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बरफ रगड़ रगड़ कर चोदा प्रिया को

बरफ रगड़ रगड़ कर चोदा प्रिया को

नमस्ते दोस्तो
मै आपका वही दोस्त राज आज आपको अपने जीवन कि एक और कहानी बताने जा रहा हूँ।

मेरी पिछली कहानी पढ़ कर कई भाभियों और मेरी बहुत प्यारी दोस्तों ने मुझे बहुत मेल भेजे मुझे बहुत ख़ुशी हुई।
उन सबका बहुत धन्यवाद।

आपको बता दूँ कि अपनी पहली कहानी लिखने बाद कई लड़कियों को चोदा, मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं हैं।

ईमेल के द्वारा मै कई भाभियों के दिल कि तमन्नाओं को जान पाया कि उन्होंने अपनी शादी से पहले कितने सपने देखे थे, पर उनके पति शायद उन्हें कभी खुश नहीं कर पाए।
कइयों ने तो करीब चार साल से चुदाई नहीं कि थी। मुझे यh सुन कर बहुत दु:ख हुआ, पर मै क्या कर सकता था।

अगर आप कि जिंदगी में भी ऐसा कुछ हैं तो परेशान मत होइए शायद आप को भी कोई मेरे जैसा राज मिल जाए जो आपका पूरा ख्याल रखे।

यह मेरी कहानी पूरी तरह से समर्पित हैं उन भाभियों ओर लड़कियों को जिन्होंने कई सालों से मज़ेदार चुदाई के सिर्फ़ सपने ही देखे हैंं, पर उन्हें अभी तक उन्हें कोई ऐसा लण्ड नहीं मिला जो उनकि यह प्यास शांत कर सके।

आपका ज्यादा वक्त न लेते हुए मेरी कहानी पर आता हूँ।

यह बात उस समय कि हैं जब मै एम.कॉम. में पढ़ता था, कुछ ही महीनों में मेरी पड़ोसी लड़कि के शरीर का विकास देख कर मुझे अब उसे चोदने का मन करने लगा था।
उसके चूचे मुझे पागल कर देते थे, वो भी मुझे छुप-छुप कर देखा करती थी।
मै उसे बहुत छेड़ता था।

उसे मेरा साथ अच्छा लगता था वो मेरे घर आती थी, पर मुझसे शर्माती और थोड़ी सी ही बात करके जल्दी से अपने घर चली जाती थी।
उसकि शारीरिक रचना जैसे चुदाई के लिए ही कि गई हो।

उसका 32-30-32 का बदन देखते ही किसी के बदन में हलचल हो जाए उसकि गाण्ड.. जैसे मेरे लण्ड को हमेशा ललकारती हो कि साले तेरे लण्ड में दम हैं तो मुझे चोद कर दिखा।

मैने उससे कई बार खुल के बात करने कि कोशिश कि, पर वो बहुत शर्माती और थोड़ी बात करके ही अपने घर भाग जाया करती थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया उसके चूचे और भी सख्त होते गए।

मैने आस-पास गुजरते हुए कई कई बार उसके चूचे दबाने कि कोशिश कि, पर दबा नहीं पाया।

उसके घर में सिर्फ उसकि मम्मी और पापा ही रहते थे और दोनों ही काम करते थे तो उन्हें घर में रहने का अधिक वक्त नहीं मिलता था।

वो बारहवीं में पढ़ती थी, उसकि जवानी के साथ ही उसके चूचों और गाण्ड के बीच कि दरार भी बढ़ती जा रही थी जिसे देख कर मेरा लण्ड बार-बार खड़ा हो जाया करता और उसका ध्यान मेरे लौड़े पर पड़ जाता तो मुझे शर्म आ जाती।

मुझे पीछे घूम कर अपने लण्ड को ठीक करना पड़ता था। यह काम तो मै उसके साथ रह कर ही कर लेता था।

मुझे लगता था कि जैसे वो मुझे देख कर कह रही हो कि कमीने ऐसे मत किया कर.. मुझे कुछ होने लगता हैं।

फिर एक दिन ऐसे ही पलों में उसके मुँह से निकला- तू बहुत हॉट हैं राज..

मैने कहा- क्या?

वो भाग कर अपने घर चली गई और मै कुछ नहीं कर पाया।

दोस्तो, उसका बदन दूधिया रंग का था, पर मै भी कुछ कम नहीं हूँ मेरा लौड़ा किसी से कम नहीं हैं, जब खड़ा हो जाता हैं तो तन कर 6 इंच लम्बा और इसकि गोलाई 3.5 हो जाती हैं, जो मेरी पड़ोसन को बदहाल करने के लिए काफी हैं।
लण्ड ऐसा हैं कि उसका गुलाबी सुपारा देख कर कोई भी उसका दीवाना हो जाए।

प्रिया ने एक दिन मुझे एक पत्र दिया जिसमें लिखा था- मै तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर बोल नहीं पाती, मै तुमसे शादी करना चाहती हूँ।

उस दिन सुबह के दस बजे थे मेरे घर में भी उस वक्त कोई नहीं था, मैने उसके घर कि घंटी बजाई।

प्रिया ने दरवाजा खोला और मुझे देख कर शर्मा कर अपने घर के अन्दर सोफे पर जा कर बैठ गई।

मै भी उसके साथ उसका हाथ पकड़ कर बैठ गया वो घबरा कर बोली- राज..
और फिर चुप हो गई मै समझ गया कि प्रिया बहुत शर्मा रही हैं।

मैने कहा- प्रिया आई लव यू टू.. यार…

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तो वो मुस्कुराई और बोली- कितना प्यार करते हो?

तो मैने कहा- तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ, मै तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और मै भी तुमसे शादी करना चाहता हूँ।

तो वो बोली- राज तुम यहीं बैठो.. मै तुम्हारे लिए कुछ खाने के लिए लेकर आती हूँ।

फिर वो रसोई में चली गई और चाय बनाते समय गरम दूध उसके ऊपर गिर गया, मै उसके चीखने कि आवाज सुन कर गया तो वो रो रही थी।

मैने जल्दी से उसे उठाया और हॉल में ले जाकर बिठाया और फिर जल्दी से बरफ ला कर बोला- प्रिया तुम अपनी पैंट उतारो.. मै बर्फ लगा देता हूँ।

उसने पहले तो कहा- नहीं.. अभी ठीक हो जाएगा।

फिर मैने उसे प्यार का वास्ता दिया तो वो मान गई।
चाय उसके पैर पर गिरी थी उसकि सेक्सी टाँगें देख कर अब मेरे मन में भी उसे चोदने का ख्याल आने लगा था।

मुझे यह सब करते प्रिया देख कर रोने लगी।

मैने कहा- अब क्या हुआ?

तो बोली- क्या शादी के बाद भी ऐसे ही मेरा ख्याल रखोगे?

मैने कहा- हाँ…

फिर मै बर्फ ले कर उसकि जाँघों पर फेरता रहा जिससे अब मेरी कामुकता और भी बढ़ती जा रही थी।

अब मेरा लण्ड पूरी तरह से खड़ा हो गया था, मेरी पैंट में एक बहुत बड़ा उभार बन रहा था, मै इसे छुपाने कि बहुत कोशिश कर रहा था, पर प्रिया ने यह देखा और कहा- राज इसके अन्दर क्या हैं?

मैने कहा- कुछ नहीं?

तो वो बोली- तुम मुझसे झूट बोल रहे हो.. मुझे तुम्हारा ये ‘कुछ नहीं’ वाला लण्ड देखना हैं.. प्लीज़ दिखाओ ना.. मुझे दिखाओ।

यह कहते हुए उसने मेरी चैन खोल दी और अन्दर हाथ डाल दिया।

उसने मेरे लण्ड को झट से पकड़ लिया और ‘राज कितना मोटा हैं ये..’

मेरी तो सांसें जैसे अटक ही गई हों, फिर मैने कहा- यह सिर्फ तेरे लिए तो ही हैं यार!

‘मैने कभी सेक्स नहीं किया हैं राज.. प्लीज़ मुझे तुम्हारे साथ करना हैं… और मुझे इसके बारे में भी कुछ ज्यादा नहीं पता हैं।’

मैने कहा- मै सब सिखा दूँगा.. पर तुम्हें भी मेरा साथ देना होगा।

उसने कहा- ठीक हैं।

फिर मै तेजी से उसके चूचों कि तरफ बढ़ा।

उसके चूचों से ज्यादा उसके चूचुक ऐसे सख्त दिख रहे थे जैसे उसने कोई नुकिली चीज़ छुपा रखी हो।
मैने चुदाई तो कई बार कि थी, पर कभी बारहवीं में पढ़ने वाली कुंवारी बूर के मजे नहीं लिए थे इसलिए शायद मै कुछ ज्यादा ही कामोत्सुक था।

मेरा लण्ड पूरी तरह खड़ा था और अब तो लण्ड भी मेरी पैन्ट से बाहर आने को बेक़रार था वो भी अन्दर पैंट में पड़े-पड़े दर्द करने लगा था।

इस बात को प्रिया जल्दी ही समझ गई, पर मैने अपना ख्याल न करते हुए पहले प्रिया के चूचों पर हमला किया और जोर-जोर से दबाने लगा और उसके मुँह से “आह्ह्ह” कि आवाज आई।

मै उसे चूम रहा था। उसके होंठ जैसे किसी रस कि बरसात कर रहे हों। उसने मेरे होंठों को जोर से काटा तो मैने कहा- क्या हुआ?
मदमस्त कर देने वाली यह कहानी अगले भाग में समाप्य।
कहानी कैसी लगी जरूर बताएँ।

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