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डिल्डो डाल कर बहन की चूत बहन ने फाड् दी

डिल्डो डाल कर बहन की चूत बहन ने फाड् दी

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बुलबुल 20 साल कि है और आलिया 23 साल कि। दोनों में आपस में बहुत प्यार था। एक दूसरे के ऊपर वो जान छिड़कती थी। उनमें अधिकतर चोरी छुपे लडकों कि बातें होती रहती थी। एक दिन वो आपस में खुल गयी , और अब वो सेक्स के मजे भी लेने लगी। कैसे हुआ ये सब, रात का खाना खा कर आलिया कम्प्यूटर काम कर रही थी,

बुलबुल उसके पास बैठी थी- दीदी , शादी के बाद सुहागरात में लड़के लड़कि क्या करते हैं,’ बुलबुल ने हिचकते हुये पूछा। ‘क्या करते हैं? अरे मस्ती करते है और क्या,’ आलिया मुस्कराई। ‘मैने सुना है वो , दोनों नंगे हो कर , कुछ करते हैं,’ ‘पता है तो क्यो पूछती है,’ ‘दीदी, मजा आता है ना,’ बुलबुल थोडी सी चन्चल हो उठी। ‘हां , तुझे देखना है ,वो क्या करते हैं ,’ आलिया ने शरारत से पूछा। ‘हां दीदी,, पर कैसे,,?’ ‘देख मै बताती हूं ,’ आलिया ने तिरछी निगाहों से देखा, फिर नेट पर पोर्न साईट लगा दी, और एक मूवी लगा दी , ब्ल्यू फ़िल्म थी , आलिया वहां से उठ कर बाथरूम चली गयी। बुलबुल बड़े ध्यान से ब्ल्यू फ़िल्म देखने लगी। उसका हाथ अपने आप स्तनों पर आ गया और उन्हे दबाने लगी, इतने में आलिया आ गयी, ‘देख लिया, ये करते है शादी कि रात ,’ बुलबुल बेचैन हो उठी। ‘दीदी, लडकों का इतना बड़ा होता है,’ आलिया हंस पडी ‘क्यों, कभी देखा नहीं क्या,?’ बुलबुल ने सर हिला कर ना कह दिया। कम्प्यूटर बन्द करके दोनों बिस्तर में घुस गई, पर बुलबुल को नींद कहां थी, उसने धीरे से अपना कुर्ता ऊपर उठाया और अपनी चूंचियां धीरे धीरे मलने लगी, आलिया ये सब देख रही थी, अब आलिया का मन भी मचल उठा , उसने बुलबुल कि तरफ़ करवट ली और उसके बालों में प्यार से हाथ फ़ेरा,’कम्मो , क्या हुआ, मन भटक रहा है,’ ‘दीदी, हाय, मुझे कुछ हो रहा है,’ आलिया ने उसकि चूंचियां उसके हाथों से छुडा दी,’मत कर ऐसे , वर्ना बेचैनी बढ जायेगी,’ ‘दीदी , क्या करूं, मेरा तो जिस्म टूट रहा है,’ अब आलिया से भी नहीं रहा गया, उसने बुलबुल के दोनो बोबे पकड लिये और धीरे से सहला दिये, ‘हाय दीदी , दबा दो जोर से,’ बुलबुल सिसक पडी। आलिया के दोनों हाथों को अपने हाथों से अपनी चूंचियों पर दबाने लगी। आलिया ने उसकि बेचैनी महसूस कर ली थी, उसका इलाज़ ऊपर नहीं नीचे था। बुलबुल वासना में डूब चुकि थी, आलिया ने अपना हाथ बढाया और उसकि बूरडों पर रख कर उसे सहलाने लगी। पहले तो वो हाथ हटाने कि कोशिश करती रही फिर बोली-‘दीदी, पीछे,गुदगुदी होती है, मत करो ना,’ अब मुझ पर भी वासना सवार होने लगी थी, मैने और जोर से उसके बूरड मसलने चालू कर दिये। ‘बुलबुल,सुन एक खेल खेलते हैं , कपड़े उतार देते है,’ ‘हां दीदी,, देखो ना कैसे तंग हो रहे है, पर हम तो नंगे हो जायेंगे ना,’ ‘हां ये खेल नंगे हो कर ही खेला जाता है,’ दोनों बिस्तर पर से उतर गयी और कपड़े उतार दिये, आलिया अलमारी से कुछ छुपा कर ले आयी और बिस्तर के सिरहाने रख दिया। ‘देख अपन बातें खुली भाषा में करेंगे, मजा आयेगा,’ ‘यानी,, लन्ड,बूर वाली, भाषा में,’ ‘हां, ठीक है ना,’ ‘दीदी, हाय, मै तो अभी से , जाने कैसी कैसी हो रही हू’ ‘हां,, पहली बार ऐसा ही होता है,’ बुलबुल आलिया से लिपट गयी, उसकि सांसे आलिया के चेहरे से टकराने लगी, उसकि दिल कि धड़कने बढने लगी थी, आलिया बुलबुल से लिपट गयी, दोनों के नरम होंठ आपस में टकरा गये। दोनो जोरों से एक दूसरे को चूम रही थी, आलिया कि जीभ बुलबुल कि जीभ से खेल रही थी, आलिया ने बुलबुल कि चूंचियां दबानी शुरु कर दी, उत्तर में बुलबुल ने भी उसके स्तनों को मसलना चालू कर दिया। ‘मसल दे मेरी चूंचीं को, कम्मो, हाय रे, देख बूर का पानी रिस रहा है’ ‘हाय आलिया, और बोलो,ना,बूर का पानी,,हाय रे,’ बुलबुल बूर शब्द सुन कर ही उत्तेजना में बहने लगी। आलिया बोल उठी -‘कम्मो, तू भी बोल दे ना,देख फिर कैसा बूर का पानी छूटता है,’ ‘ हाय,दीदी, मेरी बूर का कुछ कर ना, काश कोई लन्ड होता,।’ ‘मेरी कम्मो,ले मेरी उंगली बूर में ले ले,।’ आलिया ने अपनी उंगली बुलबुल कि बूर में डाल दी, ‘हाय रे दीदी, मै चुद गयी रे ,’ बुलबुल चीख उठी, ‘अभी कहां रे,, अभी ऊपर से ही मजे ले, जब चुदेगी तो लन्ड का मजा आयेगा।’ ‘दीदी,,हाय रे, चोद दे ना,देख तो,बूर कैसी हो रही है,’ ‘तो चुदेगी, सच में, चोद दूऽ तेरी बूर को,’ बुलबुल तो जैसे होश में ही नहीं थी, उछल उछल कर आलिया कि उंगली को लौड़ा समझ कर चुदा रही थी, आलिया ने मौका देखा और बिस्तर के नीचे से डिल्डो निकाल लिया, ‘कम्मो, लन्ड घुसा दूं क्या,’ ‘हाय दीदी, घुसा दो ना,’ आलिया ने डिल्डो को अपने थूक से गीला कर लिया। अपना हाथ हटा लिया और डिल्डो उसकि बूर पर लगा दिया, बुलबुल को तो जैसे कुछ पता नहीं था, उसने अपनी आंखे बन्द कर रखी थी,सांसे जोरों से चल रही थी, उसकि बूर पहले जैसे ही उछल रही थी, डिल्डो लन्ड उसकि पानी छोड़ती हुयी चिकनी बूर पर था, उसके उछलते ही लन्ड बूर में उतर गया, आलिया को पता था कि उसकि बूर अब तक कुंवारी है, उसके घुसते ही आलिया ने जोर लगाते हुये डिल्डो को अन्दर घुसाने लगी, बुलबुल चीख उठी , आलिया ने जल्दी जल्दी डिल्डो को अन्दर बाहर करना चालू कर दिया। उसके बूर से खून बाहर आने लगा,, वो दर्द से कराहती रही, ‘बस बस,कम्मो तुम्हारा कौमार्य अब जाता रहा , अब मस्त हो जाओ,’ ‘दीदी, दर्द हो रहा है,’ ‘बस अब सिर्फ़ दो मिनट का है, फिर से अब पहले से ज्यादा मजा आयेगा,’ ‘मेरी झिल्ली फ़ट गयी ना, अब क्या होगा,’ ‘कम्मो, झिल्ली टूटने कि तुम्हारी अब उमर हो गयी है , जब चुदने को मन करे समझ लो कि तुम्हारा कुँवारापन भी गया, अब चुदा लो ठीक से,’ ‘दीदी,फिर तो चोद दो मुझे पूरा, हाय रे दीदी,ये डिल्डो है ना,’ आलिया ने अब प्यार से लन्ड से चोदना चालू कर दिया,, अब बुलबुल मस्त होने लगी,वो चुदाने कि बात समझ गयी थी , उसे आनन्द आने लगा था,अब फिर से उसके बूरड उछल उछल कर चुदवा रहे थे, उसने आलिया कि चूंचियां दबा रखी थी,आलिया भी एक हाथ से उसके चूंचक एक हाथ से खींच रही थी , दबा रही थी, कुछ ही देर में बुलबुल झड़ने लगी,’हाय आलिया,डिल्डो खींच के चोद, चोद दे रे, दीदी, मेरी फ़ाड डाल,’ ‘कम्मो,, चुद गयी रे तू , और ले, ले, हाय ,मेरी चूची खींच दे,’ ‘दीदी,मै, झड़ने वाली हूं,मुझे दबा ले,हाय, लन्ड खींच के मार, मेरा रस निकाल दे,’ ‘कम्मो, चल निकाल दे रस, निकाल, हाय निकाल रे,’ आलिया के हाथ तेजी से चल पडे, बुलबुल अब बिस्तर पर चित लेट गयी थी। रह रह कर कांप उठती थी,वो झड़ रही थी, आलिया ने डिल्डो निकाल कर उसे जकड़ लिया, बुलबुल ने धीरे से आंखे खोली,’दीदी, खेल खतम हो गया,?’ आलिया ने उसे प्यार करते हुए कहा -‘कहां खत्म हुआ, मेरा क्या होगा, ‘ बुलबुल खुशी से उछल पडी,’हाय, दीदी,मै भी ऐसा ही तुम्हारे साथ करूं,’ ‘हां, अब तुम मुझे चोदो,इस से,’ ‘आय हाय दीदी, डिल्डो मुझे दो,’ कुछ ही पलों में डिल्डो आलिया कि बूर में था, आलिया तो पहले ही बहुत उत्तेजना में थी, डिल्डो घुसते ही उसकि बूर फ़डक उठी, एक ही झटके में लन्ड बूर में घुसा लिया, बुलबुल ने अब आलिया के चूंचक मसलने चालू कर दिये,आलिया मस्ताने लगी, उसका शरीर काम वासना से तडप उठा, ‘मेरी रान्ड, चोद दे रे, कुतिया,’ आलिया के मुख से वासना भरी गालियां निकलने लगी, ‘दीदी, ऐसे मत बोलो ना,’ ‘ चोद दे रे,छिनाल, दे लन्ड, मार बूर पर, हरामी बूर है,’ ‘दीदी, क्या कहती हो,’ बुलबुल के हाथ तेजी से चल रहे थे, आलिया का बदन वासना से कांप रहा था। ‘हां री, कम्मो, मां चोद दे,, मेरी बूर कि, दे लण्ड, हाय रे,,’ ‘दीदी , तेरी बूर को घोडे के लन्ड से चुदवा ले रे, बडी मस्त चिकनी है,’ इतने में आलिया खुशी से सिसकारी भरती हुयी, मेरे से चिपक गयी, इस चक्कर में डिल्डो उसकि बूर में पूरा ही घुस गया, ‘मैय्या री, इसे निकाल, मै तो गयी, कम्मो प्लीज़,’ बुलबुल ने तुरन्त डिल्डो खींच के बाहर निकाल दिया, आलिया झड़ रही थी, उसने मुझे चिपटा लिया, बुलबुल को उसके बदन कि और बूर कि ऐंठन महसूस हो रही थी, दोनों के होंठ एक दूसरे से मिल गये, और प्यार में डूब गये, सवेरे बुलबुल आलिया से नजरें नहीं मिला पा रही थी, ‘दीदी, सोरी , मुझे रात को जाने क्या हो गया था।’ आलिया ने एक हाथ से उसका चेहरा उठाया और प्यार कर लिया, ‘तुम, अरे तुम्हें तो अब रोज़ रात को यही होगा,’ ‘दीदी, ऐसा मत कहो,’ बुलबुल शरम से सिमटने लगी, ‘जवानी इसे कहते हैं, कपडे भी तंग लगने लगते है, लगता है सब उतार फ़ेंको,’ ‘दीदी,,’ बुलबुल शरमा कर आलिया से लिपट गयी, अब दोनो में प्यार और बढ गया था,

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