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बुआ की जवान लड़की का चूत और मेरा तगड़ा लण्ड

antarvasna :- बुआ की जवान लड़की का चूत और मेरा तगड़ा लण्ड

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमित है, और मै मिर्जापुर का रहने वाला हूँ। मुझे बचपन से ही सेक्स कहानियां पढने का बहुत शौक था। अभी मेरी उम्र 20 साल हो होगी, और मै अपनी पढाई पूरी कर चूका हूँ। मैने अपनी जिन्दगी में कुछ ही लडकियो से दोस्ती की थी और उनमे से मैने एक लड़की को फंसा भी लिया था।

पहले हम केवल बातें करते और फिर धीरे धीरे मै उसके चूचियो को दबाना शुरू किया और फिर कुछ दिनों बाद मैने उसे चुदने के लिए भी मना लिया। मै उसको अपने दोस्त के रूम पर ले गया और फिर मैने अपनी जिन्दगी की पहली लड़की की चुदाई की। वो मेरी पहली चुदाई थी इसलिए मज़ा तो बहुत आया लेकिन मै बहुत देर तक उसकी चुदाई न कर सका। पहली चुदाई के बाद मैने एक दिन फिर से उसको चोदने के लिए मना कर अपने दोस्त के घर ले गया और फिर उस दिन मैने उसकी चुदाई बहुत देर तक की। उस दिन उसने मुझसे कहा – “अब मै तुमसे नही चुदुंगी क्योकि तुम जब चोदने लगते हो तो भूल जाते हो की तुम्हारे इतने तेज चुदाई से मेरा क्या हल हुआ होगा”। मेरी उस चुदाई से उसने मुझसे ब्रेक अप कर लिया। और फिर बहुत दिनों तक मुझे किसी भी चुत के दर्शन नही हुए। कुछ महीने पहले की बात है जब मैने अपनी तैयारी के लिए बुआ के घर आया था। मेरा तो कोई प्लान ही नही था की मै बुआ के घर आऊ और वहां से तैयारी करूँ लेकिन जब मेरी पढाई पूरी हो गई तो पापा ने मुझसे कहा – “अब तुम्हारी पढाई पूरी हो गई और तुम अगर तैयारी करना चाहो तो इलाहबाद चले जाओ वहां तुम्हारी बुआ रहती है उनके साथ में रहना और तुम्हारी तैयारी भी हो जायेगी”। मैने पापा से कहा ठीक है मै चला जाऊंगा। जब मै यहाँ आने वाला था तो मुझे ये भी नही पता था की वहां मेरी तैयारी के साथ साथ मेरी चुत चोदने का भी सपना पूरा हो जायेगा। कुछ महीने पहले मै बुआ के घर आ गया, जब मै यहाँ आया तो मेरी क्लास शुरू नही हुई थी, तो कुछ दिन मैने पहले वहां घूमा और जब क्लास सुरु हुआ तो मैने क्लास ज्वाइन कर लिया। मेरी बुआ के दो बच्चे थे एक लड़की और एक लड़का, लड़की का नाम नेहा था और लड़के नाम रवि था। देखने में बहुत ही अच्छी और अभी जवान हुई थी। वो लगभग 19 साल की होगी। उसकी आंखे बड़ी बड़ी थी और टमाटर की तरह लाल और पतले से होठ और काफी लाल भी। उसको देखने के बाद तो ऐसा लगता था की जैसे कोई पारी है जो अभी अभी असमान से आई है। नेहा ने एक दिन अपनी मामी से कहा – मम्मी मुझे भी तैयारी करनी है?? तो उसकी मम्मी ने कहा पहले पढ़ तो लो फिर बाद में तैयारी करना। तो उसने कहा मै साथ में ही तैयारी करुँगी। इस बात मैने भी बुआ से कह दिया हाँ बुआ पढाई के साथ में भी तैयारी कर सकते है। और ये तो अच्छा ही है मै भी अकेले बोर हो जाता हूँ कोई मेरे साथ भी पढने वाला हो जायेगा। बुआ ने कहा ठीक है कल से अमित के साथ में चली जाना। मैने जरा भी नहीं सोचा था मेरे साथ पढने से मेरी और नेहा की चुदाई की कहानी बन सकती है। मै और नेहा दोनों साथ में जाने लगे और घर में भी साथ में ही पढ़ते थे। जब हम लोगो को पढना होता था तो हम एक अलग कमरे में चले जाते और फिर वही पर अकेले में पढ़ते थे। कुछ दिन बीत गया हम दोनों एक दुसरे के काफी करीब आ गये थे एक दुसरे के बारे में बहुत से बात जान गये थे। एक दिन मै और नेहा दोनों पढ़ रहे थे और उस दिन उसने एक ढीला सा टॉप पहना था और उसने ब्रा भी नही पहना था, हम दोनों पढ़ रहे थे और फिर कुछ देर बाद नेहा थोडा सा झुकी और उसकी गोरी सी चूची थोड़ी सी दिखने लगी। उस दिन मैने पहली बार उसकी चूची को देखा था, जब मैने उसने मम्मो को देकः तो पहले मैने सोचा ये गलत बात है ये मेरी बहन के जैसी है लेकिन जब वो कुछ देर तक झुकी रही तो मैने अपने आप को रोक नही पाया उसकी गोरी गोरी चूचियो को देखने से। मेरा लण्ड धीरे धीरे खड़ा होने लगा और मै अपने लण्ड को अपने हाथो से दबंते हुए किसी तरह से अपने आप को रोके हुए थे। कुछ देर बाद मैने नेहा से कहा – मै अभी आता हूँ तुम पढो, मै वहां से चला गया और बाथरूम में जाकर मै मुठ मरने लगा, मै मुठ मर ही रहा था की बाथरूम का दरवाज़ा खुला और नेहा बाहर खड़ी हुई थी मैने उसके सामने अपने लण्ड को हाथ में लिए खड़ा था, मैने तुरंत दरवाज़ा बंद कर लिया। मैने सूचा दरवाज़ा कैसे खुल गया, लगता है मैने ठीक से बंद नही किया था। कुछ देर बाद मैने अपने चहरे को छुपाते हुए बाहर निकल और फिर सीधे अपने कमरे में चला गया। क्योकि मुझे बहुत शर्म आ रही थी। मै बहुत देर बाद अपने कमरे से बाहर आया और मार्किट में घूमने के लिया चल गया। जब मै वापस घर आया तो नेहा के मामा आये हुए थे कुछ देर उनसे बात करने के बाद मै अपने कमरे में पढने के लिए चला गया। जब मै वहां पहुंचा तो नेहा पहले से पढ़ रही थी। मुझे उसके सामने थोडा शर्म आ रही थी लेकिन मै फिर भी उसके साथ में पढ़ रहा था। मेरी निगाहे उसकी चूचियो पर कभी कभी चली जाती थी कि कंही दिख तो नही रही है उसकी चूचियां। पढ़ते पढ़ते रात हो गई और फिर हमने खाना खाने के बाद फिर कुछ देर पढ़ा। हम पढ़ ही रहे थे, और फिर वहां बुआ आई और नेहा से कहा – “आज तुम्हारे मामा आये है और वो रवि के साथ में लेटे है तुम चाहो तो मेरे साथ में लेट जाओ”। तो नेहा ने कहा – “मम्मी मै अभी कुछ देर तक पढूंगी और फिर मै यंही अमित के कमरे में सोफे पर ही लेट जाउंगी आप चिंता मत करना”। तो बुआ ने कहा ठीक है। बुआ वहां दे चली गई और फिर हम बहुत देर तक पढने के बाद थक चुके थे और लेटने के बारे में सोच रहे थे, मैने नेहा से कहा – तुम चाहो तो ऊपर लेट जाओ और मै सोफे पर लेट जाऊंगा। तो उसने कहा – दोनों लोग ऊपर ही लेट जाते है जगह तो है ही बिस्तर पर। जब उसने ये बात कही तो मेरे मन में नेहा के बारे में गलत सोच आने लगी। नेहा ने दरवाज़ा बंद किया और फिर हम एक ही बिस्तर पर लेट गए। कुछ देर तो मुझे नीद नहीं आ रही थी मै अपनी करवटे बदल रहा था । मेरे मन में नेहा के साथ में चुदाई के बारे में चल रहा था, मै सोचा रहा था कैसे मै नेहा को चोदुं। कुछ देर बाद जब मुझे लग नेहा सो गई तो मैने अपने अपने हाथ को धीरे से उसकी चूचियो के ऊपर रख दिया और फिर कुछ देर बाद मै धीरे धीरे उसके मम्मो को दबाने लगा। कुछ देर बाद नेहा मुझसे चिपक गई और मेरे हाथ को उसने पकड़ लिया और फिर अपने चूचियो में लगते हुए मेरे हाथ को अपने चुत तक ले गई और अपने हाथ को मेरे लण्ड के ऊपर रख दिया और मेरे लौड़े को जोर जोर से बनाने लगी। मैने भी तुरंत उठ कर उसके होठो को चूमने लगा और साथ में उसकी चूचियो को भी दबाने लगा मै बहुत देर से उसको चोदने के बारे में सोच रहा लेकिन कुछ नही कर पा रहा था। जब मैने उसने किस करना शुरू किया तो कुछ देर बाद नेहा ने भी मुझे जोर से अपने बाँहों में बहर लिया और मेरे होठो को बड़े जोश से पीने लगी। मै और नेहा दोनों बड़े जोश में थे और हमने बहुत देर तक एक दुसरे के होठो को पिया। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम बहुत देर तक होठो को पीने के बाद मैने और नेहा दोनों ने अपने कपड़ो को निकाल दिया और फिर हम एक दुसरे से लिपट कर एक दुसरे को चूमने लगे। बहुत देर तक मैने उसके गले और उसके चिकने हाथो को चूमता रहा और फिर मैने अपने हाथो की उंगलियो को उसके चहरे से सहलाते हुए उसके गले से होते हुए उसकी मुलायम, चिकनी, और काफी सुडोल चूचियो के पास ले गया और फिर मैने धीरे धीरे उसकी चूचियो के निप्पल के चारो तरफ गोल गोल किया उसके ब्रा के ऊपर से ही और फिर मैने उसके ब्रा को निकाल दिया और अपने दोनों हाथो से उसके मम्मो को दबाना शुरु किया और कुछ देर तक मम्मो को दनाने के बाद मैने उसके निप्पल को चुमते हुए मैने उसकी चूचियो को अपने मुह में ले लिया और उसकी मम्मो को पीने लगा। मुझे काफी मज़ा आ रहा था क्योकि मुझे बहुत दिनों के बाद किसी के दूध को पीने को मिला था और नेहा की चूची थी ही इतनी अच्छी की मेरा मन तो उसको चोदने ने कर ही नही रहां था। मैने बहुत देर तक उसकी चूचियो को अपने हाथो से मसाला और उसकी चूचियो को पिया भी। फिर मैने अपने लण्ड को नेहा के मुह में लगा कर उसको चूसाने लगा। वो मेरे लण्ड को बड़े प्यार से आगे पीछे करते हुए चूस रही थी और मेरे पूरे लण्ड को अपने मुह के अंदर लेकर वो चूस रहा थी। जिससे मुझे तो मज़ा आ रहा था लेकिन साथ में नेहा को भी मज़ा आ रहा था। 20 तक उसने मेरे लैंड को चूसा, फिर मैने अपने अपने लण्ड को उसकी चुत के पास ले गया और अपने लण्ड को उसकी चुत में मैने धीरे से अपने लण्ड को नेहा के चुत में डाल दिया। मेरे लण्ड के अंदर जाते ही वो तडप उठी और मुझे पीछे की तरफ धकेलने लगी। मैने फिर से अपने लण्ड को उसकी चुत में लगाया और फिर से चोदने के लिए तैयार हो गया। मैने इस बार अपने लण्ड को धीरे धीरे से उसकी चुत में डाला और कुछ देर तो धीरे धीरे डाला और फिर कुछ देर बाद मै तेजी से उसकी चुदाई करना किया, मेरे मोटे लण्ड को नेहा सहन नही कर पा रही थी और अपने शरीर को एंठते हुए सिसक रही थी। लेकिन फिर भी मै रुक नही रहा था और लगातार बैटिंग कर रहा था। बहुत देर तक मैने उसको बिस्तर पर ही चोदा और फिर मैने नेहा को अपने गोद में उठा लिया और फिर अपने लण्ड को उसकी चुत में लगा कर मैने उसको गोदी में चोदना शुरू कर दिया। पहले तो ज्यादा मज़ा नही आ रहा था लेकिन जब कुछ देर बाद नेहा भी अपनी कमर उठा कर मुझसे चुदने लगी, तो मुझे भी मज़ा आने लगा। नेहा अपने हाथ को मेरे कंधे पर रखे हुए बार बार ऊपर नीचे हो रही थी जिससे मेरा लण्ड उसकी चुत के अंदर तक चला जाता। कुछ देर बाद जब मै तेजी से उसकी चुदाई करने लगा तो नेहा अपने मुह को एंठते हुए ….. अआह्हह आह्ह्ह अह्ह्ह .. ओहो ओह्ह्ह ओह्ह …. उफ़ उफ़ …उफ्फ्फ्फ़ .. उनहू उनहू …सी सी सी सी …. आआअ .. मम्मी मम्मी … माँ माँ …. उन उह उह उह ……उह्ह्ह्ह … प्लीस्स्सस्स्स ह़ा आह्ह्हह्ह अहह .. करके चीखने लगी। कुछ देर लगातार मैने उसकी चुत को चोदता रहा और फिर मेरे लण्ड से मेरा वार्य निकलने वाला था और फिर मैने उसको अपनी गोदी से नीचे उतार दिया और फिर जल्दी जल्दी मुठ मरने लगा। कुछ देर मुठ मरने से मेरे लण्ड से पिचकारी की तरह पिच पिच करके मेरे शुक्राणु निकलने लगे। उस दिन मेरा मन उसकी गांड भी मरने को कर रहा था लेकिन मै जल्दी ही आउट हो गया। लेकिन जब मैने उसको फिर दोबार चोदा तो मैने उसकी गांड भी मारी।

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