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चूत चुदाई किया निचोड़ निचोड़ कर

चूत चुदाई किया निचोड़ निचोड़ कर

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मै राकेश.. जब 12वीं में था तथा मेरी बहन सेकंड इयर में थी। मुझे खुद पता नहीं था कि कभी ऐसा होगा। मेरी बहन मस्त गोरी चिकनी है, उसकि फ़िगर 32-30-34 है, हमारे घर में मॉम-डैड और हम दोनों हैं। मै मेरी बहन के साथ एक कमरे में सोता था।

मै जमीन पर बिस्तर लगा कर सोता था। मुझे बहुत होमवर्क मिलता था तो मेरी पीठ में दर्द रहता था। एक बार मेरी मॉम के मोबाइल पर एडल्ट जोक्स कि सर्विस एक्टिवेट हो गई। मुझे इस बारे में पता नहीं था। मेरी बहन ने 3 जोक्स पढ़े और हँसने लगी। मैने पूछा- क्या हुआ? तो वो बोली- ये देख कैसे जोक्स आए हैं। मुझे पता नहीं था कि मेरी बहन ऐसे मामलों में सब समझने लगी है। अगले दिन फ़िर जोक्स आए.. मैने वो मेरी बहन सिमा को सुनाए.. तो वो उसे कुछ समझ में नहीं आया.. पर मैने थोड़ा खुलकर उसे समझा दिया। अब तो ये रोज का काम हो गया.. मुझे लगा सिमा सब सीखना चाहती है। मैने उसे बताया- ऐसी फ़िल्में भी होती हैं। उन दिनों हमारे पास मोबाइल नहीं था। सिर्फ मॉम के मोबाइल से ही काम चलाना पड़ता था। मै एक बात बताना चाहता हूँ कि मै तब तक समझता तो सब था.. पर मैने कभी मुठ नहीं मारी थी.. तो मै हमेशा सेक्स के लिए मरता था। मुठ ना मारने कि वजह से मेरा लौड़ा लगभग हमेशा सख्त रहता था। इस अहसास का मजा केवल मै ही महसूस कर सकता हूँ। इस वजह से मुझे अपनी बाँहों में एक अलग ही मजबूती महसूस होती ही और मेरी छाती ज्यादा मजबूत है। आप भी कभी 10 दिन तक बिना मुठ मारे रहना.. तो मर्दानगी का जो एक मजबूत अहसास होता है.. वो अलग ही होता है। धीरे-धीरे मै रोज अपनी बहन को कुछ ना कुछ सेक्स के बारे में बताता रहता था। अन्तर्वासना कि सेक्स स्टोरी के बारे में मेरे दोस्त मुझे बताते थे.. वो मेरे कमरे में मै सिमा को बताता था। मै अपना काम पूरा करता.. तब तक वो इन्तजार करती थी.. मतलब सोती नहीं थी। मैने उसे एक बार अन्तर्वासना कि एक चुदाई कि कहानी सुनाई.. तो उसे एक पोजीशन समझ में नहीं आई। मैने समझाने कि कोशीश कि.. पर वो नहीं समझी। मैने कहा- अब रहने दे.. तो वो नहीं मानी। मैने परेशान होकर कहा- करके समझाऊँ क्या.. तब आ जाएगा समझ में? किस्मत से वो मान गई.. पर सिमा ने कहा- मै कपड़े नहीं खोलूँगी और लाइट बन्द कर दे। मैने कहा- ओके.. वो घोड़ी वाली पोजीशन थी। मैने सिमा को पहले घोड़ी बनाया और उसे ऐसा ही रहने को कहा। फ़िर मैने पूछा- मै कैपरी तो खोल लूँ..? वो मान गई.. मेरा लौड़ा तो खड़ा ही था। मै उसके पीछे गया और चुदाई का एक्शन करके बताया। हम दोनों को बहुत मजा आया। ऐसे में रोज उसे पोर्न कहानी सुनाता था और एक्शन करके समझाता था। अब तो मै चाहता था कि मै उसे चोद डालूँ.. अगली रात को उसे 69 वाला पोज समझ में नहीं आया। मैने शर्त रखी कि तुझे भी अपनी कैपरी खोलनी पड़ेगी.. ऐसे समझ में नहीं आएगा। वो मान गई। मगर 69 के पोज में उसने मेरा लन्ड नहीं चूसा.. पर मैने हल्कि सी उसकि बूर चाटी। सिमा को ऐसे चड्डी में देख कर लन्ड मस्त कड़क हो गया था। उसे मैने यह बताया था कि लड़कों का हर वक्त खड़ा नहीं रहता.. उसने मुझसे ये बात पूछी थी.. तो मैने बताया कि मै मुठ नहीं मारता हूँ। ऐसे ही मै रोज उसे चड्डी में देख कर तड़प कर रह जाता था। एक बार मैने सिमा से एक पोज में उसका टॉप भी खुलवा लिया..। एक दिन मैने उसे एक पोज बताया.. जिसमें लड़कि करवट बदल कर लेटे हुए होती है और लड़का आकर उसकि गाण्ड में लन्ड डाल देता है। उस पागल को ये समझ में नहीं आया.. मैने पोज भी बनाया.. पर वो नहीं समझी.. मैने कहा- पहले अपन दोनों पूरे नंगे हो जाते हैं। थोड़ा कहने पर वो मान गई। मैने उसके बूरड़ों कि दरार में अपना 6 इन्ची का लौड़ा फंसा दिया। अब मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था.. तो मै हल्के-हल्के धक्के मारने लगा। सिमा बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो? तो मैने कहा- तुम्हें समझाने के लिए.. फ़िर मैने उसे घुमाकर पीठ के बल लेटा दिया और उसके मुँह पर हाथ रख कर दूसरे हाथ से लौड़ा उसकि बूर पर सैट करके जोर से धक्का लगा दिया। शायद वो एरोबिक किया करती थी.. इस वजह से उसकि सील टूट चुकि थी। वो कुछ समझती.. इससे पहले मैने उसके दोनों हाथों को फ़ैला कर अपने हाथों से दबा दिए और अपने पैरों से उसके दोनों पैरों को भी जकड़ लिया। वो चिल्लाये नहीं.. इसलिए उसके होंठों को मैने अपने होंठों से दबा दिया और बिना कुछ सोचे मै धक्के मारने लगा। पहले तो 5 मिनट तक सिमा ने मुझसे छूटने कि बहुत कोशिश कि.. पर मै नहीं हटा.. पर फ़िर मैने महसूस किया कि अब सिमा भी नीचे से बूरड़ उछाल कर मेरा साथ दे रही है। फ़िर मैने उसके हाथों और पैरों को छोड़ दिया। सिमा को थोड़ा ऊपर उठाकर मै उसे चुम्मी करने लगा। वो मेरा साथ देने लगी.. नीचे से चुदाई चालू थी.. हम बेपनाह एक-दूसरे को चूम रहे थे.. ऐसा लग रहा था हमारी साँसें खत्म हो रही हैं.. हम एक-दूसरे के मुँह से सांस ले रहे थे। हमें एक-दूसरे के शरीर में चिपटना अच्छा लग रहा था। एक-दूसरे को पी जाना चाहते थे.. अचानक उसने खुद को जोर से भींचा.. वो अकड़ने लगी। मै समझ गया कि सिमा अब झड़ने वाली है.. तब भी मै चोदता रहा। उसके नाखून मेरी कमर पर गड़ गए.. पर मै अभी नहीं झड़ा था। जैसे ही सिमा झड़ने लगी.. उसने मुझे जकड़ लिया, मैने अपना लौड़ा बाहर निकाल लिया.. मैने उसे ‘लव यू’ कहा और एक प्यार भरा चुम्मा दिया। अब हम दोनों एक-दूसरे के बदन को सहला रहे थे.. मैने फिर से धीरे-धीरे उसकि बूर में उंगली करना शुरू किया.. और उसके बोबे सहलाने लगा और चूसने लगा। आप ही सोचो दोस्तो.. जिसकि बहन ऐसे आलिंगित हो.. जिसने अपनी बहन को ऐसे चोदा हो.. और अभी तक झड़ा ना हो.. उसकि क्या हालत होगी! मै अपनी हसीना को वापस तैयार कर चुका था। मैने सिमा को इस बार कुतिया बनाया.. और अपना अपना 6 इंची लन्ड उसकि बूर में घिसने लगा.. वो भी पीछे बराबर धक्के लगा रही थी.. पर मै कुछ ज्यादा जोश में था। मैने उसके हवा में हिलते हुए मम्मों को पकड़ लिया और उन्हें जोर-जोर से हाथों से दबाने लगा। अब उस मस्त हुस्न कि मलिका को मेरी इस हरकत से दर्द होने लगा.. पर बूर में बराबर मजा भी आ रहा था। उसने अपना मुँह तकिए में दबा लिया था.. जिससे आवाज बाहर ना जाए। लन्ड और बूर कि अभी भी लड़ाई चल रही थी। मै अपने पूरे उफ़ान पर था। मै चाह रहा था कि अपनी पूरी ताकत सिमा को खुश करने में लगा दूँ। पूरा बिस्तर हिल रहा था। अब मै झड़ने वाला था.. उसकि बूर गीली होने लगी.. वो फ़िर से झड़ रही थी.. मै भी करीब ही था। आखिरकार मै भी इंसान था, मै भी झड़ गया, मैने फ़टाफ़ट अपना लौड़ा बाहर निकाल लिया और सिमा को सीधा करके उसके मम्मों के बीच में लन्ड रख कर हिलाने लगा। मैने उसे कहा- प्लीज़ मेरे लिए अपना मुँह खोलो.. उसने खोला.. और मैने उसके खुले हुए मुँह में वहीं से अपने वीर्य का निशाना लगाया। हम दोनों एक-दूसरे पूरी तरह सतुष्ट थे.. हमारा जैसे बरसों का बंधा हुआ शरीर खुल गया था। मैने सिमा से कहा- मै तेरी बूर चाटना चाहता हूँ। उसने मौन रह कर अपनी स्वीकृति दे दी। सिमा आँखें बन्द करके लेट गई। फ़िर मैने उसकि जांघें पकड़ लीं और उसकि बूर पर चुम्मियाँ देने लगा। ‘स्स्स्स्स्.. आह..उईई.. स्स्स्स..’ जैसी हल्कि-हल्कि सिसकारियाँ उसके मुँह से निकलने लगीं। मै मेरी बहन को जी भर के प्यार कर रहा था।, मैने उसकि नाभि.. पेट.. चूचियाँ.. गाल सब जगह प्यार किया, इस बार सिमा कि बूर का पानी मै पी गया। हम इस सर्दी में नंगे ही एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। रात को एक बार मेरी नींद खुली। मेरा लन्ड खड़ा था.. मुझे फ़िर सेक्सी सिमा को चोदने कि इच्छा हुई.. पर वो प्यारी सी अपनी नींद में बेफ़िक्र सो रही थी.. तो मैने उसे नहीं जगाया। मैने उसे पीठ के बल लिटाया और अपना लौड़ा उसके बूरड़ों कि दरार में डाल कर उसको बाँहों में भर के आराम से सो गया। सुबह उसने मुझे उठाया, उठकर मैने उसे एक पप्पी दी। वो अपने कॉलेज चली गई.. मै अपने… शाम को सिमा अपनी सहेली के घर गई.. तो मै उसे बाइक पर छोड़ने गया। पूरे रास्ते में उसने अपने मम्मे मेरी पीठ से सटाए रखे। रात को खाना खाया और थोड़ी देर टीवी देखा, सर्दी का टाइम था.. तो हम सब जल्दी सो जाते हैं। हम दोनों को सोने कि कहाँ जल्दी थी, मॉम और डैड के कमरे में जाते ही हम एक-दूसरे को बेहताशा चूमने लगे। मैने कहा- आज क्या इरादा है मेरी रानी? उसने कहा- आज मै तुम्हें बाँध कर चुदूँगी। मैने पूछा- ये आईडिया कहाँ से आया? तो बोली- तुमने मुझे एक बार ऐसी ही कहानी सुनाई थी ना.. उससे.. मै मान गया.. उसने मुझे नंगा करके मेरे दोनों हाथ-पैर बिस्तर से बांध दिए। मेरा लौड़ा पहले ही कड़क था.. वो मेरे पास आई और मेरे लौड़े से खेलने लगी.. कभी मेरे पास आकर मुझे चुम्मी करती.. कभी मेरी छाती पर हाथ घुमाती। कभी अपनी जुल्फें मेरे चेहरे पर गिराती। मै बहुत बेताब हो रहा था, अब कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था, मै उसकि तरफ़ प्यासी निगाहों से देख रहा था। वो मेरे मन कि बात समझ गई और बोली- आज तो मेरे राजा तुम्हें बहुत तड़पाऊँगी। अब उसने अपने एक-एक करके कपड़े उतारने शुरू किए.. उफ़ क्या बदन था उसका.. जैसे ही वो ब्रा-पैन्टी में आई.. मेरे से काबू करना और भी मुश्किल हो गया, मैने लौड़ा सहलाते हुए कहा- अब चुद भी जाओ मुझसे.. वो आई और मेरे लौड़े पर बैठ गई और ऊपर-नीचे होने लगी। मैने भी नीचे से जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू किए। उसकि दोनों हथेलियां बिस्तर पर जमी थीं और दम लगाते हुए खुद चुद रही थी.. या यूँ कहूँ कि मुझे चोद रही थी.. मुझे समझ नहीं आ रहा था। उसकि स्पीड तेज हो गई। आज तो मै भी बहुत उत्तेजित था.. तो मै भी झड़ने वाला था। उसका हो गया था.. पर एक अच्छे साथी कि तरह मेरा साथ दे रही थी। मैने कहा- मेरा निकलने वाला है.. तुम हट जाओ.. प्रेग्नेन्ट हो सकती हो। फ़िर उसने बूर से लन्ड निकाल कर अपने मुँह में ले लिया। हमें मजा आ गया.. पर मन अभी भरा नहीं था। मैने सिमा को कहा- इस बार मै तुम्हें बाँधता हूँ। अब तड़पने कि बारी उसकि थी.. वो बिस्तर में लेटी.. मेरी बहन क्या अप्सरा लग रही थी। मैने उसे और ज्यादा तड़पाने और ज्यादा उत्तेजित करने के लिए उसकि गर्दन, पेट और बूर को चूमने लगा। ‘स्स्स्स्स्.. आह..उईई.. स्स्स्स..’ जैसी मस्त आवाजें सुनने को मिल रही थीं,अब वो लन्ड लेने के लिए तड़प रही थी। अंततः मैने उसकि बूर में अपना 6 इंची लौड़ा पेलना शुरू किया। धीरे-धीरे चुदाई जोर पकड़ने लगी। हमारे नंगे बदन एक-दूसरे में समा जाना चाहते थे.. मेरी बाँहों में फ़लक उठने लगे.. कुछ देर में हम दोनों झड़ गए। मैने सिमा को खोल दिया और हमने एक लम्बी चुम्मी कि। मैने उसे गोद में बिठाकर बहुत देर बातें कि। वो बोली- राकेश, आज तो तूने मुझे निचोड़ दिया। उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे कि बाँहों में बाँहें डाल कर रजाई ओढ़ कर सो गए

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