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दूधिया जवानी को चोदने का ख्वाब सच हो रहा था

Antarvasna Sex Kahani :- दूधिया जवानी को चोदने का ख्वाब सच हो रहा था

दोस्तों आप सभी जानते हैं विदेशी हसीनाओं के बारें में, वो कितनी सेक्सी लगती हैं उतनी ही चूत चुदाने की शौखिन होती हैं। विदेशी गर्ल जैसे मन वैसे पटक कर चोदो वह हर एंगल में चूत चुदने को तैयार हो जाती है,

उनके लंबे बाल ही मर्दों को उनको लाखों की भीड़ में भी आकर्षित करते हैं। मेरा नाम पीयूष है और मै एमबीए का छात्र था। मै यूनिवर्सिटी आफ देल्ही में इंटर्नशिप के लिए नौदान्या ट्रस्ट में भेजा गया था। नौदान्या ग्रामीण विकास के छेत्र में काम करने वाली अग्रणी संस्था है जहां कि अक्सर विदेशी पर्यटक आकर अपना श्रमदान करते हैं।

उन विदेशियों में एक लंबे बाल वाली लड़की थी, उसकी कातिल जवानी देख कर मेरा 8 इंच का लण्ड उफान मारने लगा, ऐसा लगता था साली को अभी चोद दूं पर कंट्रोल पीयूष कँट्रोल। मैने उसको अभी चोदने की बजाए, धीरे धिरे पटाकर चोदने के बारे में सोच रहा था।

रात को अक्सर मेस में खाना साथ खाते थे हम लोग्। आज मैने जानबूझकर उसके सामने वाली कुर्सी चुनी और उससे बात करने का मौका ढूंढने लगा। आप सब जानते तो होगे ही कि एमबीए वाले बात करने में कितने माहिर होते हैं और वैसे भी मेरी इंग्लिश परफेक्ट है। मैने उससे बात करनी शूरु की और वो बहुत जल्दी ही मुझसे प्रभावित हो गयी। उस लंबे बाल वाली लड़की का नाम टॉमी था और वो बहुत ही प्यारी थी। उसकी गोरी गोरी चूंचियां, उसके विदेशी परिधान में भारतीय पैमानों के अनुसार अश्लीलता की सीमा तक दिक्खतीं थीं, उसके निप्पल अक्सर उसकी टौप में से झांकते दिख जाते। वो ब्रा तो पहनती ही नहीं थी।

मैने उसकी जवानी का भरपूर स्कैनिंग करते हुए मजे से उससे इंडियन कल्चर और इतिहास की जानकारी देनी लेनी जारी रखी। कुल मिला कर मैने उसे इम्प्रेस्स कर लिया था। अब लंबे बाल वाली लड़की मेरे कमरे में बेधडक रात को भी बैठने और बात करने को आ जाती थी। मै उस लंबे बाल वाली विदेशी हसीना को चोदने की पक्की जुगत में था

आज मैने कामसूत्र का एक सचित्र संस्करण खरीद कर अपने स्टडी टेबल पर रख दिया था और उसके आने के टाइम पर दरवाजा खोल कर बाथरुम में घुस कर नहाने लगा था। मेरे सुघड़ शरीर सौष्टव को लड़कियां कुछ ज्यादा ही पसंद करतीं थीं। मेरा प्लान ये था कि आज मै सबसे पहले उसको अपना शरीर सौष्टव दिखाउं और फिर उसे काम्सूत्र पर चर्चा करते करते गरम करके बाल वाली हसीना की जवानी का लुत्फ उठाउं

यह सोच कर मै बाथरुम में घुसा। वो अंदर आयी और कामसूत्र के पन्ने पलटने लगी। सचित्र कामकलाओं की वह सेक्सी पुस्तक विदेशियों के लिए सहज आकर्षण का केंद्र है और वो भारतीय कामकला के रहस्य को जानने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

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इसलिए मैने उसको फांसने के लिए यह चाल चली थी। जैसे मै बाथरुम से टावेल पहन कर बाहर निकला, वो मुझे देखती रह गयी। मैने हेलो कहा और दूसरे टावल से अपने शरीर को पोंछने लगा। वो मेरे बदन के हर कटाव को बड़े ध्यान से देख रही थी, गंधर्वों सरीखा बलशाली बदन उसके लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका था। मै जानता था कि तीर सही निशाने पर लग रहा है। अब मैने जब देह पोछ ली तो टावल पहने ही उसके पास जाके बैठ गया।

उसने कामसूत्र के बारे में पूछा तो मैने बताया कि यह भारतीय कामकलाओं की इनसाइक्लोपीडिया है बेबी। उसने कहा – “ मुझे इसका ज्ञान दो” मेरे साथ रह के थोड़ी हिंदी बोलनी आ गयी थी उसको।

मैने एक पेज खोला जिसमें एक महिला पुरुष के लिंग को चाटते हुए अपनी चुत में उंगली कर रही थी। मैने कहा देखो – हस्त्मैथुन भारत में हजारों साल पहले ही खोजा जा चुका था, भारतीय कामकला पाश्चात्य कामकला से हजारों साल पुरानी है।

लेकिन उसका ध्यान कहीं और था, मै बाल वाली लड़की के इस रिस्पांस से आश्चर्यचकित रह गया, मेरे तौलिये के हटने से मेरा मूसल लण्ड उसे साफ दिख रहा था और वो उसी को घूर के मुस्करा रही थी। ये तो मै भी नहीं देख पाया था कि मेरा लण्ड दिख रहा है। मैने उसे छुपाने की कोशिश की तो उसने उसे पकड़ लिया। और कहा – आई लव इंडियन पेनिस! बेबी! लेट मी हैव इट

मै अवाक रह गया और उसने मेरी टावल खोल दी, और सोफे के नीचे से बैठ कर मेरी जांघों को अपनी नुकीलि जीभ से चाटने लगी। मेरा लण्ड एक दम खड़ा हो गया था। मैने उसकी चूंचियों को मसलते हुए उसकी नाईटी उपर उठा के उसके बदन से अलग निकाल दिया। वो अंदर पूरी नंगी थी। दूधिया जवानी को पेलने का ख्वाब सच हो रहा था। मैने उसे फर्श पर लिटा दिया और उसके पेट पर बैठ कर उसके मस्त चूंचों के बीच लण्ड को पेलते हुए उसके मुह में चोदने की कोशिश करने लगा। उसने अपनी ठुड्डी पेट की तरफ लाते हुए अपना मुह मेरे लन्ड के करीब ला दिया। बाल वाली लड़की चुदाई की एक्सपर्ट थी और मैने उसके स्तनो और मुह में एक साथ चोदा। धकाधक चूंचों के बीच चोदने से मस्त गांड मारने का अनुभव हो रहा था। स्तन मैथुन और मुखमैथुन का मजा लेते लेते मैने उसके चुत को उंगली करनी भी जारी रखी।

वो गीली हो गयी थी और मैने उसके गांड तले दो तीन किताबें रखकर उसकी चुत को उचका दिया। और अपने लण्ड को लेकर उसकी टांगों के बीच उंकड़ू बैठा हुआ पूरे स्पीड से चोदने लगा। वह आह्ह!! उह्ह!! उफ्फ्फ!! करते हुए चुदवाने लगी।

धकाधक चोदते हुए मैने उसके स्तनों का मर्दन जारी रखा। बाल वाली लड़की की चुत एकदम किसी खोये की मिठाई की तरह मुलायम और संकरी थी। इसलिए मुझे जन्नत का मजा आ रहा था।

चोदते हुए मैने उसके भग को क्षत विक्षत करना जारी रखा, अपने नाखूनों से उसे छेड़ते हुए मैने उसकी चुत को चोदना और धकियाना संपन्न किया। आधे घंटे तक फर्श पर पेलने के बाद मैने उसे कमरे के हर कोने में खड़ा करके, कुतिया बनाके और लिटाके, उठाके हर स्टाइल में चोदा।

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