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पापा के गेस्ट ने मेरी कुँवारी चूत में अपना मोटा लण्ड पेल दिया

Hindi sex story :- पापा के गेस्ट ने मेरी कुँवारी चूत में अपना मोटा लण्ड पेल दिया

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मेरी उम्र उस वक्त 19 की ही रही होगी. चुलबुली, नटखट और बहुत ही शरारती थी. पापा का डाइ की फेक्ट्री थी. और बहुत सब लोग हमारे घर पर आते थे. दरअसल शहर में वो अकेले ही व्यापारी थे जिसके पास कुछ ख़ास रंग की डाई मिलती थी. और मुंबई से ले के दिल्ली और साउथ से ले के ईस्ट इंडिया तक के बहुत सब लोग पापा के पास आते थे.

कभी किसी किसी को पापा हमारे घर के सामने गार्डेन में बने हुए गेस्ट हाउस में ठहरा देते थे. मम्मी अक्सर नाराज होती थी लेकिन पापा को जैसे उसकी आदत हो गई थी. वैसे पापा का तर्क ये थे की वो लोग बड़े व्यापारी होते थे जिन्हें वो हमारे घर के गेस्ट हाउस में ठहराते थे और हमारा शहर छोटा होने की वजह से ढंग के होटल नहीं थे यहाँ. मम्मी की नाराजगी की एक नहीं चलती थी पापा के सामने. उन दिनों मेरा फिगर 34 32 34 का था और मै अपनी बायोटेक की डिग्री की पढ़ाई कर रही थी. एक बॉयफ्रेंड था मेरा उसका नाम नवीन था लेकिन हम दोनों किस से आगे अभी तक बढे नहीं थे. सन 2014 की वो ठंडी की रातें थी. पापा शाम के करीब 8 बजे एक आदमी को घर ले के आये. वो पहले भी हमारे यहाँ आया था. उसका नाम दीपक था जो बनारस में बनारसी साडी का बहुत बड़ा व्यापारी था. पापा ने मम्मी को कहा की इनके लिए भी खाना बना देना. मम्मी का मुहं बिगड़ा तो था लेकिन दीपक के सामने उसने अपना बिगड़ा हुआ चहरा ठीक कर के उसे स्माइल ही दी. अनवर को गेस्ट हाउस में सेट कर के पापा आये तो मम्मी उनके ऊपर बिगड़ गई. क्यूंकि हमारे घर में जो कपल काम करता है बिंदु और लखन वो अपने गाँव गए थे किसी रिश्तेदार की डेथ की वजह से. शाम को मम्मी ने खाना बनाया और मुझे बोला की जाओ गेस्ट रूम में अंकल को दे के आओ. मै दो थाली में सब खाना ले के गई. दरवाजा लात से खोला तो वो खुल गया और मै बिना ननोक किये ही अंदर चली गई. मैने देखा की अनवर अंकल सोफे पर ही लुंगी पहन के सोये हुए थे. मैने खाना निचे रखा और वहां से वापस ही निकलने वाली थी. लेकिन तभी मेरी नजर उनकी उठी हुई लुंगी के ऊपर पड़ी. उन्होने अंदर चड्डी नहीं पहनी थी और लुंगी एक साइड पंखे की वजह से उठ गई थी शायद अभी अभी ही. और उनका काला लण्ड और गोल टट्टे दिख रहे थे. ना चाहते हुए भी मै उस लण्ड को देखती ही रही. तब तक मैने लण्ड सिर्फ पोर्न में ही देखा था. इसलिए आज लाइव लण्ड देखने को मिला तो मै खुद को रोक नहीं पाई. लण्ड को देख के पता नहीं मेरे बदन में भी एकदम से क्या हुआ. मेरे अंदर के होर्मोंस जैसे खुद ही झर गए और मेरी चुत की चमड़ी अपनेआप ही चिकनी होने लगी. मेरे निपल्स में अकड आ गई और मेरा मन बार बार उस देसी लोडे को देखने को हो रहा था. मेरे मुहं में भी पानी आने लगा था. लेकिन ये सब थोडा अजीब भी था इसलिए मैने सोचा की चलो यहाँ से खिसक जाती हूँ. उसके पहले की अनवर अंकल उठ के मुझे देखे मैने निकलने के लिए सोचा. तभी मेरा पाँव सोफे को लगा जब मै घुमने को हुई और उनकी आँखे खुल गई. साली मेरी निगाहें तब भी उनके लण्ड पर ही थी! बाप रे मै तो पकड़ी गई थी! अंकल ने अपनी लुंगी को ठीक किया. मैने कहा आप के लिए खाना ले के आई हूँ अंकल. उन्होंने कहा, थेंक यु. और ये कह के उन्होंने लुंगी के ऊपर से अपने लण्ड को हाथ से दबा दिया. मै वहां से स्माइल के साथ निकल गई. मम्मी ने पूछा खाना दे आई. मैने कहा हां. और फिर मम्मी ने कहा देख मै और तेरे पापा रीतेन अंकल के वहां पार्टी के लिए जा रहे है. पापा को वैसे मैने बोला है ड्रिंक ना करने के लिए इसलिए जल्दी ही आ जायेंगे. मैने कहा ठीक है मम्मी. और फिर मम्मी पापा कार ले के चले गए. मैने हॉल में ही बैठी टीवी देख रही थी. तभी दरवाजे के ऊपर हलकी सी दस्तक हुई. मैने पूछा कौन तो वहां पर से अनवर अंकल की आवाज आई मै. मैने दरवाजा खोला वो अंदर आये और बोले, पापा पार्टी के लिए गए क्या? मैने कहा हां, आप को पता था की वो जाने वाले है. वो बोले हां मुझे बोला था उन्होंने. फिर वो हंस के बोले मुझे लगा की तुम घर में अकेली कहीं डरो ना इसके लिए मै कम्पनी देने के लिए आ गया. मैने हंस के कहा, अरे अंकल मै नहीं डरती वरती. वो बोले हाँ वो तो मै देखा की तुम अब बड़ी हो गई हो! और ये कहते हुए उन्होंने मुझे बूब्स के ऊपर देख के अपने होंठो के पर जीभ को फेर दिया. इस अंकल की वहसी नजरों से मेरा चोदन हो रहा था शायद. और पता नहीं मुझे भी ये सब अच्छा लग रहा था की वो मेरा चक्षु चोदन कर रहे थे. मैने तब एक पतली नाईट ड्रेस पहनी थी जिसके अंदर ब्रा नहीं थी. इसलिए मेरी कडक निपल्स आकार बना रही थी टॉप के उपर जिसको अनवर अंकल बार बार देख रहे थे. वो मेरे साथ ही सोफे में बैठ गए और टीवी देखने लगे. टीवी पर मूवी चल रही थी. जिसमे एक किस का सिन आया, कसम से मेरा अपने आप पर कंट्रोल नहीं हो रहा था. और तभी मेरी जांघ पर अंकल ने हाथ रखा और सहला के बोले तो पढाई कैसी जा रही थी. ह्ह्ह, हां ठीक जा रही है अंकल, मेरी आवाज दब गई थी. मैने उनसे नजर नहीं मिलाई लेकिन उनका हाथ मेरी जांघ को टच करने से मुझे बहुत अच्छा लगा, जैसे मेरे सेक्स के आवेगों में उत्तेजना का सिंचन हो गया था! अंकल अब हाथ को धीरे से वापस जांघ पर ले आये और सहलाने लगे. मेरी आँखे बंद हो गई और तभी दुसरे हाथ से वो मेरे टॉप को पकड के बूब्स को सहलाने लगे. मै अपनी आँखे बंद कर के सिसकियाँ उठी. वो अभी नाईट शर्ट और पेंट में थे. उन्होंने अब मेरे हाथ को लिया और अपने लण्ड पर रख दिया. किसी गर्म भठ्ठी के जैसी गर्मी थी वो और लोहे के जैसी सख्ती भी! अंकल ने मेरी टॉप के बटन खोले और मेरे बूब्स को बहार निकाल के उन्हें चूसने लगे. फिर उन्होंने मुझे कमर से पकड के अपने पास खिंच लिया. मै खड़ी हो के उनकी गोदी में जा बैठी. अंकल का कडक लण्ड मेरे को चिभ रहा था. अंकल ने मुझे ऊपर किया और मेरी पेंट खोल दी. उन्होंने टॉप तो खोला ही नहीं था लेकिन सीधे ही निचे की पेंट निकाली. पेंटी भी नहीं थी इसलिए उनका लण्ड अब सीधे मेरी चुत को टच दे के उसे पानी पानी कर रहा था. अंकल ने मेरे बूब्स को मसले और एक हाथ से वो मेरी चुत को ऊँगली से हिलाने लगी. मेरी चुत का पानी उनकी ऊँगली में लग रहा था और वो बड़े जोर जोर से पानी को निकालने में लगे हुए थे. और फिर अंकल ने अपने लण्ड को निकाल के मेरी चुत पर रखा. बाप रे मेरी ये पहली ही बारी थी जब मै लण्ड लेने वाली थी मुझे पता भी नहीं था की वो दर्द कैसा होता है! अंकल ने मेरे को कंधे से पकड़ा और मेरे टॉप को साइड में कर के वहां पर किस दे दी. और फिर वो मेरे गले के ऊपर किस करने लगे. उनके गर्म गर्म होंठो की वजह से मेरी चुत में और भी पानी आ गया था. अंकल के लण्ड को हाथ से पकड के मै मरोड़ रही थी और वो बड़े चुदासी आवाज निकाल रहे थे! और फिर उन्होंने मुझे अपने लण्ड पर बिठाया और लण्ड को चुत पर रखा. और फिर चिकनी चुत में लण्ड घुसा दिया. फिर अचानक उन्हें कुछ यादा आया और वो बोले, पहली बार है. मैने हां में सर हिलाया तो वो उठे और बोले चलो तुम्हारें कमरे में यहाँ गन्दा होगा! और फिर मै आगे आगे और वो मेरे पीछे पीछे. मैने बेडरूम की लाईट ओन की और फिर उन्होंने मुझे बिस्तर में डाला और मेरी दोनों टांगो के बिच में आ गए. और अपना लण्ड चुत में डालने लगे. एक बार में फिसल गया तो उन्होंने थोड़ा थूंक लगाया और फिर लण्ड को अंदर किया. बाप रे कोई लोहे की सलाख को जैसे मेरी भोस में डाल दिया गया था. मै एकदम सिहर उठी और अंकल ने मुझे कंधे से पकड़ा अभी तो आधा ही लण्ड घुसा था और मेरी चुत की झिल्ली फट के अंदर से खून आ गया बहार. मुझे इतना दर्द हुआ की मै जोर जोर से रोने लगी. अंकल ने आधे लण्ड को वैसे ही रखा और मुझे किस करने लगे. और फिर एक मिनिट के बाद मुझे अच्छा लगा तो वो फिर से धक्के दे के पुरे लण्ड को अंदर डाल बैठे. उनका लण्ड पूरा का पूरा लाल हो गया था. और अब मै जान गई थी की उन्होंने सोफे पर क्यूँ नहीं चोदा मेरे को और यहाँ कमरे में क्यूँ ले आये थे! करीब 10 मिनिट तक वो मुझे धक्के दे के चोदते रहे. और मेरे बदन पर पसीने की लहर दौड़ हुई थी. और मेरा दिल एकदम जोर जोर से धडकन के ऊपर धड़कन दे रहा था. अंकल मेरे ऊपर झुक के मेरी बुर फाड़ने में लगे हुए थे. एकदम जोर जोर से वो मुझे चोद के हांफने लगे थे मै तो दो बार झड़ गई थी. और फिर उनके लण्ड का पानी भी मेरी चुत में ही चुत गया. उन्होंने आखरी बूंद भी अंदर ही छोड़ी. और फिर वो खड़े हुए तो मैने देखा की उनके लण्ड के उपर मेरी चुत का और खून के बहुत सब दाग थे. अंकल ने मुझे एक किस दिया और बोले, तुम इस छोटी उम्र में भी इतना बड़ा लण्ड ले सकती हो, तुम सच में बड़ी हो के एक आला ग्रांड रांड बनोगी मेरी रानी! फिर अंकल गेस्ट रूम में चले गए. मैने भी मम्मी पापा के आने से पहले चद्दर को धो लिया साफ पानी से और फिर उसे वाशिंग मशीन में डाल दिया. और बाथरूम में जा के अपने बदन के ऊपर ढेर सारा पानी डाल के नहाई. मैने नहाते हुए अणि चुत को भी ऊँगली डाल के साफ़ किया चुत में पानी की धार मारी तो अंदर से गाढ़ी क्रीम बहार आ रही थी. वो अनवर अंकल के लण्ड की मलाई थी जो मेरी चुत में जमी हुई थी. अगले दिन मैने पहले मोर्निंग में मेडिकल जा के एक पिल ले ली. ताकि मै इस अंकल के लण्ड से गर्भवती ना हो जाऊं. फिर तो मेरे को चुदाई का चस्का लग गया. बॉयफ्रेंड को किस देती थी सिर्फ लेकिन अब चुत भी देती हूँ! अनवर अंकल फिर कभी नहीं आये हमारे घर, लेकिन जब भी आयेंगे उनका लण्ड जरुर लुंगी क्यूंकि वैसा तगड़ा लण्ड नहीं मिला फिर मेरे को!

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