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जल्दी पैंटी उतारो चोदवाने में बड़ी माजा आयेगा

जल्दी पैंटी उतारो चोदवाने में बड़ी माजा आयेगा

हेलो दोस्तो मैं रीमा मैं अपनी चुदाई की सच्ची घटना लेकर आई हूं । मुझे मुझे मोटे लण्ड लेना बहुत पसंद है । और केवल मोटे और लंबे लण्ड को मेरा सलाम।

अब मैं कहानी पर आती हु।

मै बिलासपुर में रहती हूं मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरे से एक साल छोटा मेरा भाई रहता हैं. मेरी उमर उन्नीस साल हैं,, मेरे भी कुछ ऐसा हाल था, मेरा भी एक बॉयफ्रेंड था उसने मुझे बहुत चोदा था मै हफ्ते में करीब दस बार उससे चुद जाती थी, उसने मेरे अंदर चुदने का कीड़ा डाल दिया था. वह मेरी बहुत मस्त चुदाई करता था पर अफसोस वह शहर छोड़कर चला गया अब में एकदम अकेली हूं मेरी बूर दिन रात तड़पती रहती हैं.

एक दिन मेरे साथ एक सुनहरा हादसा हुआ, जिसे याद कर के मेरी बूर चुदने के लिए तैयार हो जाती हैं, और अपने प्यारे भैया के लण्ड को लेने के लिए तड़प उठती हैं.. एक शाम में अपने भाई सोनू के साथ अपने घर के पास पार्क में घूम रही थी, अब अंधेरा हो चुका था और लाइट ओन हो चुकी थी, तभी मेरी नजर एक ट्रि पर गई, वहां एक लड़का लड़की छुप कर एक दूसरे को किस कर रहे थे.

मैने सोनू को कोहनी मारी और उसे इशारा किया.

उसने कहा क्या हैं दीदी?

मैने कहा – वह देख पेड़ के पीछे क्या हो रहा हैं??

सोनू बोला – हां दीदी यह तो चुम्मा चाटी कर रहे हैंं..

मैने कहा अरे बेवकूफ वह तो मुझे भी पता हैं, और ध्यान से देख जरा…

उसने कहा दीदी आप ठीक कह रही हो, यह कुछ गड़बड़ तो हैं.

भैया इसमें मजा आता हैं क्या? मैने मस्ती में पूछा.

उसने कहा मुझे नहीं पता हो भी सकता हैं..

वैसे कैसे लगता हैं यह काम करते हुए? तूने कभी ट्राई किया हैं सोनू? वैसे मुझे सब पता था पर मैने फिर भी सोनू से पूछा.

सोनू ने कहा – नहीं किया दीदी, क्या हम दोनों आज कर के देखें?

मुझे सोनू से इस जवाब की उम्मीद नहीं थी पर फिर मै भी अनजान बन के बोली सच में सोनू मजा आएगा ना? चलो फिर कर के देखते हैंं.

चल फिर हम दोनों जाडी के पीछे चलते हैंं, उन्होंने मुझे कहा और हम दोनों झाड़ी के पीछे चलने लगे.

हम एक झाड़ी के पीछे जाने लगे तो वहां पहले से ही एक लड़का लड़की आपस में चिपके हुए थे और लड़का उस लड़की की गांड अपने हाथों से दबा रहा था. यह देख कर हम वहां से चले गए और दूसरी झाड़ी की और चल गये.

दूसरी झाड़ी के पीछे कोई नहीं था, वहां पर मै जाकर एक दूसरे को देखने लगे, तभी मै बोली सोनू अब आगे कैसे करना हैं?

दीदी मुझे क्या पता? अच्छा एक काम करते हैंं हम दोनों एक दूसरे से लिपट जाते हैंं, जैसे वह लड़का लड़की कर रहे थे सोनू बोला.

अच्छा आ जा फिर मुझसे लिपट जा, मेरे इतना कहते ही सोनू मुझसे लिपट गया. और मैने जानबूझकर अपने बूब्स उसके शरीर से रगड दीए..

सोनू अब चूमे क्या? मैने सोनू को गरम करने के लिए कहा, और अपने होंठ उसकी और कर दिए.

सोनू भी शायद कम नहीं था, उसने भी झट से अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दीए और मुझे किस करने लगा. उसके किस करने से मेरे जिस्म में कुछ अजीब सी हरकत होने लगी. इतने में मैने महसूस किया कि सोनू का लण्ड खड़ा हो चुका था और मेरे पेट पर लग रहा था. मैने भी सोनू के दोनों बूरड़ पकड़ कर दबा दिए और बोली सोनू ऐसे ही दबाते हैंं ना?

मोनु के बूरड़ों को दबाते हुए मैने उसको अपनी ओर खींच लिया और उसके लण्ड को मेरी बूर के अंदर डालने लगी, अब सोनू ने भी अपने दोनों हाथ मेरी गांड पर रख दिए और मेरे बूरड़ दबाने लगा..

अब ठीक हैं ना दीदी ऐसे ही दबाते हैंं ना.. सोनू मेरे बूरड़ दबाते हुए बोला.

सोनू का खड़ा लण्ड बार बार मेरी बूर पर लग रहा था, मुझे यह सब बहुत ज्यादा मस्त कर रहा था. मेरा दिल कर रहा था कि अभी के अभी सोनू मुझे चोद दे बस. पर मैने सोचा पहले इसे और गरम कर दूं ताकि यह जल्दी से तैयार हो जाए और मेरे दीवाना बन जाए..

सोनू ये निचे क्या लग रहा हैं? मैने भोलेपन से पूछा..

दीदी मुझे नहीं पता इसका ना जाने कब हो गया? सोनू ने शरमाते हुए जवाब दिया.

सोनू पर तुझे मजा तो आता हैं ना जब यह खड़ा हो जाता हैं? मुझे लगा कि वो मना कर देगा इसलिए मैने उसके जवाब देने से पहले ही उसका लण्ड अपने हाथों में ले लिया था.

मेरे लण्ड हाथ में लेने से वो एक दम कांप उठा और बोला दीदी यह क्या कर रही हो आप?

ओह्ह सोरी लग गई क्या तुझे भाई? मैने सोनू का लण्ड छोड़ते हुए कहा.

नहीं नहीं दीदी मुझे तो बहुत मजा आया, सोनू बोला.

ओह्ह भाई मै तो डर गई थी, यह कहते ही मैने उसका लण्ड फिर से पकड़ लिया और दबाने लगी.

सोनू मुझसे लिपट गया और मुझे हर जगह किस करने लगा. वैसे तो हमारा खेल शुरु हो गया था जैसा मै चाहती थी, पर यहां थोड़ा रिस्की था. वैसे तो अंधेरा था पर मै सोनू पर लण्ड जोर जोर से मसल ने लगी, जिससे वह और बेचैन हो गया मुझे पता चल रहा था. अब यह मुझे बिना चोदे नहीं छोड़ेगा.

इसलिए मै बोली चल सोनू अब घर चलते हैंं, .यहां हमें कोई देख सकता हैं. बाकी काम घर जाकर करते हैंं.

बस दीदी थोड़ी देर रुक जाओ मुझे बहुत मजा आ रहा हैं, सोनू ने मुझे रोकते हुए कहा.

पर मै घर की तरफ चल पड़ी, सोनू भी मन मारकर मेरे पीछे पीछे घर की और चल पड़ा. सोनू सारे रास्ते मुझे सेक्स के बारे में बातें करता रहा, शायद वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो चुका था.

कुछ ही देर में हम घर आ गए और हम अपने रुम में चले गए और अपनी बुक खोलकर स्टडी करने लगे..

पर मेरे दिमाग में तो सोनू का लण्ड घूम रहा था और उधर सोनू भी मुझे बार बार मुस्कुरा कर देख रहा था, रात हो चुकी थी मम्मी डैडी भी सो गए थे. वह उठा और अपने रूम की कुंडी लगा दी, मेरी तरफ मुड़कर मुस्कुराने लग गया और बोला चलो दीदी वही करते हैंं अब.

आपकी बात सुनकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई हैं, पर अब हमें कोई टेंशन नहीं थी, क्योंकि मॉर्निंग तक हमें कोई तंग नहीं कर सकता था.

मैने कहा सोनू कपड़े तो चेंज कर लें और सिर्फ पजामा ही डालना उपर.

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सोनू ने कहा हां दीदी आप भी बदल लो.

मै एक काफी छोटा सा शोर्ट डाल दिया था कि वह जल्दी से ऊपर हो जाए और मेरी बूर एकदम सामने आ जाए.

और सोनू ने भी अपना पजामा डाल दिया था, उसने मेरी तरफ देखते हुए अपनी दोनों बाहें फैला दी और मुझे मुस्कुराते हुए बुलाने लगा, मै भी जाकर उसकी बाहों में समा गई और वह मुझे चूमने लगा. उसका लण्ड मेरी बूर पर लग रहा था, जो मुझे साफ साफ महसूस हो रहा था.

मेने सोनू का पजामा नीचे खिसका दिया और उसका मस्त झूमता हुआ लण्ड बाहर निकाल लिया, मेरे लिए अब लण्ड पकड़ना बहुत आसान हो गया, सोनू अपने हाथों से मेरे दोनों बूरड़ दबा रहा था. और मै उसके उसका लण्ड पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी.

मुझे अब समझ आ गया था कि सोनू मेरी तरह भोला बनने की एक्टिंग कर रहा था.

उसने कहा दीदी इसमें तो बहुत मजा आ रहा हैं यार..

मैने कहा हां वह तो हैं तू भी और जोर से दबा पीछे से, अब मै भी उससे खुलने लग गई, और उसका पूरा साथ देने लगी.

सोनू बोला दीदी आपका सुसु कहां हैं वह खड़ा नहीं हुआ?

मै हंसने लगी और बोली भाई हमारा यह डंडा नहीं होता जैसे तुम्हारे यह बूब्स नहीं होते, समझा.

तभी वह बोला अरे हां दीदी आपके मस्त बूब्स भी तो हैं..

कहते ही उसने अपने हाथ मेरे कुर्ती में डाल दिए और मेरे बूब को ढूंढने लग गया. मुझे इस में बहुत मजा आ रहा था. मैने भी बड़े आराम से अपने दोनों बूब्स उसके हवाले कर दिए और उससे अपने बूब्स दबवाने लगी.

जोर से दबाओ ना, मैने मस्त हो कर कहा.

क्यों दीदी उसे क्या होगा? और मेरे बूब्स के निप्पल पकड़ कर घुमा लिए मै मस्ती में झूम पड़ी..

सोनू जैसे तुम्हें अपने डंडे में मजा आता हैं ना बस वैसे ही मुझे अपने बूब्स में मजा आता हैं, मैने थोड़ा शांत होकर उसका जवाब दिया.

अच्छा इतना मजा आता हैं, चलो दिखाओ अपना डंडा फिर. यह कहते ही उसने मेरी बूर पर अपने हाथ रख दिए और अपनी एक्टिंग चालू रखी, उसे अच्छे से पता था कि ऐसा कुछ नहीं होता, पर फिर भी वह लगा हुआ था. आराम से मेरी जगह बहुत नाजुक हैं, उसके हाथ मेरी बूर पर घूम रहे थे. वह मेरा डंडा ढूंढ रहा था. और उसे वह कभी नहीं मिलने वाला था. तभी उसने अपनी उंगलियां मेरी बूर में घुसा दी और मेरे मुंह से आह्ह्ह औऊ अह्ह्ह निकल गई मै, पूरी मस्त हो चुकी थी.

भाई मै खड़े खड़े थक चुकी हूं चल बेड पर चलते हैंं, वहां आराम से करेंगे मैने कहा.

उसने कहा ठीक हैं दीदी.

दीदी कपड़े उतार दो बहुत मजा आएगा, मैने भी उसकी बात मान ली और सारे कपड़े उतार दिए. और मन ही मन सोचने लगी कि अब नाटक करने का कोई फायदा नहीं हैं वरना चुदाई में कोई मजा नहीं आएगा.

सोनू एक बात सच सच बताओ.

उसने कहा हां ही बोलो दीदी.

मैने कहा – क्या तुमने किसी लड़की को चोदा हैं?

सोनू डरते हुए बोला नहीं दीदी.

यह कैसे होता हैं कैसे करते हैंं?

मैने कहा अरे मेरे प्यारे भाई मै किसी को कुछ बताऊंगी थोड़ी ना, बताना सच.

सोनू कुछ सोचने लग गया और थोड़ी देर बाद बोला नहीं दीदी चलो अपनी मस्ती करते हैंं.

अरे तेरा लण्ड तो साफ साफ बता रहा हैं कि उसने किसी बूर का पानी पिया हुआ हैं, बोलना. मैने उस पर जोर देते हुए पूछा.

वो शरमाते हुए बोला, हां दीदी आपकी ही फ्रेंड हैं वह मुझसे प्यार नहीं करती बस चुद्वाती हैं.

मैने कहा चल आ जा यह देख मेरी बूर भी चुद सकती हैं.

सोनू ने कहा अरे दीदी फिर इतना पहले नाटक को क्यों किया?

यह तो मैने बस तुझे खोलने के लिए किया, चल मुझे छोड़ दे अब, मैने मीठे लफ्जों में कहा.

सोनू भी शर्म छोड़ कर मुझे लिपट गया और किस करने लगा. मैने भी उसके होंठों में होंठ में डाल कर किस किया और उसकी जीभ मुंह में लेकर चूसने लगी. अब उसने मुझे गोदी में उठाया और बिस्तर पर लेटा दिया. मै उस को नीचे कर दिया और खुद उसके पास बैठकर लण्ड को हाथ में लेकर मसलने लगी. उसको बहुत मजा आने लग गया और वह मुह से सिसकियां भरने लगा, मैने मुस्कुराकर बूर को लण्ड पर रखा और धीरे से उसके लण्ड पर बूर रखकर घुसा दीया. मेरी बूर में से पानी निकल रहा था, जिसकी वजह से लण्ड आसानी से अब मेरी गुफा में जा रहा था. और मेरी बूर को आराम मिल रहा था, मै अपनी गांड उठा उठा कर लण्ड को अपनी बच्चेदानी तक उतार रही थी. और अब सोनू भी अपनी गांड नीचे से हीला कर मुझे चोद रहा था.

मैने अपनी बूर को हीलाने से रोक दिया और सोनू से पूछा लण्ड गांड में भी चला जाता हैं?

सोनू ने कहा पता नहीं दीदी, मैने आज तक ऐसा कुछ नहीं किया..

चल करते हैंं मैने उसे जवाब दिय

सोनू के सामने में अपनी गांड को खोलकर झुक गई और उसे अपनी गांड के दर्शन कराएं वह भी मेरी गोल गांड को देखकर पागल हो गया और अपना लण्ड मेरी गांड पर रख लिया पर गांड टाइट होने की वजह से लण्ड गांड में जाने को तैयार ही नहीं हो रहा था.

मैने कहा मेरी गांड पर तेल लगा और फिर चोद.

उसने ऐसे ही किया और मेरी गांड पर उंगली से तेल लगाकर गांड में घुसा दी, जिससे मुझे दर्द हुआ पर गांड को चुदाने की प्यास में दर्द भी अनदेखा कर दिया. फिर अचानक ही मेरी गांड में लण्ड चलता हुआ महसूस हुआ और मुझे लण्ड के घुसने का दर्द महसूस होने लगा. और उसके लण्ड को भी अंदर आने में जरा सी तकलीफ हो रही थी.

कहां सोनू बस कर फट जाएगी और कोशिश हम कल करेंगे.

उसने मेरी बात मानते हुए अपना सुपाड़ा गांड में से निकाल दिया और निकलते ही मेरी बूर में घुसा दिया और जोर जोर से मेरी चुत फ्री स्टाइल में चोदने लगा. मै घोड़ी बनी हुई अपनी बूर चुदवा रही और उधर मोनु मेरी बूर मारता रहा, और मेरे बूब्स को पकड़कर मसलता रहा. उसकी ऐसी चुदाई से अब मेरा निकलने वाला था इसलिए मै भी अपनी गांड हिलाकर लण्ड को बच्चेदानी तक लेने लगी और अगले ही पल जड़ गई. मेरे मुंह से आहाह औऊ हहह ई औऊ ओह्ह उऔउ ऐईउ उईइ जैसी लंबी सिसकियां और आवाज निकली और मैने उसे पीछे कर दिया.

सोनू ने कहा दीदी मेरा तो हुआ नहीं..

मैने उसको खड़ा किया और उसके लण्ड को मुंह में ले कर चोदने लगी. उसका पानी अगले ही पल मेरे मुंह में निकल गया और फिर भी मै उसके सुपारी को चुस्ती रही. जब तक उसके पानी की एक एक बूंद तक खत्म नहीं हुई. अब सोनू मुझसे लिपट कर सो गया खराटे लेने लग गया. मै मुस्कुराई और उसे किस कर के सोनू के बिस्तर पर आकर सो गई और सपनों में खो गई.

दोस्तों यह थी मेरी देसी कहानी यह सुनहरे पल जो मैने आपको भी बताएं. आपको कैसे लगे मुझे जरूर बताना.

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