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प्लीस भैया मुझे एक बार और चोद दो

Antarvasna, hindi sex story :- प्लीस भैया मुझे एक बार और चोद दो

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मै आदित्य प्यार से लोग मुझे आदि कहते है, झारखंड का रहने वाला हूँ. अभी कुछ दिन पहले ये जगह मीडिया में भी आई थी. खैर हमे क्या करना है. दोस्तों, मै आज आपको अपनी रंगीन सुबह के बारे में बताता हूँ. मेरी कहानी जानकार सभी जवान लड़कों के लण्ड खड़े हो जाएँगे और उनमे से रस निकलने लगेगा. तो कहानी शुरू करते है.
उस रात को मै और मेरी बहन बहुत देर में सोये थे. हमारे स्कूल का 15 दिन का विंटर वूकेशन हो गया था. कोहरा बहुत पढ़ रहा था इसलिए हमारे कैराना के डीएम ने 15 दिन की छुट्टी कर दी थी. अब हम भाई बहन बेफिक्रे की जिंदगी जीते थे. देर रात तक हम साथ टीवी देखते थे फिर सोते थे, सुबह हम दोनों देर से उठते थे. ऐसा ही एक रात हुआ. हम दोनों रात में २ बजे टीवी देखकर सोए थे. वो इंग्लिश की होरर पिक्चर थी जो बहुत डरावनी थी. फिल्म का बैकग्रौंड साउंड तो बहुत ही डरावना था. इसलिए मेरी बहन रितू मुझसे चिपककर ही सोयी थी. सुबह मेरी आँख कोई ११ बजे खुली. सूरज अब निकल आया था. कांच की खिड़कियों से सुबह के सूरज की पीली पीली रोशनी छन कर मेरे कमरे में आ रही थी.
बड़ी रोमांटिक सुबह थी. मन में बड़े अच्छे अच्छे ख्याल आ रहें थे. बड़े सुंदर सुंदर ख्याल आ रहें थे. दिल शायराना हो रहा था. गाने सुनने का मन कर रहा था. मैने देख मेरी बहन रितू अभी भी सो रही है. मै उठा और बाथरूम करने गया तो देखा मम्मी ने फ्रिज पर एक नोट चिपका दिया था. ‘नाश्ता तैयार है. पर मंजन करके ही खाना. मै और पापा ऑफिस जा रहे है’ मै मम्मी का नोट पढ़ लिया. बाथरूम कर ली, आँखें मीन्जता हुआ आया और फिर अपनी बहन के पास रजाई हटाकर लेटने लगा. दूसरी तरफ करवट करके घोड़े बेच कर सो रही थी. रितू अब बच्ची नही रह गयी थी, अब वो जवान होने वाली थी कुछ ही सालों में. पर उसकी भीनी भीनी चुत की खुशबू मुझको आने लगी थी. वो अभी १४ साल की थी, इसलिए वो मेरी तरह लोवर और टी शर्ट पहन कर सोती थी. मै भी यही पहन के सोता था. मेरी मम्मी अभी उसके लिए नाइटी नही लायी थी. जैसे ही दोबारा लेटने के लिए मैने मखमली रजाई हटाई रितू का मस्त गदराया हुआ पिछवाडा मुझे दिख गया. रात में उसका ढीला लोवर नीचे सरक गया था.
रितू की चटक आसमानी रंग की तिकोनी पैंटी देखकर तो मेरा ईमान ही डोल गया. मन हुआ तो अभी इसी वक्त सब कुछ भूल कर अपनी जवान होती बहन को चोद लूँ, पर मैने खुद को कंट्रोल कर लिया. मैने अपना हाथ रितू के मुआलायम बड़े गोरे गोरे मक्खन से चिकने पिछवाड़े पर रख दिए. लगा जैसे जन्नत मिल गयी. मैने खूब देर तक उसका पिछवाड़े को हल्का हल्का आराम से सहलाया. ‘मेरी बहन की चुत कितनी गुलाबी और कितनी मीठी होगी, ये तो खुदा ही जानता होगा. काश मुझे रितू की चुत भोगने को मिल जाती, मै तो गंगा नहा लेता’ मैने धीरे धीरे कहा. रितू सोती रही. मैने झुककर उसके पिछवाड़े और गोल गोल चुतडों पर चुम्मी दे दी. फिर उस से सटकर लेट गया और सो गया.
सपने में देख की रितू से प्यार कर रहा हूँ. रितू मीर बांहों में आ गयी है. दोस्तों, बड़ा मीठा सपना था वो. कोई १२ बजे मेरी आँख खुली. जब देखा तो मेरे आश्चर्य का कोई ठिकाना ना था. रितू मेरा लण्ड चूस रही थी. हाँ दोस्तों आपको यकींन नही होगा पर यही सच है. पुरे घर में सन्नाटा था. हम दोनों अकेले थे और मेरी जवान होती बहन मेरा मोटा सा लण्ड चूस रही थी. मैने ये देखा तो तुरंत आँखें मूंद ली. मै नहीं चाहता था की रितू चूसना बंद कर दे. अगर मै जग जाता तो सायद वो शर्म के कारण लण्ड चूसना बंद कर देती. और दूर हट जाती. मैने आँखें सब कुछ जानते हुए भी बंद करे रखी. रितू, मेरी मस्त जवान चुदासी बहन जोर जोर से अपना पूरा सिर हिलाकर जल्दी जल्दी मेरा मोटा लण्ड चूस रही थी. मेरी चड्ढी को उसने नीचे सरका दिया था. दोस्तों, मुझे अपनी किस्मत पर गर्व हो रहा था. उपर वाले से मैने जो चीज मांगी वो उसने मुझको दे दी थी. रितू के लम्बे लम्बे बाल खुलकर उनके गोरे गोरे कंधों पर झूल रहें थे. वो कामुकता और काम की साक्छात देवी लग रही थी. उसकी ढीली ढीली टी शर्ट में उसके नए नए तिकोने मम्मे देख कर मेरा दिल हुआ की अभी पटक कर अपनी बहन को अपने इसी बिस्तर पर चोद लूँ. बाद में जो होगा देखा जाएगा.
कुछ देर बाद मुझे अपनी आँख खोलनी ही पडी दोस्तों. क्यूंकि मेरा माल निकलने वाला था. रितू से कोई आधे घंटे मेरा मोटा मोम्बत्ते सा लण्ड चूसा था. वो रुक ही नही रही थी. मै जान गया था वो फुल चुदाई के मूड में है. ना चाहते हुए मुझे अपनी आँखे खोलनी पड़ी. रितू पीछे इकदम से हट गयी. सायद वो डर गयी थी.
भैया भैया! वो मै ?? मै ??’ वो हकलाने लगी.
मैने रितू को पकड़ लिया और अपने मुलायम बिस्तर पर पटक दिया. ‘कोई बात नही बहन!! कोई बात नही. ऐसा अक्सर हो जाता है’ मैने कहा और सीधा रितू के उपर मै लेट गया. उसके मुलायम मुलायम कुवारे होठ मै पीने लगा. उसकी लाली चुराने लगा. रितू तो पहले से ही चुदवाने के फुल मूड में थी. दोस्तों, जब आज मैने अपनी जवान होती कच्ची कलि जैसे मस्त माल बहन के होंठ पिए तो लगा की वाकई में जिंदगी कितनी खूबसूरत है. रितू ने अपने हाथ मेरे गले में गोल गोल लपेट दिए. हम दोनों में अब कोई बात नही हो रही थी. क्यूंकि बातों की अब कोई गुन्जायिश नही थी. नरम लचीले बहन वाली दुबली माल अपनी बहन रितू को चोदने में आज कितना मजा आएगा ये सोच कर ही मेरा दिल बल्लियों उछलने लगा. मेरा सिर और चेहरा रितू के सिर से काफी बड़ा था. उसका सिर और चेहरा मुझसे काफी छोटा था. मैने उसके दोनों गालों पर अपने हाथ रख दिए और अपनी सगी लेकिन चुदासी बहन के मुलायम होंठ पीने लगा. कुछ मिनट में ही गरम हो गयी. मैने आव देखा ना ताव. उसकी टी शर्ट उतरने लगा तो उसने हाथ खुद ही उपर कर दिए.
जिससे उसकी ढीली टी शर्ट आराम से निकल जाए. मैने टी शर्ट निकाल दी. फिर रितू की सफ़ेद ब्रा दिखी तो मैने वो भी निकाल दी. उफ्फ्फ्फ़ !! हाय !! मेरी बहन इतनी सुंदर और बला की खूबसूरत माल है आज मुझे ज्ञात हुआ. बाप रे बाप !! ये तो बिजली ही गिरा रही है. मैने अपनी जवान चुदासी बहन की खूबसूरती कुछ देर तक निहारी. उसकी सुंदरता को मैने अपनी आँखों में कैद किया कुछ देर. रितू के कबूतर मुझे ढीली ढीली शर्ट और टी शर्त में बड़े छोटे दिखते वो असलियत में खूब बड़े बड़े थे. दोस्तों, मेरी तो आज लोटरी ही निकल गयी थी. मेरी जवान और चुदाई और लण्ड की प्यासी बहन के मम्मे तो सोने से भी जादा सुंदर और कीमती निकले. मै तो पगला गया था. मैने उसके मम्मे पर रख रख दिया. मेरी छुअन से उसे कुछ कुछ होने लगा. मैने अपना हाथ उसके मलाई के गोले पर रखा दिया. वो सिहर गयी. मेरा हाथ उसके बड़े बड़े ३६ साइज के मम्मो पर इधर उधर डोलने लगा, रितू मस्त हो गयी. मेरे हाथ से उसके साइज का जायजा मम्मो को हाथ में भरकर लिया. लगा की मंदिर का प्रसाद सीधा मेरा हाथ में आ गया हो.
मेरा तो लण्ड ही रिसने लगा दोस्तों. मेरा लण्ड चूने लगा, उसका पानी बहने लगा. आखिर मेरा लण्ड उसके मम्मे के जायजा लेते लेते उसके उपरी भाग कर उसके चूचकों पर आ गए. बड़े बड़े काले घेरे को देखकर मन मोह लगा और फिर मेरी उँगलियाँ मम्मे को नुकीली भुंडियों को सहलाने लगी. रितू को कुछ कुछ होने लगा. मै उसके मम्मो पर झुक गया और पीने लगा. रितू ने अपने मुलायम पतले पतले हाथ मेरे गले में डाल दिए. मै उसके दूध पीने लगा. फिर दूसरे मम्मे को मुंह में भर लिया मैने. खूब पिया दोस्तों, अपनी जवान चुदासी और लण्ड की प्यासी बहन के दूध को मैने खूब पिया. फिर उसके मुलायम पेट को चूमने लगा. धीरे धीरे मै उसकी नाभि में पर आ गया और मैने उसकी नाभि चूम ली. अब तो मुझे अपनी बहन की चुत किसी भी कीमत पर चाहिए थी.
मैने उसका लोवर निकाल दिया. उसकी चटक आसमानी पैंटी देख के मन ललचा गया. आखिर मैने वो भी निकाल दी. रितू को मैने मुलायम रजाई पर ही पटक लिया था इसलिए बड़ा मुलायम मुलायम लग रहा था. रितू की चुत पर एक भी बाल नही था. मै बहुत खुश हुआ. मेरी चुदासी बहन अभी पूरी तरह से नही खिली थी, क्यूंकि उसकी चुत पर अभी झांटे नही आई थी. पर मै आज उसको चोद चोद कर उसकी चुत की कमल की तरह खिला दूँगा. मैने मन ही मन सोच लिया. रितू की चुत बड़ी प्यारी, बडी मनमोहक थी. दिल खुश हो गया दोस्तों. मै झुककर उसकी चुत पीने लगा. जिंदगी का मजा आ गया था दोस्तों. कितनी मासूम कितनी प्यारी चुत थी. पर आज मै इस चुत पर खूब मेहनत करूँगा. मैने सोच लिया.
दोस्तों, मैने जादा वक्त बर्बाद करना सही नही समझा. कुछ देर मैने रितू की चुत पी. फिर अपने हाथ में थोडा सा थूक लिया और लण्ड के सुपाडे पर मल लिया. फिर अपने हाथ से लण्ड को साधते हुए रितू के चुत पर रख दिया. उसकी चुत के दोनों मुलायम मखमली होंठ किनारे किनारे सरक गए. मैने पुश किया और मेरा लण्ड १ इंच उसकी चुत में धस गया. मुझे बड़ी खुसी हुई. जरा खून उसकी चुत से बहने लगा. मैने एक धक्का और दिया. मेरा ७ ८ इंच लम्बा लण्ड मेरी बहन की गुलाबी गुलाबी चुत में धंस गया. रितू के दोनों पतले पतले नाजुक हाथ मैने कसके के पकड़ लिए. उसे दर्द होने लगा. मैने कोई परवाह नही की. मै उसको चोदने लगा. रितू आह ऊईईई माँ माँ मम्मी मम्मी चिल्लाने लगी
चुप बहनचोद !! चुप !! मैने उसको जोर से डपट लगाई.
वो डर गयी. मै उसको चोदने लगा. कुछ देर बाद उसका दर्द समाप्त हो गया. वो मजे से टांग फैला फैला कर चुदवाने लगी. उसके बाल उसके चेहरे पर बिखर गए. उसकी आँखें बंद थी. मैने उसके हाथ अब छोड़ दिए. अब वो बिना कोई नाटक किये चुदवाने लगी. उसके काले काले लम्बे लम्बे बालों का सौंदर्य मेरे मन में में बस गया. अपनी चुदती हुई सगी बहन का सौंदर्य मेरे दिल में बस गया दोस्तों. मै सोच लिया की आज अपनी जवान चुदासी बहन की चुत पर खूब मेहनत मै करूँगा. उसको इतना चोदूंगा की वो हर सुबह मेरे लण्ड मांगे और कहे की भैया प्लीस मुझको अपना लण्ड खिला दो. ये सोचकर मै अपनी बहन की चुत पर खूब मेहनत करने लगा. धकाधक उसको चोदने लगा.
पट पट के शोर से पूरा कमरा गूंजने लगा. ये पट पट की आवाज मेरी मेहनत की ही आवाज थी. मेरा मोटा गन्ने जैसा मोटा लौड़ा जोर जोर से बहन की चुत को कूट रहा था. मेरा मोटा लण्ड और मेरी गोलियाँ जोर जोर से रितू के भोसड़े से टकरा रही थी. ये वही आवाज थी दोस्तों. मै मन में ठान लिया था की कम से २ घंटे तो बहन को चोदूंगा. कम से कम २ घंटे तो मुझे बहन की चुत पर मेहनत करनी ही है. रितू के दोनों मस्त गोल गोल मम्मो को हाथ से ऐठते और दबाते हुए मै उसकी चुत कूटने लगा. रितू मस्ती में उछलने लगी. मेरी रजाई बहुत ही मुलायम और मुख्मली थी. इसी पर मैने रितू को लिटा रखा था. मुलायम रजाई में रितू को चोदने का मजा ही कुछ और था. दोगुना मजा मुझको मिल रहा था . अभी अभी कुंवारेपन को खो चुकी मेरी बहन की चुत बड़ी कसी कसी थी. मेरा मोटा लण्ड पूरा उसकी बुर में कसा हुआ था, पर मेरी मेहनत से ही ये सम्भव हो पाया था की मै पट पट करके उसको पेल रहा था. २० मिनट बीते तो लगा की माल निकला जाएगा. मैने तुरंत लण्ड बाहर निकाल दिया. लण्ड थोडा ठंडा पड़ गया. फिर कोई ५ ७ मिनट बाद मैने फिर से लण्ड उसकी बुर में डाल दिया और अपनी सगी जवान चुदासी बहन को चोदने लगा. इसी विधि से मैने रितू को पुरे २ घंटे चोदा दोस्तों. अब मेरी बहन हर रोज सुबह सुबह मुझसे लण्ड मांगती है. वो साफ साफ अब कहती है की ‘प्लीस भैया मुझे एक बार चोद दो, प्लीस भैया मुझको एक बार अपना लण्ड खिला दो !! प्लीस प्लीस भैया!!

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