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बारी बारी से सबने चोदा

Hindi sex story :- बारी बारी से सबने चोदा

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मेरा नाम माया है। उम्र 30 साल है और कमाल की सेक्सी औरत हूँ। मेरी शादी शिवन में हुई जो पटना के पास पड़ता है। मै सुंदर और सेक्सी औरत हूँ और अब शादी होने के बाद मुझे लण्ड के लिए नही तरसना पड़ता है। फ्रेंड्स जब तक मेरी शादी नही हुई थी मै मजबूर थी। जब जब चुदने का दिल करता था मै आपनी 2 उँगलियों को चुत में डालकर मजे लेती थी। पर असली लण्ड खाने को नही नसीब होता था। कुछ समय बाद मेरी शादी हो गयी और अब तो मुझे लण्ड की कोई कमी नही है।

मेरे पति सत्यम (मेरे पति का नाम) मुझे अब रोज रात में चोद चोदकर यौन आनन्द प्रदान करते है। अब मेरा जिस्म किसी पोर्न स्टार की तरह सेक्सी दिखने लगा है।
आप लोगो ने देखा होगा की मायके में सभी लडकियाँ दुबली दुबली हड्डी हड्डी सी रहती है, पर जब शादी होने के बाद अपनी ससुराल जाती है और जब उनको मोटे लण्ड की खुराक रोज मिलती है तो कुछ ही दिनों में वो मोटी तगड़ी हो जाती है। दोस्तों मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था। अब एक साल तक ससुराल में चुदने के बाद मै गदरा गयी थी। अब मेरा फिगर 36 28 36 का हो गया था। मेरी गांड भी अब काफी फ़ैल गयी थी। सत्यम बहुत अच्छे पति थे। उधर मेरा देवर रोहन और और जेठ रोहित भी मुझे चोदने के मूड में थे। मेरी देवरानी और जेठानी अपने अपने मर्दों की बड़ी सेवा करती थी पर मेरे जैसा गोरा रंग नही था। रोहन की बीबी भी सांवली रंग की थी और जेठ रोहित की बीबी को काफी काली थी। इस वजह से वो उसकी चुत कम ही मारते थे।
मेरे ससुराल में सिर्फ मेरे ससुर की चलती थी। उन्होंने तीनो बेटो की शादी अपनी पसंद से की थी। मेरी शादी में ससुर को कुछ नही मिला था पर मै बहुत सुंदर माल थी। पर जब रोहन और रोहित की शादी हुई तो ससुर जी पैसे पर बिक गये और काली कलूटी लड़कियाँ घर ले आये। मेरे जेठ (रोहित) तो अक्सर ही मेरा हाथ पकड़ लेते थे और तरह तरह से सेक्सी इशारे करते थे। वो मुझे चोदने का ख्वाब कितने दिनों से पाले हुए थे पर अब तक उनको तरसा रही थी। दूसरी तरफ देवर रोहन की बीबी तो 4 महीने से मायके गयी हुई तो और निमोड़ी लौटी ही नही। इधर रोहित का लण्ड रोज ही खड़ा हो जाता और कोई चुत उसे चोदने को नही मिलती।
रोहित और रोहन ने अपनी अपनी व्यथा मेरे पति सत्यम को बताई। सत्यम बहुत सेक्सी मर्द थे। वो रोहन की बीबी को 4-5 बार चोद चुके थे। और जेठ की बीबी किरन के दूध हाथ से मसल मसल कर आनन्द ले चुके थे। अब बदले में रोहित और रोहन मेरी चुत चोदने को मरे जा रहे थे। अब सत्यम आये दिन मुझसे विनती करने लगे की उनके सगे भाइयों को मै प्यार का पाठ पढ़ा दूँ। इधर मै भी गरमा गयी। एक दिन मेरे साथ ससुर हरिद्वार तीर्थ करने चले गये तो मेरी सामूहिक चुदाई का प्लान बन गया।
जेठ रोहित ने अपनी बीबी को उसके मायके भेज दिया जिससे कुछ दिन मेरी गुलाबी चुत का रसपान कर सके। उसी रात हम चारो अकेले हो गये। रात होते ही सत्यम, रोहित और रोहन मेरे अगल बैठ गये। आज मुझे तीनो की प्यास बुझानी थी। आप लोगों को मैने एक बात नही बताई की शादी के बाद जब मै नई नई आई थी तो जेठ से मुझे कुछ राते चोदा था। ये बात घर में किसी को नही मालुम है। मेरे पति सत्यम को भी नही मालुम है। मुझे याद है की उस दिन घर में सिर्फ जेठ ही मौजूद थे। हम दोनों की आपस में आँखे लड़ गयी। दोनों अपनी अपनी लाइफ के बारे में गुप्त बाते बताने लगे और फिर जेठ ने मुझे कमरे में ले जाकर चोद डाला। आज वो सब धमाल फिर से होने जा रहा था। सत्यम काफी खुले स्वभाव के मर्द थे।
“माया!! आज तुम मेरे भाइयों की प्यास बुझा दो। आज इन दोनों को अपनी चुत चोदने को दे दो” पति बोले
“पर मुझे अगर किसी का लौड़ा कुछ जादा ही पसंद आ गया तो बाद में मै इन दोनों से चुदवा लुंगी” मैने कहा
“मुझे मंजूर है!!” पति बोले
उसके बाद तीनो मुजसे प्यार करने लगे। आज मैने गुलाबी साड़ी पहनी थी। धीरे धीरे तीनो ने मेरी साड़ी उतार दी। जेठ ने मेरे पेटीकोट को उपर उठाना शुरू किया तो मेरी गोरी गोरी टाँगे चमकने लगी। जेठ मेरी टांगो को किस करने लगे।
“ओह्ह माया!!! तुम तो मल्लिका शेरावत दिखती हो” जेठ बोले और पेटीकोट को और उपर उठा दिया
उधर मेरा देवर मुझसे आशिक की तरह चिपक गया। मेरे ब्लाउस पर हाथ लगाने लगा। मुझे होठो पर किस करने लगा। ब्लाउस के उपर से मेरे 36” की गोल गोल फूली छातियों को दबाने लगा। मै “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। तीसरी तरफ मेरे पति सत्यम भी कपड़े उतारने लगे। आज मै 3 3 मोटे लौड़े से चुदने जा रही थी। रोहन ने 15 मिनट तक मेरी रसीली चूचियां ब्लौस के उपर से लपर लपर करके दबा दी। इस दौरान मुझे खूब यौन सुख मिला। उधर जेठ अब मेरी गोल मटोल सफ़ेद दुधियाँ जांघो को हाथ से टच कर रहे थे। बार बार हाथो से नीचे उपर करके मेरी जांघो को सहला रहे थे जिससे कितना मजा मिल रहा था मुझे। बार बार “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” कर रही थी। जेठ मेरे सफ़ेद पेट पर चुम्मा देने लगे और काफी किस किया। मेरी नाभि बहुत सेक्सी थी। चुत की तरह गहरी थी। जेठ ने जीभ डाल डाल कर मेरी नाभि चूसी और बड़ा आनन्द मुझे दिया।
“माया!! देखो ये चुदाई वाली बात मेरी बीबी से मत बोलना” जेठ रोहित बोले
“नही बोलूंगी जेठ जी!! आप परेशान मत हो। निडर होकर आप मुझे चोदिये” मैने कहा
उसके बाद जेठ ने मेरे गुलाबी पेटीकोट का नारा खोल दिया और उतार दिया। मैने खुद ही अपने पैर खोल दिए। आज मैने लेस वाली नई डिज़ाइन की गुलाबी जालीदार पेंटी पहनी थी। मेरी चुत की दरारे साफ़ साफ़ पारदर्सी पेंटी से दिख रही थी। जेठ हाथ से चुत की सतह टटोलने लगे। उधर देवर रोहन ने मेरे ब्लाउस की बटन खोलने शुरू कर दी। अब मेरी ब्रा खोल रहा था। फिर मुझे नंगी करके मेरे 36” के दूध हाथ से बार बार दबाने लगा। मुझे दो तरफ से आनन्द मिलने लगा। जेठ जी पेंटी के उपर से चुत चाटने लगे। देवर जल्दी जल्दी मेरे नंगे दूध दबा देता था। मै “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। जेठ ने मेरी पेंटी कुछ देर चाटी जल्दी जल्दी जीभ लगाकर। मै सी सी करने लगी और पुरे बदन में झुरझुरी होने लगी। जेठ बहुत प्यासे दिख रहे थे। जल्दी जल्दी उपर से चाटते रहे जिससे मै पानी पानी हो गयी। अब जेठ ने मेरी कसी पेंटी को हाथ से उतारना शुरू किया और चिकनी जांघो से होते हुए पेंटी उतार के फेंक दी। मुझे अचानक से बड़ी शर्म लगी तो हाथो से चुत को ढाकने लगी।
जेठ ने बड़ी फुर्ती से मेरे हाथो को पकड़ लिया और चुत से हटा दिया। अब वो लेट गये और जल्दी जल्दी मेरी चुत किसी प्यासे कुत्ते की तरह चाटने लगे। मै “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। दूसरी तरफ अब मेरा देवर रोहन किसी चोदु ठरकी आदमी की तरह जल्दी जल्दी मेरी निपल्स मुंह में लेकर चूसने लगा। मुझे डबल डबल मजा मिल रहा था। सत्यम मेरे पति जी मेरे सामने ही खड़े हो गये और जल्दी जल्दी अपना लण्ड फेटने लगे। उनका लौड़ा 7” का था। वो जल्दी जल्दी फेंट रहे थे। आज 3 3 जवान मर्द मेरे खूबसूरत जिस्म का भोग लगाना चाहते थे। मै भी अंदर से तीनो से आज एक साथ चुदना चाहती थी। जेठ जी ने 15 मिनट मेरी चुत चाटी जिससे मै एक बार झड गयी। मेरी चुत से पानी की कई पिचकारी जल्दी जल्दी निकली जो जेठ के मुंह पर जा पड़ी।
अब वो जल्दी जल्दी उगली मेरे भोसड़े में डालने लगे और अंदर बाहर करने लगे। मै पागल होकर “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। “जेठ जी आराम से करिये!! लगती है!!” मैने कहा। पर उनको कहाँ होश था। जल्दी जल्दी मेरी चुत में 2 उँगलियाँ एक साथ ही ठूस दी और जल्दी जल्दी चुत की अँधेरी गली में ऊँगली अंदर बाहर करने लगे। मै बिस्तर पर लेटी थी। बार बार अपनी गांड हवा में उपर उठा देती थी। बड़ा अजीब अहसास होता है चुत में ऊँगली करवाने लगा। मजा भी मिलती है और साथ में सजा भी मिलती है। जेठ ने कितने देर तक मेरी चुत में जल्दी जल्दी ऊँगली की। जीभ लगाकर अब जल्दी जल्दी चाट रहे थे। खूब आनन्द लिया मैने।
“माया!! अब हम तीनो भाइयों के लौड़े तुम अच्छे से चूस दो” जेठ जी बोले
“हा हा भाभी!! मुझे तुमसे लण्ड चुसवाना है। जल्दी चूसो” देवर बोला
अब मेरे पति रोहित, रोहन और सत्यम तीनो लाइन से बेड पर लेट गये। सबसे आगे जेठ लेटे थे। मैने फुर्ती ने उनका 9” का लौड़ा पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी।
“जेठ जी!! आपका हथियार इतना लम्बा कैसे है?? क्या राज है??” मैने पूछा
“तेरी जेठानी हर रात इस पर सरसों के गर्म तेल से मालिश करती है। उसी की सेवा का फल है इतना रसीला लण्ड” जेठ जी बोले
मै तो ललचा गयी। जल्दी जल्दी उनके लण्ड पर हाथ फेरने लगी। कितना शानदार लण्ड था दोस्तों बिलकुल खीरे की तरह। मै जेठ की गोलियों को भी हाथ लगाने लगी। वो उ उ उ उ सी सी करने लगे। मैने फुर्ती से हाथ से फेटना शुरू कर दिया। मै बैठ कर लण्ड चूसने लगी। आज तो मेरी लोटरी निकल आई थी। 3 3 मोटे खीरे मुझे चूसने को मिल रहे थे। मैने जेठ का लण्ड चूसना शुरू कर दिया। कितना विशाल और ताकतवर लण्ड था। मै जल्दी जल्दी चूसने लगी। मुझे भी सेक्स का चस्का लग गया था। अच्छे से फेट दिया। अब देवर रोहन के सामने आ गयी।
वो बेचारा भी मेरा इन्तजार कर रहा था। उसका लण्ड 8” लम्बा था। मैने उसे भी मुठ देना शुरू किया और फिर चूसने लगी। फिर अंत में पति का 8” का लण्ड चूस डाला। अब जेठ ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी दोनों टांगो को खोल दिया उन्होंने और चुत में लण्ड डालना शुरू कर दिया। मै आह आह करने लगी। जेठ के लण्ड का सुपाडा काफी मोटा था जिससे मेरी चुत की छेद में नही घुस रहा था। पर जेठ तो आज पुरे मूड में थे। धक्का देते रहे और धीरे धीरे मेरी चुत रबर की तरह खुल गयी और लण्ड अंदर चला गया। मै “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….जेठ जी!! प्लीस धीरे धीरे अंदर डालिए!!” बोलने लगी। फिर उनका हथियार पूरा का पूरा 12” अंदर धंस गया और वो मुझे अब जल्दी जल्दी चोदने लगे। उधर मेरे देवर रोहित ने अब मेरे मुंह में लण्ड डाल दिया और मुझसे चुसाने लगा। अब मै दो काम एक साथ कर रही थी। चूस भी रही थी और जेठ से चुदवा रही थी। जेठ का लौड़ा 12” से भी जादा लम्बा और 3” मोटा किसी नीग्रो की तरह था। जेठ जल्दी जल्दी मुझे पेल रहे थे जिससे घच घच की आवाजे मेरी चुत से निकल रही थी। मै “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” बोलकर गर्म गर्म सिसकियाँ ले रही थी। जेठ बड़े मन से मेरे साथ सम्भोग कर रहे थे।
“ओह्ह माया!! तुम कितनी सेक्सी औरत हो। जवाब नही तुम्हारा” जेठ कह रहे थे और जल्दी जल्दी कमर उठा उठाकर मुझे पेल रहे थे। मेरी चुत बड़ी सेक्सी और गद्देदार थी। जेठ जी का लण्ड जल्दी जल्दी अंदर बाहर हो रहा था। मेरी चुत से सीटी बज रही थी। जेठ जी बड़े सेक्सी मर्द थे। उनकी दोनों गोलियां अब काफी कड़ी हो गयी थी। उनकी बंदूक मेरी चुत के साथ भीसड युद्ध करने लगी। मैने खुद को जेठ के हवाले कर दिया। अब मेरे दूध को दोनों हाथो से दबाने लगे और मसल मसल के मजा लेने लगे।
दोस्तों, मै कुछ बोल नही पा रही थी क्यूंकि देवर रोहन ने अपना लण्ड मेरे मुंह में दे रखा था। जेठ ने मेरी गद्देदार चुत पर कुछ मिनट तक बैटिंग की। फिर हट गये। अब देवर रोहन इस तरफ आ गया। वो लेट गया और मेरी चुत को पागलो की तरह सक (चाटने) करने लगा। मै आनंद से पागल हुई जा रही थी। रोहन ने जीभ लगा लगाकर खूब पस पिया। मै “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करती रही क्यूंकि अब मेरे पुरे बदन में वासना की चीटियाँ काट रही थी। दिल कर रहा था की ये सब प्यार, मुहब्बत और सेक्स का खेल अब कभी बंद न हो।
“रोहन!! मेरे देवर!! चूसो और अच्छे से मेरी चुत को चूसो। आज कोई शर्म मत करो!!” मैने भी किसी रंडी की तरह बकने लगी।
मैने रोहन के सिर को पकड़ लिया और चुत की तरफ दबाने लगी। वो भी आज अपनी भाभी की अन्तर्वासना को साफ साफ देख रहा था। मेरे पति सत्यम अपनी आँखों से मेरी चुदाई देखकर आनन्दित हो रहे थे। वो बार बार मुस्की मार रहे थे। रोहन ने बड़ी देर तक चुत चाटी। मेरे चुत के दानो को उसने दांत से काट काटकर जख्मी कर दिया। मेरा तो बुरा हाल था। दोस्तों मेरी चुत के होठ काफे लम्बे लम्बे और बेहद खूबसूरत थे। रोहन तो किसी चोदू आदमी की तरह चुत के होठो को चूस रहा था जैसे उसमे शहद भरा था। उसने भी आज फुल मजा ले लिया। अब देवर रोहन ने अपने 10” लौड़े को हाथ से जल्दी जल्दी फेटना शुरू कर दिया।
जब उसका लण्ड लोहे की तरह सख्त हो गया तो रोहन मेरी चुत में लण्ड घुसाने लगा। मै फिर से “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”करने लगी। फिर रोहन अपने मकसद में कामयाब हो गया। अब उसने मेरी ठुकाई शुरू कर दी। मुझे fuck करने लगा। एक बार फिर से मै उसके लिए सेक्स का खिलौना बन गयी। रोहन मुझ पर लेट गया और मेरे लिप्स को चूसने लगा। मुझे गालो, गले और कान पर किस करने लगा जिससे मुझे बार बार बड़ी झुनझुनी होती थी। रोहन ने बड़ा फोरप्ले किया। अब देवर रोहन ने मेरे मुंह पर अपना मुंह टिका दिया। मेरे होठ चूस चूसकर मेरा गेम बजा रहा था। मै भी आनन्दित हो गयी और उसे बाहों में भर लिया और सीने में छुपा लिया।
दोस्तों रोहन ने मेरे लबो को किस करते हुए मुझे 15 मिनट चोदा और झड़ा भी नही। अब मेरे पति सत्यम की बारी आई। मै तो उसकी असली बीबी थी। उन्होंने भी मेरे लब चूस चूस कर किस किया और खूब चोदा। फिर जेठ, देवर और पति ने बारी बारी से मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी गांड चोद डाली। मै पूरी रात सिर्फ “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की करती रही।

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