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भतीजी को घोड़ी बनाकर चोदा

Sex story, antarvasna

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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम नीतीश है। मै मध्यप्रदेश में रहता हूँ। मेरी उम्र अभी ज्यादा नहीं है। मै अभी 21 साल का नवजवान युवक हूँ। मेरे को देखने के बाद लडकिया भी कह देती है। वाह!! क्या हैंडसम मुंडा हैं। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे 3 बड़े भाई और उनकी बेटी भी रहती हैं। मै सबसे छोटा था। मै बहोत लेट में पैदा हुआ था। मेरे बड़े के शादी के बाद मै पैदा हुआ था। दरअसल वो रिश्ते में सगे भाई नहीं हैं। पापा ने दूसरी शादी करकेमेरे को पैदा किया था। कहने में बहोत अजीब लग रहा है। लेकिन ये सच है जिस दिन मै पैदा हुआ था उसी के कुछ दिन बाद मेरी बड़ी वाली भतीजी काजल भी पैदा हो गयी। उम्र के हिसाब से मै उसके भाई जैसा था। लेकिन रिश्ते में तो मै उसका चाचा लगता था। वो बचपन से ही मेरे साथ खेली बड़ी हुईं। अब हम 22 साल के हो चुके थे। पहले मैने उसके बारे में कभी कुछ सोचा ही नहीं था। लेकिन मेरा मन कैसे बदला ये मै आपको अपनी इस कहानी में बताता हूँ।फ्रेंड्स ये बात एक महीने पहले की है। मै कहानी पढ़ रहा था। तो सोचाक्यों न मै भी अपनी कहानीं आप तक पहुँचाऊँ। एक महीना पहले मै बैंक की तैयारी करके वापस आया था। कोचिंग में तो आँख सेकने को मिल जाता था। लेकिन घर आते ही मेरे को ये सब करने को मिलता ही नहीं था। एक दिनमेरी भतीजी काजल छोटे छोटे स्कर्ट और टॉप में बैठी थी। जिसे देख कर मै आँख सेकने लगा। उस दिन पहली बार मेरा ध्यान उसके बूब्स पर गया हुआ था। वह क्या मस्त बूब्स दिख रहे थे। जब वो चलती थी तो गेंद की तरह उसके बूब्स उछलते रहते थे। उस दिन वो मेरे दिमाग में बैठ गई। मेरे को अब उसके एक एक अंग को देखने की इच्छा होने लगी। वो मेरे को देख कर आज भी बचपन वाला रिएक्शन करती थी। जब भी वो बाथरूम में जाती तो उसे नहाते देखने के लिए मै जुगाड़ लगाता था। लेकिन उसी बीच कोई नकोई आ जाता था और मेरे प्लान को खराब कर देता था। एक दिन जब वो बॉथ रूम में नहाने गयी थी। वो अपना तौलिया बाहर ही दरवाजे के पास टांग दी। सारे लोग वही टांगते थे। हल्का सा दरवाजा खोलते ही नहाने के बादउठा लेते थे। उस दिन उसने भी ऐसा ही किया। मैने उसके तौलिये को नीचे गिरा दिया। वो अपना सारा कपड़ा निकाल कर नहा रही थी। उसे तौलियेकी ज़रूरत हुई तो उसने हाथ डाला। लेकिन तौलिया हाथ ना लगा तो वो दरवाजे से अपने मुह को निकाल कर देखने लगी। उसने देखा की तौलिया कुछही दूर पर पड़ा था। उसने इधर उधर देखा कोई नहीं नहीं दिखा तो उसने धीरे से दरवाजा खोला। मै ये सब सामने की थोड़ी सी खिड़की खोल कर देख रहा था।उस टाइम वो पैंटी और ब्रा में ही थी। उसका बदन संगमरमर की तरह चमक रहा था। उसके दूध को काले रंग की ब्रा में देखकर मै तो पागल हो गया। मेरा लन्ड खड़ा हो गया। मै लन्ड को हिलाने लगा। वो तौलिया लेकर अंदर चली गयी। और फिर उसे लपेटकर बाहर निकली। कुछ देर तक वही पास केशीशे में अपना खूबसूरत चेहरा देख रही थी। काजल को देख कर मै मुठ मारने में बिजी था। मेरा माल कुछ देर बाद निकल गया। काजल तो मेरे दिल और दिमाग में छा गयी। हम लोग एक ही कमरे में अलग अलग बिस्तर पर सोते थे। काजल रात को आकर उसी रूम में सोने जा रही थी। कुछ देर तक उसने मेरे से बात की और फिर सो गयी। मेरा मौसम रात के करीब 12 बजे बन गया। मेरे को तो उसे ख़ुशी ख़ुशी चोदना था। मैने अपना लन्ड पैजामे से बाहर किया। बिस्तर से उठ कर उसके करीब जाकर अपनालन्ड हिला रहा था। उसकी गांड मेरे लन्ड के साइड में थी। मै उसके बिस्तर पर लेट कर उसकी गांड में लन्ड छुआ कर मुठ मारने लगा। धीरे धीरे मेरा जोश बढनें लगा। मै अब उसके ऊपर पैर रख कर उसकी गांड चुदाईकरने लगा। कुछ देर बाद वो जाग गयी।काजल: तुम यहां क्या कर रहे हो??मै: कुछ नहीं!इतने में उसकी नजर मेरे खड़े हुए लन्ड पर पड़ गयी।काजल: ये क्या है?? तुम इससे क्या कर रह थे।मै: तुम्हे नहीं पता है ये क्या है ?और क्या किया जाता है?काजल: पता है इससे पेशाब किया जाता है।मै: और भी काम करते हैं। तुम्हे नहीं पता क्या??काजल: नही लेकिन ये तुम मेरे बिस्तर पर आकर क्या कर रहे थे??मै: मै यहां तुम्हारी गांड को छूकर मुठ मार रहा था। अभी इसमें से कुछ क्रीम जैसा निकलने लगेगा। यकीन न हो तो कर के दिखाऊं!काजल: दिखाओ!मै: मै करूंगा तो ज्यादा टाइम लगेगा तुम करोगी तो कम ही टाइम में निकल आएगा।काजल: कैसे करना है??मैने उसे सब सिखाया। वो मेरा लन्ड पकड़ कर मुठ मारने लगी। आगे पीछे करके जोर जोर से हिला रही थी। कुछ देर तक ऐसा करने पर भी माल नही निकला तो वो कहने लगी।काजल: तुम झूठ बोल रहे हो?? कुछ नहीं होता है।मै: ठीक है मै जो चाहूं करू तुम रोकना मत फिर देखना।इतना कहकर मै मुठ मारते हुए उसके ऊपर हाथ फेरने लगा। उसके पूरे बदनपर मै अपना हाथ लगा रहा था। इसे भी अजीब लग रहा था। काजल ने मेरे कोकुछ करने से नहीं रोका। उसके गुलाबी होंठ को देखते ही मै उसे चूसनेके लिए अपना होठ लगा दिया। मुलायम गुलाब की पंखुडियो के जैसे होंठ को चूमने का अवसर प्राप्त हो गया। पहली बार मैने इस तरह के होंठ काचुम्बन करके चुसाई कर रहा था। मेरे को उसकी चुत तक धीरे धीरे पहुचनाथा।काजल के दूध को हाथो में लेकर दबाने लगा। वो सिसकारियां भरने लगी। जोर से बूब्स को मसलते ही वो सिमट कर “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सिसकारियां भर रही थीं। मेरे को अपना प्लान सक्सेस होता नजर आ रहा था। मैने उसके दूध को दबाया तो वो कहने लगी।काजल: और दबाओ मेरे को मजा आ रहा है।मै भी जोर जोर से दबाकर मजा ले रहा था। चुम्बन प्रक्रिया को भी जारीरखा। वो मेरा साथ देने लगी। आज मेरी भतीजी मेरे से चुदने वाली थी। उस दिन उसने काले रंग की मैक्सी पहन कर लेती थी। मै भी नंगा ही था। मेरे को उसके नरम चिकने संगमरमर के जैसे दूध को दबाने में बहोत मजा आ रहा था। वो मेरे से चिपकती ही जा रही थी। तभी मैने उसे खीच कर अलगकिया। उसकी मैक्सी को ऊपर उठा कर निकाल दिया। वो मेरे सामने ब्रा पैंटी में हो गयी। शर्म नाम का पर्दा उसके जोश ने हटा रखा था। मै उसे बिस्तर पर लिटाकर खुद भी उसके ऊपर चढ़ गया। वो मेरे को चिपक कर किस करने लगी।अभी तक मै उसकी चुदाई को तरस रहा था। आज वो खुद ही अपनी चुदाई करवाने को तड़प रही थी। मैने उसके होंठो को चूस चूस कर लाल लाल कर दिया। उसके होंठ को काटते ही वो सिसकने लगती। मै उसकी ब्रा में हाथ घुसाये उसकी दूध को दबा कर मालिश कर रहा था। मैने ब्रा की हुक को खोलकर उसके चुच्चो को आजाद किया। गोरे रंग के दूध पर चमकते ब्राउन कलर का निप्पल बहोत ही लाजबाब लग रहा था। मैने अपना मुह चमकदार निप्पल पर लगाकर पीने लगा। उसका निप्पल बहोत ही जबरदस्त लग रहा था। पीने में और भी ज्यादा मजा आ रहा था। उसके दूध में अपना दांत गड़ा रहा था।वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकालने लगी। मेरे को वो अपने दूध में दबा दबा कर पिला रही थी। मैने अपने लन्ड को उसके हाथों में पकड़ा कर चूसने को कहा। वो मेरे लन्ड से खेलते हुए चूसने लगी। मेरा लन्ड तन कर खड़ा हो गया। पूरी नसे उसकी दिखने लगी। मैने उसकी पैंटी को निकाल करटांग को फैला दिया। उसकी टांग के बीच में छिपी चुत का दर्शन करके चाटने लगा। मेरे लन्ड की तो दीवाला निकल गया। वो ख़ुशी से ऊपर नीचे होकर उछलने लगा। कुछ देर बाद मैने अपनी जीभ उसकी चुत में घुसाकर चाटने लगा। मेरी खुरदुरी जीभ ने उस खूब गर्म कर दिया। मैने अपना लन्ड मुठियाते हुए उसकी चुत में रगड़ने लगा। वो बिस्तर को को खींच खीचकर दबा रही थी। मैने अपना लन्ड रगड़ कर उसे खूब गर्म कर दिया।काजल: मुझसे रहा नही जाता अब तुम डाल दो अपना लन्ड मेरी चुत में!मै: थोड़ा शब्र करो डाल रहा हूँ!मैने उसकी चुत पर थूक कर उसे गीला किया। मेरा लन्ड घुसने को बेकरार होने लगा। अपने लन्ड पर भी थोड़ा सा थूक लगाकर मालिश किया। अब मेरा लन्ड काजल की चुत में घुसने को तैयार हो गया। मैने उसकी चुत के छेद पर अपना लन्ड लगाकर जोर का धक्का मारा। मेरा थोड़ा सा भी लन्ड अंदर नहीं घुसा। मेरा लन्ड बार बार उसकी चुत बाहर फेंक देती थीं। मैने भीअब जबरदस्ती की। उसकी चुत पर लन्ड अच्छे से लगाकर जोर से धक्का मार दिया। इस बार मेरे को थोड़ी सी सफलता मिल गई। मेरे लन्ड का सुपारा अंदर चुत में घुस गया। वो जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज निकाल कर चीखने लगी।उसकी दर्द भरी आवाज को दबाने के लिए मैने अपना हाथ उसके मुह पर रख कर दबा दिया। उसकी आवाज तो दब गयी लेकिन काजल डर गयी। मेरे से अपनी चुत दूर करने लगी। मैने अपना लन्ड उसकी चुत में बिना किसी रुकावट केपूरा घुसा दिया। मैने चैन से सांस लेकर चुदाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। मेरा लन्ड उसकी चुत में धीरे धीरे अंदर बाहर होने लगा। काजल रो रही थी। उसकी आंसुओ को देखकर मै धीरे से चुदाई कर रहा था। वो पीठ में अपने लम्बे लम्बे नाखूनों को गड़ा रही थी।मैने उसकी टाइट चुत को चोद कर आज उसका भरता बनाने की सोच रहा था। उसके दर्द को थोड़ा कम होने के बाद मैने जोर जोर से अपना लन्ड अंदर बाहर करके चुदाई करनी शुरू कर दी। मेरा लन्ड उसकी चुत में बहोत तेजी से अंदर घुस रहा था। अब वो और जोर जोर से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकालने लगी। वो खुद ही अपनी गांड को उठा उठा कर चुदवाने लगी। उसे अब दर्द में भी मजा आ रहा था। मैने उससे पूछा: अब दर्द तो नहीं हो रहा!काजल: तुम और जोर से चोदो फाड़ दो अच्छे से मेरी चुत मेरे को बहोत ममजा आ रहा है।मैने उसकी बाते सुनकर और भी जोरदार शॉट लगाना शुरू कर दिया। वो भी कमर हिला हिला कर चुदवाने में मस्त लग रही थी। मै पास में रखे कुर्सी पर बैठ गया। वो मेरे गोद में आकर बैठ गयी। अपनी चुत से मेरा लन्ड सटाकर वो जोर जोर से उछल कर चुदने लगी। मेरा लन्ड भी खम्भे की तरह डटकर खड़ा रहा। वो तेजी से ऊपर नीचे अपने मदमस्त “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाजो के धुन में चुदवा रही थी। मै उसकी दोनों को पकड़ कर दबा रहा था। उसकी गांड पर हाथ मार मार कर उसे उत्तेजित कर रहा था। उसके दोनों दूध हवामें झूल रहे थे। वो नजारा आज भी मै देखता हूँ।मेरे लन्ड की रगड़ उसकी चुत ज्यादा देर तक सह न सकी। वो स्खलित हो गयी। मेरा लन्ड अब भी खड़ा था। मैने भी अपना लन्ड उठा उठा कर पेलना शुरू किया। मै भी झड़ने की हालत में पहुचने वाला था। मेरे चोदने स्पीड बहुत बढ़ गयी। एक बार फिर से वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज के साथ चुद कर मेरे मजा दे रही थी। मैने अपना लन्ड उसकी चुत से निकाल कर उसके मुह में रख कर मुठ मारने लगा। मेरा सारा माल उसकी मुह में भर गया। काजल बड़ा मजा लेले कर मेरा माल पीने लगी। पूरी रात हमने मौसम बनते ही चुदाई की। आज भी मै उसे चोद कर मजा लेता हूँ। वो भी बहोत खुश रहती है।

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