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एक अनजान लड़की की चूत फाड् डाला

Antarvasna :- एक अनजान लड़की की चूत फाड् डाला

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हेलो फ्रेंड, मेरा नाम विनय है और मै आगरा का रहने वाला हु. मेरी ऐज 23 इयर्स है एंड मै एक कंपनी में इडीपी मेनेजर हु. दोस्तों, मुझे सेक्स स्टोरी पढने का बहुत शौक है. हलाकि स्टोरी बहुत सी फेक होती है. बट पढने में मजा आता है. अपनी स्टोरी बताने से पहले,

मैने आपको अपने बारे में बता दू. मेरी बॉडी स्लिम है और मेरे डिक का साइज़ 7 इंच है. मेरी हाइट ५.५ इंच है. देखने में सांवला हु.. मीन्स नॉट वाइट नॉट ब्लैक. अब ज्यादा इंतज़ार ना करते हुए, अपनी स्टोरी पर आता हु. बात उन दिनों की है, जब मैने जॉब किया ही था. मै सुबह ऑफिस जाता और शाम को घर आता. बस इतनी ही थी मेरी लाइफ. मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी, जिसके साथ मै कहीं घुमने जा सकू. बस ऐसे ही चल रहा था. मै हर रोज़ स्टैंड पर खड़ा होता और लडकियों को देखता. सभी अपने बॉयफ्रेंड के साथ होती थी. कुछ महीने ऐसे ही गुजर गए. फिर दिवाली का त्यौहार आने वाला था. हम सभी ऑफिस का स्टाफ दिवाली की तैयारी कर रहे थे. दिवाली से एक दिन पहले, मै रोजाना के रूटीन की तरह स्टैंड पर खड़ा हुआ था. तभी वहां एक लड़की आई. दिखने में बहुत खुबसूरत 32 28 32 का था. मै उसे देखता ही रह गया. वो रास्ता भटक गयी थी. वहां उस टाइम बहुत लोग थे, जिनसे वो रास्ता पूछ रही थी.. बट किसी को पता नहीं चल पा रहा था, कि वो जाना कहाँ चाहती है? फिर वो मेरे पास आई और मुझे पूछने लगी.. मुझे आगरा काँटोंमन बोर्ड जाना है. यहाँ से कौन सी बस मिलेगी? मैने कहा – यहाँ से 407 मिल जायेगी. जो आपको वहां उतार देगी. उसके बाद हम दोनों स्टैंड पर बैठ गए. करीबन १/२ घंटा बीत गया.. कोई बस नहीं आई. मै उसके बस में चड़ने का इंतज़ार कर रहा था. फिर उसने मुझ से पूछा, कि 407 की सर्विस कम है क्या? मैने कहा – नहीं. लेकिन दिवाली का टाइम है. तो हो सकता है, कि सर्विस कम हो गयी हो. सॉरी.. इन साब बातो में, मैने उसका नाम तो बताना ही भूल गया.. उसका नाम एलिन था. उसके बाद मैने उसे बोला, आप मेरे साथ चलो. मै आपको अपने घर के पास वाले स्टैंड से बैठा दूंगा. वहां से बस जाती है आपके स्टैंड पर. मै उसको अपने साथ अपने घर के पास वाले स्टैंड पर ले गया. वहां पर भी काफी इंतज़ार करने के बाद जब बस नहीं आई, तो मैने उसको बोला, कि चलो ऑटो कर लेते है. मै आपको आपके स्टैंड पर छोड़ दूंगा. उसने कहा – ओके. मैने ऑटो रुकवाया और उसके साथ उसको छोड़ने के लिए चला गया. उसने मुझे मना किया, कि आप रहने दो. मैने उसको कहा, मैने जिम्मेदारी उठाई है. तो निभानी तो पड़ेगी. फिर हम दोनों ऑटो में बैठे. उसने मुझे थैंक्स बोला और कहा, आप मेरे फ्रेंड बनोगे? मैने कहा – हाँ. फिर उसने मुझे अपना नंबर दिया. मैने उसकी हेल्प इंसानियत के नाते की थी. मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं था. उसका नंबर मैने मिलाया, तो वो ऑफ था. मुझे लगा, कि वो मुझे बेफ्कुफ़ बना रही है. उसे छोड़ने के बाद मै घर आया और उसे मेसेज भेजा. उसका कोई रिप्लाई नहीं आया. अगले दिन दिवाली थी. मैने उसको सुबह से ले कर शाम तक कॉल किया. लेकिन उसका नंबर ऑफ था. मुझे लगा, कि वो मुझे बेफ्कुफ़ बना गयी. मैने कॉल करना छोड़ दिया. दिवाली के नेक्स्ट डे, मुझे एक नंबर से कॉल आया. उसने मुझे कहा कि वो एलिन बोल रही है. मुझे तो यकीं ही नहीं हुआ. फिर हम दोनों फ़ोन पर बातें करने लगे. करीबन १ मंथ हम दोनों ने पूरी – पूरी रात बात की. उसे मुझ से प्यार हो गया था और मुझे भी. फिर मैने एक दिन उसको पूछा – क्या तुमने पोर्न देखि है? उसने कहा – नहीं. मैने कहा – मै तुम्हे व्हात्सप्प कर देता हु. तुम देखना. बहुत अच्छी है और मैने उसको भेज दिया. उसने पोर्न देखि और कहा – क्या हम भी यहीं करेंगे? मैने कहा – हाँ, लेकिन शादी के बाद. फिर हम दोनों मिले और उसने मुझे कहा – मुझे सेक्स करना है तुम्हारे साथ. मैने कहा – या, अभी बहुत टाइम है. उसने कहा – प्लीज. मैने कहा – ओके. ठीक है. मेरे पास एक फ्रेंड के घर की चाबी है. वो आगरा से बाहर गया था. मै उसे वहां ले गया. वहां जा कर हम दोनों फ्रेश हुए. मै पहली बार सेक्स करने वाला था. समझ ही नहीं आ रहा था, कि कहाँ से शुरू करू? उसने फिर मुझे किस किया और हम दोनों एक दुसरे को किस करने लगे. मैने उसकी टीशर्ट उतारी. उसने ब्रा नहीं पहनी थी. उसके बूब्स देख कर, मै देखता ही रह गया. क्या गोल और मोटे – मोटे थे यार.. देखते ही अलग फीलिंग आ रही थी. मैने उसके बूब्स को चूसा.. क्या नरम बूब्स थे. वाह.. मै उन्हें चूसने लगा.. वो सिसकिय भरने लगी अहः अहः अहाहहः अहहाह मै चूसता रहा. वो एकदम लाल हो गए थे. फिर मैने उसकी जीन्स को उतार दिया. उसने पेंटी भी नहीं पहनी थी. उसकी चुत देख कर तो मेरा लण्ड सलामी मारने लगा. क्या लाल चुत थी यार! एकदम क्लीन शेव और गोरी. मैने उसको लेटाया और उसकी तंगी फैला कर उसकी चुत को चाटने लगा. क्या नमकीन चुत थी उसकी. वो सिस्कारिया भर रही थी. फिर हम दोनों कब ६९ की पोजीशन में आ गए, पता ही नहीं चला? वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मै उसकी चुत को चाट रहा था. करिबन आधा घंटा ऐसा ही करने के बाद हम दोनों एक दुसरे के मुह पर ही झड़ गए.. उसके पानी मस्ती टेस्टी था. ५ मिनट रेस्ट करने के बाद, मैने उसको किस किया और करता रहा. मैने लण्ड फिर से तैयार किया और वो भी गरम हो चुकी थी. अब मै उसके ऊपर आ गया. मैने उसकी कमर के नीचे एक पिलो लगा दिया. वो कहने लगी, प्लीज और मत तड़पाओ.. मेरी चुत फाड़ दो. मैने उसकी चुत पर अपना लण्ड रखा और गुसाने की कोशिश कर रहा था. लेकिन लण्ड घुस ही नहीं रहा था. मैने उस से कहा, इसे गीला करो. तो उसने मेरे लण्ड को अपने मुह में ले लिया और पूरा गीला कर दिया. क्या मस्त फीलिंग थी यारो. फिर मैने एक बार और लण्ड को चुत पर रखा और धक्का मारा. मेरे लण्ड का टोपा थोडा सा अन्दर घुस गया. उसकी चीख निकल गयी. उसकी आँखों से आंसू निकल गए. मैने एक और धक्का मारा और आधा लण्ड उसकी चुत में घुस गया. वो जोर – जोर से से चिल्ला रही थी. मैने अपने होठ उसके होठो पर रख दिए और एक और झटका मारा. फिर मै उसके ऊपर लेट गया. अब मेरा पूरा लण्ड उसकी चुत में घुस चूका था. कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद, मैने अपना लण्ड धीरे – धीरे हिलाना शुरू किया. मैने फिर उसको पूछा – कैसा लग रहा है? उसने कहा – अच्छा लग रहा है. अब मैने अपना लण्ड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. वो सिस्कारिया भर रही थी ऊओह्ह .. एस… ऊह्ह्होह…. अहहाह… तेज करो. फाड़ दो… फाड़ दो मेरी चुत को… प्लीज जोर – जोर से करो… मैने भी जोर से झटके मारने शुरू कर दिए. वो भी एस – एस – कर रही थी.. उसकी चुत खून में सनी हुई थी.. मै उसे चोदे जा रहा था. कोई आधा घंटा ये सब करने के बाद हम दोनों झड़ गए और लेट गए. थोड़ी देर रेस्ट करने के बाद, हम दोनों उठे. बेडशीट पूरी गन्दी हो गयी थी हम दोनों के कम से और खून से.. हम दोनों ने फिर एक दुसरे को साफ़ किया और कपडे पहन कर चले गए. स्टोरी कैसी लगी, जरुर बताना…

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