरे साथ ही पढ़ता था और साथ में पढ़ते हुए कुछ महीने के बाद उसने मुझसे अपने मन की बात कहकर अपने प्यार का इजहार कीया और वो दिखने में बहुत अच्छा लगता हैं इसलिए में भी उसको मना नहीं कर सकी और फिर हम दोनों रोज़ ट्यूशन के बाद बाहर कहीं घूमने जाने लगे थे.

अब मुझे वो और भी अच्छा लगने लगा था और मेरा उसको रोज़ रोज़ मिलने का मन ज़्यादा से ज़्यादा करने लगा था, इसलिए हमारा प्यार दिनों के साथ बढ़ता ही जा रहा था. अब अगर एक भी दिन में उससे नहीं मिलती तब मुझे ऐसा लगता था जैसे की हमे मिले कई दिन हो गये हैं इसलिए हम दोनों एक दूसरे से ज़्यादा से ज़्यादा मिलने लगे थे. फिर जब भी वो मुझे कहीं जाने के लिए कहता तो में उसकी बताई हुई जगह पर उसको मिलने चली जाती और में उसके साथ अपना समय बिताने लगी थी ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. अब धीरे धीरे हम दोनों बातें करते हुए इतने खुले हो गए की अब हम एक दूसरे से खुल्लम खुल्ला सेक्स की बातें भी करने लगे थे. अब मुझे उससे बात करना बहुत अच्छा लगता था और शायद उसको भी मेरे साथ अच्छा लगता था. हम अक्सर सेक्स की बातें एक दूसरे से करने लगे थे और पता नहीं कब मुझे सेक्स की बात करना बहुत अच्छा लगने लगा था, इसलिए अब जब भी में उसके साथ सेक्स की बातें करती, तब मुझे ऐसा लगता की जैसे मेरे पूरे शरीर में कुछ कुछ हो रहा हैं और में उसके साथ सेक्स की बातें करने में और भी ज्यादा रूचि दिखाने लगी थी.

फिर एक दिन उसका जन्मदिन था और दोपहर के समय उसका मेरे पास फोन आया और वो मुझसे कहने लगा की वो मुझसे मिलना चाहता था. फिर में जल्दी से तैयार हुई और अपनी ट्यूशन की कॉपी और कीताब को उठाकर में अपनी मम्मी को झूठ कहकर की आज मेरी ट्यूशन में एक टेस्ट हैं पिंटू की बताई हुई जगह पर पहुंच गई. अब मैने पहुंचकर देखा की वो उस समय अपनी गाड़ी में आया हुआ था और फिर हम दोनों खुश होकर उसकी जन्मदिन की खुशी में एक होटल में लंच करने चले गये और वापस आते हुए उसने अपनी गाड़ी को एक ऐसे रास्ते के बीच में खड़ी कर दी, जहाँ पर कोई भी आता जाता नहीं था. फिर उसने मुझसे कहा की पिंकी में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और में अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकता और यह बात कहते हुए उसने मेरा एक हाथ अपने हाथ में ले लिया. अब में भी उसको मना नहीं कर सकी, जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और फिर वो मुझसे प्यार की बातें करता हुआ धीरे धीरे मेरे सारे बदन पर एक बार अपने हाथ को घूमा चुका था. दोस्तों पहले तो मैने सिर्फ उसकी बात पर इतना ज्यादा ध्यान देते हुए उसके हाथ के बारे में बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया. फिर मुझे कुछ देर बाद महसूस हुआ की कुछ हैं जो मेरे सारे बदन पर बार बार चल रहा हैं और अब मैने पिंटू से कहा की तुम यह क्या कर रहे हो? वैसे तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था, लेकीन फिर भी में उसको दिखाने के लिए उसको मना कर रही थी.

अब पिंटू ने मुझसे कहा की पिंकी में आज अपने जन्मदिन पर तुमसे कुछ माँगना चाहता हूँ क्या तुम मुझे वो देना चाहोगी? मैने उसको कहा हाँ में दूंगी तुम माँगो तो सही. अब पिंटू ने कहा की तुम मेरी कसम खाकर कहो की तुम मना नहीं करोगी और वैसे भी अगर तुम मुझसे सच्चा प्यार करती हो और मेरे ऊपर तुम्हे विश्वास हैं, तब तुम बिल्कुल भी माना नहीं करोगे. अब मैने उसको कहा की हाँ ठीक हैं में बिल्कुल भी मना नहीं करूँगी तुम माँगो? पिंटू मुझसे दोबारा पूछने लगा क्यों तुम सच कह रही हो ना पिंकी? मैने कहा की हाँ में सच बोल रही हूँ. फिर पिंटू ने थोड़ा झिझकते हुए कहा की पिंकी में तुम्हे बिना कपड़ो के देखना चाहता हूँ और में तुम्हारी उस कपड़ो के पीछे छुपी हुई सुंदरता को बहुत करीब से देखना चाहता हूँ प्लीज़ तुम मुझे मना मत करना? और मुझे भी उस समय पता नहीं क्या हो गया था? इसलिए में भी उसको मना नहीं कर सकी. अब मैने हाँ कह दिया, उसके बाद उसने मेरे टॉप और जींस को एक एक करके उतार दिया. अब में उसके सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी, लेकीन उसने बिना देर कीए मेरी ब्रा को भी उतार दिया और अब वो बड़े ध्यान से मेरे बूब्स को देखने लगा. फिर उसने अपने मोबाइल से मेरी कुछ तस्वीर भी ली और मुझे नहीं पता था की जो वो सब मेरे साथ कर रहा था वो सब कार के पीछे वाले कांच में लगे वीडियो केमरा में टेप हो रहा था.

फिर उसने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए, मैने उसको कहा की यह तुम क्या कर रहे हो? तुमने तो सिर्फ़ मेरे बदन को देखने के लिए कहा था, लेकीन अब तुमने अपने भी कपड़े क्यों उतार दिए? उसने कहा की में तुम्हारे साथ नाइंसाफी नहीं करना चाहता की तुम बिना कपड़ो के और में कपड़ो में अच्छा नहीं लगता. अब मैने उसकी अंडरवियर की तरफ देखा तो उसका लण्ड बहुत बड़ा था और वो जोश में आकर पूरा तनकर खड़ा हुआ था, जैसे वो मेरी चुदाई पूरी करने के लिए तैयार हो गया था. फिर वो धीरे से मेरे पास आया और मेरे हाथ पर चूमते हुए वो कब मेरे मुहं तक और फिर कब मेरे होंठो तक पहुंच गया और मुझे पता ही नहीं चला. अब मुझे भी वो सब बहुत अच्छा लग रहा था, मेरा बदन भी धीरे धीरे गरम होता जा रहा था और अब मेरी बूर में तो मानो जैसे बहुत सारी चीटियाँ रेंग रही थी. फिर मुझे चूमते हुए ना जाने कब उसके हाथ मेरे बूब्स तक चले गए और मुझे तो यह भी पता नहीं चला की वो मेरे बूब्स को और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा था और मुझे भी उसके ज़्यादा मज़ा आने लगा था.

अब तो में भी उसका पूरा पूरा साथ देने लगी थी, वो एक बार मेरे सारे बदन पर कीस कर चुका था और अब मेरे अंदर की वो आग बढ़ती ही जा रही थी इसलिए मेरे मुहं से तो अब सिसकीयाँ निकलने लगी थी आहहहहा स्सीईईई फिर उसने मेरी पेंटी को भी निकाल दिया और अब उसने अपनी जीभ से मेरी बूर को चाटना शुरू कर दिया था. अब ज्यादा जोश की वजह से मेरे मुहं से सिसकीयों के साथ साथ अब गालियाँ भी निकल रही थी में उसको बोल रही थी हाँ डाल दे बहनचोद डाल दे मेरी बूर में तू अपनी पूरी जीभ को डाल दे, चोद मुझे अपनी जीभ से, हाँ चोद दे मुझे अहहहहहा. अब में अपने एक हाथ से उसके लण्ड को सहलाने लगी थी. फिर करीब दस मिनट तक उसने मेरी बूर को बहुत मज़े देकर अपनी जीभ से चोदा. फिर उसने मुझसे कहा की में भी उसके लण्ड को अपने मुहं में लेकर उसको चूसना शुरू करूं. अब मैने उसके एक बार कहने पर ही उसका लण्ड अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू कीया, उसका लण्ड करीब सात इंच का था वो ज्यादा मोटा होने की वजह से मेरे मुहं में भी नहीं आ रहा था.

फिर भी मैने मज़े लेकर उसके लण्ड को कम से कम दस मिनट तक चूसा और फिर उसने मुझे कार की सीट पर लेटा दिया और कहा की में अपने दोनों पैरों को पूरा खोल लूँ जिसकी वजह से उसके लण्ड को मेरी बूर के अंदर जाने में कोई समस्या ना हो और मैने भी ठीक वैसा ही कीया, जैसा वो मुझसे कहता रहा. अब उसने अपनी कार के अंदर से वेसलिन की क्रीम निकालकर मेरी बूर पर लगाना शुरू कीया और फिर अपना लण्ड मेरी बूर के मुहं पर रखकर उसको वो आगे पीछे करने लगा और फिर जो उसने एकदम से उसने मेरी बूर में अपने लण्ड को एक जोरदार धक्के से डाला. दोस्तों मेरी बूर तो मानो फट ही गई हो, उसके उस एक ही झटके में उसका आधा लण्ड मेरी बूर के अंदर चला गया था और में दर्द की वजह से मरी जा रही थी. में तड़पने लगी थी और में बड़ी ज़ोर से चिल्ला उठी और उससे कहने लगी बहनचोद मेरी बूर को फाड़ दिया तूने आह्ह्हह्ह अब तू बाहर निकाल ले अपने इस लण्ड को मेरी बूर से. अब उसने धीरे से अपने लण्ड को बाहर निकाला और मैने देखा की मेरी बूर से खून निकलने लगा था और में वो सब देखकर डर गई और मैने उसको सुनाना शुरू कीया और उससे कहा बहनचोद तूने तो मेरी बूर ही फाड़ डाली अब क्या होगा?

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फिर पिंटू बड़े प्यार से बोला जान मुझे कुछ करने तो दे और यह कहकर उसने मेरे बूब्स को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू कर दिया और थोड़ी देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और फिर उसने अपना लण्ड मेरी बूर के मुहं पर लगाकर जो एक जोरदार धक्का मारा. दोस्तों उसकी वजह से मेरी तो जैसे जान ही निकल गई और जब उसका पूरा लण्ड मेरी बूर में चला गया में और भी ज़ोर से चिल्ला उठी. अब उसने एक बार फिर से मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया और मुझे कुछ राहत मिलने लगी. फिर मुझे थोड़ी ही देर के बाद सब कुछ ठीक सा लगने लगा और मुझे अपनी बूर की चुदाई करवाने में पूरा पूरा मज़ा आने लगा था. फिर पिंटू ने मेरी बूर में अपने लंबे लण्ड से 15-20 धक्के और लगाए जो की बहुत ही तेज थे और में उसकी छाती से लगकर झड़ गई, लेकीन पिंटू तो अभी भी धक्के देने में लगा हुआ था. दोस्तों मेरे झड़ने के बाद भी मेरे मुहं से सिसकीयाँ निकलना बंद नहीं हुई थी अहहहा ओह्ह्ह पिंटू मेरी जान चोदो और ज़ोर ज़ोर से चोदो तुम मुझे आज मेरी बूर को फाड़ ही दो ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ और फिर करीब पांच मिनट के बाद ही पिंटू जोरदार धक्के लगाकर मेरी बूर में ही झड़ गया उस समय में तो जैसे जन्नत में थी.

फिर हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और वहां से चलकर फिर पास वाले एक रेस्टोरेंट में जाकर बैठ गये, हमने ठंडा पिया और उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर चले गये. दोस्तों अपने घर जाकर मुझे बहुत ख़ुशी भी थी और डर भी लग रहा था की कहीं कुछ हो ना जाए? फिर मुझे याद आया की पिंटू ने उस समय मेरी कुछ तस्वीरे ली थी और कहीं वो उनका कुछ ग़लत फ़ायदा तो नहीं उठाएगा? लेकीन मुझे पिंटू पर पूरा पूरा भरोसा था की वो मेरे साथ कभी भी ऐसा नहीं करेगा. फिर में रात को सोते हुए खुश होकर यह सोच रही थी की चाहे कुछ भी हो आज बूर मरवाने में मुझे बहुत ही मजा आया और अब मुझे पता चला की सभी को सेक्स करना इतना अच्छा क्यों लगता हैं? फिर में उस अगले दिन का इंतजार करने लगी की कब पिंटू मुझे दोबारा बुलाए और वो एक बार फिर से मेरी बूर को ऐसे ही मारे. दोस्तों सच कहूँ तो मुझे एक बार अपनी बूर को मरवाकर अब अपनी बूर को मरवाने का नशा सा हो गया था. फिर दो दिन बाद पिंटू का फोन आया और उसने मुझे अपने घर पर बुलाया था.

उस समय उसके सभी घरवाले कहीं बाहर गये हुए थे और वो उसी रात को वापस भी आने वाले थे. अब में जल्दी से तैयार होकर उसके घर के लिए चली गई और वहां पर जाते ही पिंटू ने मुझे अंदर लेकर घर का दरवाजा बंद करके मुझे पीछे से पकड़कर अपने बेड पर फेंक दिया और वो मेरे ऊपर लेटकर बिना रुके मुझे कीस लेने लगा, मानो जैसे वो पागल ही हो गया हो और वो कहने लगा ओहह मेरी जान पिंकी में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ. फिर मैने उसको कहा की छोड़ो पिंटू अरे यार में आज पहली बार तुम्हारे घर आई हूँ कम से कम तुम मुझे पानी तो पिला दो, तुम क्या आते ही सेक्स करने में लगे हुए हो? फिर पिंटू मेरे लिए एक काँच के गिलास में पानी ले आया. अब मैने पानी पीया और फिर जाकर हम दोनों बेड पर लेट गये और मैने बेड के पास ही रखी हुई कीताबों की सबसे ऊपर वाली कीताब को उठाकर पढ़ना शुरू कीया. उस कीताब में एक सेक्स करती हुई लड़की की कुछ नंगी फोटो दिखी और उनको देखकर एक बार फिर से मेरी बूर में चुदाई का पानी छूट गया और मेरी बूर में पिंटू का लण्ड लेने का विचार आने लगा. फिर पिंटू के आते ही उसने वो कीताब मेरे हाथ से लेकर एक तरफ उसको वहीं पर रख दिया और कहा की पिंकी मेरी जान क्या हम आज भी सेक्स कर सकते हैं?

फिर मैने शरमाते हुए पिंटू से कहा की पिंटू अब में तो बस तुम्हारी ही हूँ. जो भी तुम मुझसे कहोगे में वैसा ही करूंगी. अब पिंटू ने खुश होकर कहा क्या सच तुम वही करोगी जो में तुमसे कहूँगा? मैने उसको कहा की हाँ में वही सब करूँगी और फिर पिंटू ने धीरे से मेरे कान में कहा की वो आज मेरी गांड मारना चाहता हैं. अब में उसके मुहं से यह शब्द सुनकर एक मिनट के लिए तो बिल्कुल चुप हो गई, फिर मैने उसको कहा की कल तुमने मेरी बूर मारी थी उसकी वजह से अभी तक मेरे नीचे के हिस्से में दर्द खत्म नहीं हुआ जो तुम्हारे सात इंच के लण्ड के अंदर जाने के बाद हुआ था और आज तुम मेरी गांड मारने के लिए कह रहे हो, आज तो मेरी गांड पूरी ही फाट जाएगी, तुम्हारा यह इतना बड़ा लण्ड कैसे जाएगा? नहीं बाबा नहीं मुझे ऐसा नहीं करना. अब पिंटू ने मुझसे कहा क्या तुम्हे मेरे ऊपर विश्वास नहीं हैं? मैने कहा की हाँ हैं. पिंटू ने कहा तो फिर क्या डरने वाली बात हैं? चलो अब तुम जल्दी से अपने सारे कपड़े उतरो.

अब मैने उसके कहने पर जल्दी से अपने सभी कपड़े उतार दिए और में पूरी नंगी होकर पिंटू के सामने लेट गई और पिंटू ने भी अपने सभी कपड़े तुरंत ही उतारकर वो भी मेरे सामने नंगा होकर लेटा हुआ था. फिर पिंटू ने अपना लण्ड मेरे मुहं में डाल दिया, उसका सारा लण्ड मेरे मुहं में जा चुका था और वो अब मेरे हलक को छू रहा था जिसकी वजह से मेरी साँसे बंद होने वाली थी और फिर उसने मेरे मुहं से अपना लण्ड बाहर निकाल दिया और मुझसे कहा की में अपनी गांड में खुद ही सामने रखी क्रीम को लगा लूँ जिसकी वजह से गांड मरवाते हुए ज्यादा दर्द ना हो. फिर में गई और क्रीम का डब्बा उठाकर ले आई और में पिंटू को कहने लगी की यह लो तुम ही लगा दो मेरी गांड में और फिर पिंटू के मुहं की तरफ अपनी गांड को खोलकर कुत्ते की तरह में खड़ी हो गई. फिर पिंटू ने बहुत सारा क्रीम लेकर मेरी गांड में लगा दिया और अपने लण्ड पर उसने सरसों का तेल लगा लिया और अब अपना लण्ड उसने मेरी गांड के मुहं पर रखकर धीरे से अंदर डालना शुरू कीया. दोस्तों इतनी सारी लगे क्रीम और तेल उसके लण्ड पर लगे होने की वजह से लण्ड फिसलता हुआ झट से मेरी गांड में चला गया.

अब मुझे ऐसा लगा की मानो जैसे कोई बहुत ही बड़ा डंडा मेरी गांड में जो बहुत ही गरम हैं उसने जबरदस्ती अंदर डाल दिया हो और मेरी गांड में तो जैसे ज्वालामुखी फट गई हो, इतना दर्द हो रहा था. अब मैने उस दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाकर पिंटू से कहा की बहन के लण्ड, कुत्ते तू आज क्या मेरी गांड को फड़ेगा? आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अब तू निकाल बाहर अपना लण्ड बहनचोद. फिर उसने पीछे से ही धीरे धीरे मेरे बूब्स को मसलना शुरू कीया और वो धीरे धीरे अपने लण्ड को अंदर बाहर करने लगा, करीब दस मिनट के बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और मुझे भी मज़ा आने लगा और फिर पिंटू ने बीस मिनट के बाद कई जोरदार धक्के के बाद अपना सारा माल मेरी गांड में ही छोड़ दिया और वो मुझे सीधा करके मेरे ऊपर लेट गया कुछ देर के बाद उठकर उसने मेरे सारे बदन पर कल की तरह ही चूमना शुरू कीया और फिर से मेरी बूर में अपने लण्ड को डालकर धक्के मारने शुरू कीए और इस बार उसने मेरे बूब्स की चुदाई भी की और अपना सारा माल मेरे मुहं में ही छोड़ दिया और में भी मज़े मज़े में उसका सारा माल पी गई. अब भी पिंटू ने मुझे नहीं छोड़ा और शाम को फिर उसने दो बार मुझे जमकर चोदकर ही अपने घर भेज दिया.

दोस्तों उस दिन और पूरी रात को मेरी बूर और गांड में बड़ा तेज दर्द हो रहा था, इसलिए मैने अपने कमरे में रात को अपनी बूर और गांड पर दर्द कम होने की दवाई लगाकर मुझे बिना पेंटी और पजामा अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर सोना पड़ा. फिर पिंटू का कुछ दिनों के बाद मेरे पास फोन आया और उसने मुझे अपने एक दोस्त राज के घर पर बुलाया और में उस दिन भी बिना कुछ सोचे समझे उसके बताए हुए पते पर चली गई. फिर वहां पर पहुंचकर मैने देखा की पिंटू के दो दोस्त जिनका नाम राज और रवि हैं वो तीनों पहले से ही बैठकर मेरा इंतजार कर रहे थे. अब मैने पिंटू से कहा की तुमने मुझे यहाँ पर इन सभी के साथ क्यों बुलाया? उसने कहा की तुम्हे कुछ दिखाना हैं? और उसने फिर राज के कंप्यूटर में एक सीडी को लगा दिया और जैसे ही उसने उसको शुरू कीया. फिर वो द्रश्य देखकर मेरी ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की सांस नीचे ही रह गई उसमे वो सब कुछ था जो हम दोनों ने साथ में मिलकर दो दिनों पहले जो सेक्स कीया था. अब मैने देखा की पिंटू ने जब मेरी पहली बार सील तोड़ी थी और जब उसने मेरी गांड भी पहली बार मारी थी, उसमे वो सब कुछ था और वो सब देखने में ऐसा लग रहा था जैसे की मैने ही पिंटू को कहा हो वो सब करने के लिए.

अब उस समय मेरे माथे पर से पसीने छूटने लगा था में वो सब देखकर बहुत चिंतित होकर अब डरने भी लगी थी. फिर उसी समय पिंटू ने अपना रुमाल मुझे देते हुए कहा की तुम डरो मत हम यह सीडी कीसी को नहीं दिखाएगे. अब मैने उसको कहा की प्लीज़ पिंटू यह सीडी तुम कीसी को मत दिखाना, नहीं तो में कीसी को मुहं दिखाने के लायक भी नहीं रहूंगी, प्लीज़ पिंटू में तुम्हारे सामने हाथ जोड़ती हूँ प्लीज और अब में पिंटू के सामने ही रोने लगी. अब पिंटू ने मुझे चुप करवाया और मुझसे कहा की तुम इतना दुखी मत हो, हम यह सीडी कीसी को नहीं दिखाएगें, लेकीन तुम्हे वहीं सब करना होगा जो हम तुमसे अब आगे से कहेंगे. अब मैने उसको कहा की जो तुम मुझसे कहोगे में वो जरुर करूंगी, लेकीन तुम यह सीडी कीसी को मत दिखाना प्लीज. अब वो बोला हाँ ठीक हैं तो में तुम्हारे साथ अभी यहीं पर सेक्स करना चाहता हूँ राज और रवि के सामने में तुम्हारी चुदाई के मज़े लेना चाहता हूँ. अब मैने उसको कहा की प्लीज पिंटू तुम ऐसा मत करो तुम तो मुझे बहुत प्यार करते थे और फिर तुम आज अपने प्यार की नुमाइश ऐसे सभी के सामने करोगे क्या? मैने ऐसे ही कई बातें पिंटू से कही और उसको मैने बहुत मनाने की कोशिश की.

फिर उसने मुझसे गुस्से में कहा की बहन की लोड़ी क्या तेरी समझ में नहीं आता? जो मैने तुझे एक बार कह दिया वो चुपचाप कर ले नहीं तो यह सीडी में तेरे ही घरवालों को सबसे पहले दे दूँगा और फिर देख लेना क्या होगा? चल बहन की लोड़ी उतार अपने सभी कपड़े जल्दी से. फिर मुझे मजबूरन पिंटू के साथ राज और रवि के सामने सेक्स करना पड़ा, पिंटू के दोस्त ने उसकी भी रिकोर्डिंग कर ली और फिर उन्होंने मुझे एक नकली लण्ड दिया और मुझसे कहा की चल एक ऐसे वीडियो बनवा जिसमे तू अकेली ही इस नकली लण्ड से सेक्स कर रही हो चल रंडी जल्दी से कर हमारे पास टाइम नहीं हैं. फिर मुझे वो सब भी करना पड़ा और उन्होंने उसकी भी वीडियो बना ली और फिर पिंटू तो मुझे रोज रोज ही कहीं ना कहीं बुला लेते और वो मेरे साथ जी भरकर सेक्स करता और फिर उसके बाद वो चला जाता. एक दिन उसने मुझे फिर रवि के घर बुलाया और मुझसे कहा की आज में नहीं राज और रवि तुम्हारे साथ सेक्स करेंगे और जगह बची तो में भी कहीं ना कहीं अपना लण्ड डाल ही लूँगा.

दोस्तों उसके मुहं से यह सब सुनकर मेरे तो पैरों के नीचे से जैसे ज़मीन ही सरक गई हो और फिर मुझे उसने उन दोनों का लण्ड अपने कपड़े उतारकर एक साथ चूसने को कहा और उनमे से रवि का लण्ड तो पिंटू से भी ज़्यादा बड़ा था और वो कह रहा था जल्दी करो ऊह्ह्ह रंडी जल्दी करो. फिर मैने उन दोनों का लण्ड चूसा और राज फिर जल्दी ही हटकर मेरी बूर में उसने अपना लण्ड डालकर तेज धक्के देकर चुदाई करते हुए उसने अपना वीर्य मेरी बूर में डालकर वो झड़ गया. फिर उस रवि ने तो मानो मेरी जान ही निकाल दी, उसके लण्ड के मेरी बूर में जाते ही मुझे लगा की मेरी बूर बस अब फटने ही वाली थी और फिर उस बहन के लोड़े ने मेरी गांड भी मारी और अपना सारा वीर्य मेरी गांड में ना छोड़कर मेरे मुहं में ही छोड़ दिया. फिर उसने मुझे वो उसका सारा वीर्य अपने गले से नीचे गटकने के लिए कहा और मैने भी ठीक वैसा ही कीया, बस और क्या था? दोस्तों अब यह तीनों हर दो तीन दिनों बाद मुझे एक दूसरे के घर बुलाते और चुदक्कड़ रंडी की तरह अपनी मनमानी करके वो मेरी जमकर चुदाई करते, कभी वो कुतिया की तरह तो कभी कीसी और कभी कीसी दूसरी तरह से वो कभी मेरी गांड मारते और कभी मेरी बूर में अपने लण्ड को डालकर कीसी रंडी की तरह मेरी चुदाई करते और कभी वो मेरे मुहं में अपने लण्ड को डालकर मेरी चुदाई भी करते. उन तीनों ने मिलकर मुझे एक रंडी अपनी रखेल बनाकर अपने साथ रखा और में उनके साथ अपनी चुदाई करवाती रही.

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