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भाभी की मदद से अपनी बहन की चूत चोदा

Hindi sex kahani :- भाभी की मदद से अपनी बहन की चूत चोदा

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हेलो फ्रेंड्स में किसन शर्मा एक बार फिर आप के सामने मेरी एक सच्ची कहानी ले कर आया हु और यह कहानी उस समय की हे जब मैंने पहली बार मेरी सगी बहन काजल को चोदा था और इस काम में मेरी मदत मेरी भाभी संजू ने की थी. और अब में स्टोरी पर आता हु. पहले में आप लोगो को अपने बारे में बताता हु मेरी उमर 25 साल हे और में दिखने में एकदम हेंडसम हु,

मेरी बोडी एवरेज टाइप की हे और मेरे लण्ड का साइज़ 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा हे. मेरी बहन का नाम काजल हे और उसकी उमर 23 साल की हे और उसका फिगर 32-28-32 हे. और वह दिखने में एकदम जूही चावला जेसी दिखती हे. मेरी बहन को देख कर बुढ्हो का भी लण्ड खड़ा हो जाये. काजल 12th के बाद एक कोल सेंटर में जॉब करती हे और अब बात करते हे मेरी भाभी की जिसका नाम संजू हे और उसकी उमर23 साल हे. उसक 28-28-32 हे और वह बिल्कुल उर्मिला मातोंडकर जेसी दिखती हे. यह मेरे ताऊजी की बहु हे यानी के मेरे ताउजी के लड़के की वाइफ जो हमारे घर के पीछे की तरफ रहते हे. और मैंने आप को पहले ही बताया हे की मैंने किस तरह मेरी भाभी की चुदाई की थी और उसके बाद हमारा यह खेल महीने में २५ दिन तक होता था. मोक मिलते ही भाभी मेरे लण्ड की प्यास को बजाने आ जाती थी. मेरे घर में मेरी बहन काजल के अलावा माँ और पिताजी भी हे. माँ ऑफिस में जाते हे और माँ घर का काम संभालती हे और वह साथ में एक स्कुल में भी पढ़ाने के लिए जाती हे. बेहें जब चली जाती तब भाभो हर रोज मेरे पास चुदवाने के लिए चली आती थी और एक दिन चुदाई करते समय मेर्री भाभी ने मुझे कहा. संजू : क्या कहते हो मेरे रंडी बाज देवर तुम्हे में ज्यादा मजा देती हु के तुम्हारी गर्ल फ्रेंड? में : जो मजा घर की रखेल को चोदने में हे वह बहार किसी भी रंडी को चोदने में नही हे. भाभी : और घर की रखेल में मेरी जगह कोई और होती तो? में : क्या करू जान मेरी कोई और भाभी नहीं हे सिर्फ तू ही हे. भाभी : अगर मेरी जगह काजल होती तो? में यह सुन कर थोडा चोंक सा गया लेकिन अच्छा लगा सुन कर की काश मेरी बहन की चुत का स्वाद भी मिल जाये. में तो चाहता था की बहन की चुदाई का भी में मजा लू. में : यह तो उसे चोदने के बाद ही पता चलेगा की तू ज्यादा नमकीन हे या वह हे. भाभी : चलो अब बाते बंद करो और मेरी प्यास बुजा दो आग लगी हे मेरी चुत में. मैंने भाभी को चूमना चाटना चालू कर दिया पर मेरा ध्यान काजल पर था की काश एक बार मेरी बहन की चुत भी मुझे मिल जाए साली क्या माल हे, और फिर मैंने भाभी को बोला में : तुम मेरी मदद करोगी? भाभी : किस काम में केसी मदद? में : मुझे काजल की बुर का स्वाद लेना हे. भाभी : पागल हो गया हे क्या? वह नहीं मानेगी और ये बहोत ही मुश्किल हे क्योंकि वह तुम्हारी बहन हे. में : मुझे वह कुछ भी पता नही हे, तू मेरे लिए कुछ भी कर. नहीं तो में तुजे नही चोदुंगा. भाभी : में कोशिश करुँगी लेकिन पक्का नहीं कह सकती के क्या होगा, सोच लो. में : हा मैंने सोच लिया मुझे बस काजल को चोदना हे बस चोदना हे. भाभी : ठीक हे मुझे तो चोद ले हरामी, और फिर मेरी और उसकी रास लीला शुरू हो गयी और एक घंटे के बाद भाभी चली गई और में मेरी बहन की ब्रा और पेंटी ढूंढने लगा और मुझे उसकी ब्लेक पेंटी मिल भी गई और में उसे सूंघने लगा. आह्ह्ह अहः क्या मस्त नशीली खुशबु आ रही थी उसमे से. मेरा लण्ड तो फिर से खड़ा हो गया मैंने काजल को सोच कर मुठ मारी, और में लेट कर काजल के बारे में सोचने लगा, थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी मैंने दरवाजा जाके खोला और देखा तो मेरी बहन आ गयी थी उसका जिस्म देख कर मेरा मन मचल गया और में मन में सोचने लगा की साली क्या मस्त कडक माल हे तू, एक बार मेरे लण्ड से चुदवा के देख ले हरामजादी. काजल अंदर आकर बैठ गयी रोज की तरह, उसने सलवार और सूट पहना हुआ था सफ़ेद कलर का जिसमे उसकी अंदर की समीज साफ़ दिख रही थी, फिर बहन फ्रेश होने के लिए गयी और मैंने तभी भाभी को कोल किया. में : हेलो जान. भाभी : क्या हुआ देवरजी? में : काजल आ गयी हे कब तक मुझे इसकी दिलवा दोगी? भाभी : थोडा सबर तो रखो ज्यादा जल्दी भी मत करो, में वही पर आती हु और तुम मुझे काजल के सामने फ्लर्ट करना और मुजे टच करने की कोशिश करना. और तुम यह भी भूल जाओ के आज ही बहेनचोद बन जाओगे. में : ठीक हे जल्दी आ जाओ यह कह कर मैंने फोन रख दिया और इधर से काजल भी बाथ रूम से बहार आ चुकी थी और वह टीवी देखने लगी थी. में आगे वाले रूम में जाके मोबाईल में पोर्न देखने लगा. और थोड़ी देर में संजू भाभी आ गयी और मैंने डोर खोला. वह घर में आई और काजल के पास जा के बैठ गयी, और में भी उठ कर अंदर वाले रूम में आ गया. में : भाभी क्या बात हे? आज तो आप बहोत अच्छी तयार हो कर आई हो कही भैया के साथ बहार जाने का प्लान हे क्या? भाभी : अरे वो कहा मुझे लेकर जायेंगे उनके पास तो टाइम ही नही हे. काजल : हां भाभी मुझे भी यही लग रहा था की आप कही बहार जा रही होगी. भाभी : अरे में कहा जाउंगी वह मुझे कही लेकर जाए तो जाऊ ना, वह तो मुझे कही भी लेकर नहीं जाते हे. में : तो चलो में आपको ले चलता हु. भाभी : तुम मुझे कहा लेकर जाओगे? में : लवर्स पॉइंट पर. भाभी : अगर तुम्हारे भैया को पता चला ना तो तुम्हारा कुछ नही पर मरा चेहरा जरुर लाल कर देंगे. काजल : उसमे क्या भाभी, तुम देवर के साथ हो तो जाओगी और कोई पराया थोड़ी ना हे. भाभी : मैंने तो उनको छोड़ के किसी के भी साथ कभी नहीं जा सकती, में मन में सोच रहा था की साली कितनी बड़ी रंडी हे रोज चुद्वाती हे मेरे से और अभी सती सावित्री बन रही हे. काजल : बेठो में चाय बना देती हु, काजल किचन में गयी तो मैंने भाभी को एक लिप किस किया, और भाभी ने मेरे हाथ में से मेरा मोबाईल एकदम से छीन लिया और बोली. भाभी : दीदी यह मोबाईल देखो तो यह कोनसा वीडियो देख रहे थे, मुझे नहीं मालुम था की यह रंडी कोई चाल चल रही हे, मेरी तो गांड फट गई क्योंकि ने पोर्न देख रहा था, में मोबाईल छिनने की कोशिश करने लगा लेकिन भाभी ने मेरा मोबाईल ब्लाउज में रख दिया और इतनी देर में काजल भी आ गयी. काजल : क्या हुआ भाभी? बताऊ दीदी को क्या देख रहे थे? में : मेरा मोबाईल दे दो नहीं तो में निकाल लूँगा, और मेरी बहन वही खड़ी खड़ी हस रही थी. भाभी : हिम्मत हे तो निकाल के दिखाओ और नही निकाल सकते तो में दीदी को बोल दूंगी के तुम क्या देख रहे थे. काजल : भाभी यह क्या कर रहा था जरा मुझे भी तो बताओ? में : मोबाईल दो मेरा. भाभी : निकाल लो हिम्मत हे तो, मेरी तो अब गांड फटने लगी थी क्योंकि काजल और घर के बाकि लोगो के सामने हमारा रिश्ता अभी भी भाभी और देवर का ही हे, लण्ड और चुत का नहीं. मैंने कहा अगर काजल नही होती तो में निकाल लेता. भाभी : समज लो दिदि यहाँ पर नहीं हे निकाल लो, हे हिमत? काजल : तुम दोनों जानो के क्या करना हे, मेरी तो चाय पक रही हे, काजल किचन में गई और मैंने भाभी की ब्लाउज में हाथ डाल दिया. में : मेरा मोबाइल दो. भाभी : में नहीं दूंगी ऐसा बोल कर वह मोबाईल को हाथ से दबाने लगी थी, हम दोनों मोबाईल के लिए इतनी कशमकश कर रहे थे की भाभी कब बेड पर लेट गई और में उनके उपर चढ़ कर उनके ब्लाउज में से मोबाइल निकाल ने की कोशिश कर रहा था यह मुझे कुछ भी पता नहीं चला. काजल : ये लो चाय पि लो तुम. काजल ने हम को ऐसे देख लिया पर वह कुछ भी नही बोली क्योंकि उसे लगा की हम लोग मस्ती कर रहे हे. भाभी : यह ले लो, मुझे तुम्हारा मोबाइल नहीं चाहिए में तो ऐसे दस खरीद लुंगी तुम्हारे भैया से बोल के. काजल : आज पहली बार तुमको ऐसा इतनी मस्ती करते हुए देखा हे वरना कभी भी ज्यादा बात नही करते हो आप, ऐसा क्या हे इस मोबाइल में? भाभी : इनकी गर्ल फ्रेंड के फोटो देख रहे थे बिना कपडे वाले, ऐसा बोल के वह हस दी, और में भी शरमा गया. दीदी आपका मोबाईल दो ना मुझे आपके भैया को फोन लगाना हे. काजल ने मोबाइल दे दिया लेकिन भाभी ने उसे भी ब्लाउज में रख लिया और बोली. में घर जाकर देखूंगी के इसमें किसके किसके फोटो हे. काजल : यही पर देख लो ना उसमे कुछ भी नही हे. थोड़ी देर के बाद भाभी काजल का मोबाइल देकर चली गई और तब तक माँ भी आ चुकी थी, और इसी तरह रोज दिन में में और भाभी बहन के सामने मस्ती करते थे और धीरे धीरे मेरी बहन को हम पर शक होने लगा था, क्योंकि जब भी मेरी बहन ऑफिस से घर पर आती तब मेरी बहन यही पर मिलती थी. और में आज कल घर में शर्ट निकाल कर घुमने लगा था. एक दिन भाभी ने मुझे बताया की जब में घर में नहीं था तब उनके और काजल के बिच क्या बात हुई. भाभी : आप को कोई बॉय फ्रेंड हे की नहीं? काजल : नही, क्यों? भाभी : क्या दीदी आप भी ना इतनी सुंदर हो और जूठ मत बोलो. काजल : नही हे भाभी, लेकिन आपका शादी से पहले जरुर रहा होगा, और वह कुछ बोली नही और स्माइल देने लगी. काजल : अच्छा तो सच में था मतलब. भाभी : हां, लेकिन तुम्हारे भैया को यह बात पता नही चलनी चाहिए. काजल : अरे वह पहले था ना और आब कहा से पता चलेगा. भाभी : अब भी मेरा एक हे. काजल : क्या, कोन भाभी, भाभी : हे कोई. काजल : भाभी यह गलत हे और भाई को पता चल गया तो? भाभी : तुम्हे नही पता चला तो उनको कहा से पता चलेगा? काजल : मुझे नही पता मतलब? भाभी : कुछ नही छोडो. तुम बताओ तुमने किसी को बॉय फ्रेंड बनाने की नहीं सोची हे क्या? काजल : भाभी आप पहले बताओ की आप गलत क्यों कर रही हो? आप की तो शादी भी हो चुकी है और फिर भी. भाभी : में नही चाहती की मेरा और तुम्हारे भाई का रिलेशन ख़राब हो लेकिन वह मुझे बिस्तर पर खुश नहीं रख पाते और अगर यह बात ने उन्हें बताउंगी तो रिलेशन पर असर पडेगा, इसीलिए मुझे बहोत सोच समज कर यह कदम उठाना पड़ा. लेकिन प्लीज़ तुम किसी से नहीं कहना और यह मेरी और तुम्हारे भैया की जिंदगी का सवाल हे, क्या आप यह चाहती हो के हम लोग अलग हो जाये? काजल : ठीक हे किसी को नही कहूँगी. भाभी : तुम्हारा कोई बॉय फ्रेंड क्यों नही हे? काजल : में ऐसे ही किसी को नहीं बनाउंगी किसी मर्द को सिलेक्ट करुँगी. भाभी : लेकिन उसके लिए तो पहले आप को उसके साथ हमबिस्तर होना पड़ेगा. काजल : तो क्या करू भाभी आप ही बताओ. भाभी : क्यों अपनी जवानी बरबाद कर रही हो? एक बार जवानी चली गई तो बहोत पछताओगी खुल के मजे लो जवानी के और कोई अपना बॉय फ्रेंड बना लो. काजल : क्या भाभी आप भी, लड़के सिर्फ एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे और फिर मुझे डर लगता हे. भाभी : अगर लड़के एक ही चीज के लिए गर्ल फ्रेंड बनाते हे तो तुम भी सिर्फ एक ही चीज के लिए बॉय फ्रेंड बना लो. और बहार डर लगता हे तो घर में कर लो मरी तरह. काजल : भाभी आप घर में किस से.. भाभी : आप किसी को बताओगी नहीं तो आप को भी में दिलवा दूंगी. काजल : नहीं बताउंगी भाभी : देवरजी से, फिर कुछ देर बाद भाभी चली गई और रात में मेरे मोबाईल पर मेसेज आया. भाभी : दीदी कहा हे देवरजी? में : घर में हे. भाभी : ठीक हे, और फिर में अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने लगा. मैंने देखा की काजल बड़े गौर से मोबाईल में कुछ कर रही थी लेकिन मैंने देखना सही नहीं समजा. अगले दिन जब भाभी घर पर आई तो आते ही बोली. भाभी : आज मेरा रंडीबाज देवर बहनचोद बन जायेगा. में : क्या बात कर रही हे मेरी रंडी, तूने उसे मना लिया क्या? भाभी : नही लेकिन आज तेरा काम बन गया लगता हे, और अब ये बताओ की दीदी ने रात को कब तक मोबाइल चलाया? में : येही कोई १ बजे तक क्यों? भाभी : कल रात की मैंने दीदी को कुछ गन्दी गन्दी कहानिया सेंड कर दी थी भाई बहन वाली. में : भाभी अगर आज मेरा काम हो गया तो में तेरी बहोत ही धमाकेदार चुदाई करूँगा और नहीं हुआ तो तेरी गांड को फाड़ के रख दूंगा. भाभी : फाड़ देना में भी यही तो चाहती हु की तू मेरी फाड़ के रख दे. तभी भाभी के पास रेशमा का मेसेज आया उसमे लिखा था एस मैंने मेसेज पढ़ा. तो भाभी ने मुझे बताया की मैंने उसे कहानी सेंड करने से पहले मेसेज किया था की अगर तुम बॉय फ्रेंड बनाना चाहती हो तो देवरजी ने क्या बुराई? हे घर की बात घर में रहेगी और किसी को कुछ शक भी नही होगा. और अगर तुम कहो तो में देवरजी से बात करू, कल तक तुम सोच कर बता देना और उसे एक कहानी और सेंड की और मुझसे कहा. भाभी : जब वो आएगी तब हम दोनों बिस्तर पर लेटे रहेंगे और बाकी काम आप मुज पर छोड़ देना. में : ओके शाम को जब काजल आई तो में बिस्तर में लेटा हुआ था और भाभी ने गेट खोला और फिर आकर मेरे बगल में लेट गयी. काजल यह देख कर मुस्कुराई लेकिन कुछ भी नही बोली, लेकिन में उठ के बेठ गया, मुजे थोड़ी शर्म और डर लग रहा था. भाभी : दीदी से ज्यादा तो आप डर रहे हो देवरजी. काजल : भाभी में क्यों डरूंगी मैंने आप के जेसे कुछ गलत थोड़ी ही कुछ किया हे? भाभी : चलो ठीक हे कोई नहीं डर रहा लेकिन मेंरा एक काम कर दो बस तुम दोनों … हम दोनों भाई बहन एक साथ बोले : क्या अब ऐसे अंजान मत बनो और तुम दोनों को पता नहीं हे की क्या करना हे तो हम तुम बेठो में तो जा रही हु मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और कहा. में : तुम कहा जा रही हो अभी तो खेल शुरू हुआ हे. भाभी : आज दूसरी पिच पर खेलना और फिर काजल का हाथ पकड पर उसे मेरे ऊपर गिरा दिया. मैंने भाभी का हाथ नहीं छोड़ा लेकिन एक हाथ काजल को पकड लिया और उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था, मन तो कर रहा था की काजल को नंगा कर के चोद डू लेकिन ऐसा नहीं किया, काजल क्या माल लग रही थी उसने रेड सलवार सूट पहन रखा था. मैंने भाभी से कहा में : यही रुको न प्लीज़. भाभी : अब तुम बोलते हो तो रुक जाते हे. और भाभी ने मेरे जींस की जिप पार हाथ रख के लण्ड को रगड़ना चालू कर दिया. मैंने हिमत कर के काजल के लिप्स पर लिपस रखे और जब उसने कुछ नहीं कहा तो में उसके लिप्स को चूसने लगा. भाभी मेरे लण्ड को जींस के ऊपर से मसलने लगी थी और में काजल के बूब्स को सहला रहा था. में : आःह अह्ह्ह अह्ह्ह काजल मेरी बहन तेरे लिए में कब से तडप रहा था, काजल भी मेरा साथ दे रही थी लेकिन थोडा डरी हुई थी और मैंने उसके बूब्स को दबाना चालू कर दिया. काजल : आःह्ह्ह्हह धीरे. में और जोर जोर से बहन के बूब्स को दबाने लगा और बहन मेरी जान है तू काजल आहाह आम्म्म. भाभी : ओये मेरे रंडी बाज देवर जेसा मुझे बोलते हो वैसा ही बोलो नहीं तो में भी तुम्हारी गलिया नही सुनूंगी, में : काजल मेरी बहन मरी रंडी आय लव यु. काजल : आह आह्ह भाई. मैंने काजल के सूट को उपर किया और उसकी रेड ब्रा उह्ह्हह्ह, क्या मस्त बूब्स थे मेरी बहन के. मैंने तो जल्दी से उसकी कुर्ती निकाल दी वो शरमा गई और अपने हाथ से छुपाने लगी. मेरी भाभी ने उसके हाथ पकडे लेकिन उसने हाथ नहीं खोले. मैंने भाभी का ब्लाउज निकाल दिया और कहा. में : मेरी बहन आज से तू मेरी हे. अपनि भाभी से मत शरमा और मैंने उसके हाथ को पकड के धीरे धीरे अलग किया. अब में काजल के बूब्स को ब्रा के ऊपर से मसल रहा था. काजल : भाई धीरे आह्ह अह्ह्ह अहह मम्म अम्म्म ओह्ह ओह्ह ओह्ह भाई. इधर भाभी ने काजल की सलवार निकाल दी और खुद भी नंगी हो गयी. काजल को बहुत शर्म आ रही थी लेकिन में उसके बूब्स दबा रहा था तो उसे खूब मजा आ रहा था, मैंने काजल के ब्रा को अलग कर दिया उफ़फ क्या मस्त गोर चिकने बूब्स थे बहन के? में : वाह्ह्अह्ह्ह मेरी रंडी बाज बहन क्या मस्त गोर बूब्स हे तेरे रंडी, एकदम सॉफ्ट सॉफ्ट हे.. उफ्फ्फ्फ़ में उन्हें चूसने लगा और एक हाथ से काजल की बुर को पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा भाभी ने मेरी जींस उतार दी थी और शर्ट तो मैंने पहनी ही नही थी. अब में चड्डी ने था और काजल पेंटी में. और मेरी भाभी ने ब्रा और पेंटी पहन रखी थी. मैंने भाभी की ब्रा निकाल फेकी और में काजल के बूब्स को चूसने लगा और काजल की पेंटी के अंदर हाथ डाल के बुर मसलने लगा. भाभी भी मेरा साथ दे रही थी. वो एल हाथ से खुद को मसल रही थी और दुसरे से काजल के बूब्स दबा रही थी. बहोत देर तक काजल के बूब्स चूसने के बाद में काजल के दोन्हो पेरो के बिच में बेठ गया और उसकी बुर को चाटने लग गया लेकिन भाभी ने मुझे उठा दिया और कहा की लेट जाओ. मैंने ऐसा ही किया में लेट गया और फिर मेरी भाभी ने काजल को मेरे मुह पर बेठने को कहा. काजल ने उसकी चुत को मेरे मुह पर रख दिया और में उसको चाटने लग गया और तब भाभी मेरे लण्ड को चाट रही थी. काजल : आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह मम्म अह्हह ममं ओघ्ह्ह हाहाह भाई और कर हाहाह हहह आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह मुझे पहले पता होता की चुदाई में इतना मजा आता हे तो में कब से तुजसे चुदवा लेती मुझे तो लगता था की चुदाई करने में सिर्फ मर्द को मजा आता होगा और ओरत की तो हालत ख़राब हो जाती हे. लेकिन में गलत थी तुम मेरी चुत चाट रहे हो या मुझे स्वर्ग की सफर करा रहे हो ये मुझे समज में नही आ रहा हे. मुझे अगर पहले मिल जाते तो में आज तक तुम्हारी पक्की रंडी बन गई होती और तुजे पराई ओरत के पास अपने लण्ड को शांत करने के लिए जाना भी नहीं पड़ता मेरे प्यारे भाई और चूस मेरी चुत को आज इसका सारा का सारा माल तू निकाल के पि जा. आअज मुझे सच्चा अहसास हो रहा हे की एक पुरुष ओरत की चुत को केसे चाट के साफ कर के उसे आनंद देता हे और उसे स्वर्ग में पंहुचा देता हे. आहाह्ह अह्ह्ह ..अहह्ह्ह ओह्ह्ह्ह. भाभी : आज देखो दीदी तुम्हे जवानी का अहसास होगा. में तो लगा रहा था चुत को चाटने में. और मेरा लण्ड बहोत ही टाईट हो चूका था. और उसे अब किसी का होल चाहिए था. मैंने काजल से कहा. में : चल आजा मेरी रंडी बहन अब तूने मुझसे बहोत चुसवा लिया हे और अब तू अपने भाई का मिठा मीठा लण्ड चूस के उसको खुश कर दे. काजल : नहीं में यह कभी नहीं कर सकती मुझे एकदम गंदा लगता हे और मुझे एकदम से उलटी आ जाएगी. भाभी : रहने दो देवरजी उसके साथ जोर जबरदस्ती ना करो उसका पहली बार हे और वह भी धीरे धीरे रंडी की तरह तुम्हारा लण्ड चूसने लग जाएगी और फिर तुम्हे भी बहोत मजे कराएगी लेकिन अभी तो शुरुवात हे तो तुम जरा आराम से करो. अब मेरे लण्ड को तो ठंडा करना ही था तो मैंने काजल को लेटाया और उसकी गांड के निचे तकिया लगाया और चार पाच थप्पड़ उसकी गांड पर मार दिए और उसकी गांड मैंने गोरी गोरी से एकदम टमाटर की तरह लाल लाल कर दी. काजल : हरामजादे चोद रहा हे की मार रहा हे मुझे. भाभी : प्यार से चोद लो देवरजी. यह बहन हे आप की, भाभी नहीं हे जो सब कुछ चुपचाप सहन कर लेग. मेरी तो मज़बूरी हे की मुझे मेरा मर्द खुश नहीं कर सकता वर्ना पराये मर्द के पास कोई नारी नहीं जाएगी और आज कल तो सबका फेशन चल रहा हे शादी से पहले एक बार सिल तुडवाने का. तो आप अपनी बहन की सिल आराम से तोड़ लो. फिर मैंने अपने लण्ड पे कंडोम चढ़ाया और काजल की बुर को मेरी उंगली से सहलाने लगा और फिर मैंने भाभी से कहा. में : आज तुम्हारी वजह से मुझे एक सिल तोड़ने को मिलेगी थेंक यु भाभी. काजल : भाभी के गुलाम आब तो मुझे चोद दे कब से तडपा रहा हे मुझे. अब में अपना लण्ड उसकी चुत के ऊपर रख के रगड़ने लगा और मेरी बहन की आह्ह अह्ह्ह हह्ह्ह अम्मम्म अहह्ह्ह आन्हे सुनने में मुझे बहोत मजा आ रहा था. तभी भाभी ने मुझे न्यूज़पेपर दिया और कहा की इसको बहन की चुत के निचे रख दो अगर खून निकला तो इसमें आ जायेगा, फिर मैंने भाभी को थैंक यु कहा और उसने कहा वैसे मैंने पेपर को चुत के निचे रख दिया. फिर में अपना लण्ड उसकी चुत में धकेलने लगा. मैंने लण्ड को अंदर डालने के लिए थोडा जोर लगाया और मेरी बहन जोर से चीख उठी. काजल : आःह हहह अह्ह्ह हह्ह्ह हहह मर गई में आःह अह्ह्ह्ह मा मर गई साले हरामजादे आह्ह्ह अहः बहनचोद उसकी आँख से अब आंसू निकल आये थे और मेरा तो एकदम पूरा का पूरा लण्ड अंदर जा चूका था. में थोड़ी देर तक बिना जरा भी हिले वही पर रुक गया. भाभी ने देखा तो काजल की चुत से खून निकल रहा था तो वह बोली भाभी : दीदी बस अब काम हो गया हे अब आप को तकलीफ नही होगी. मेरी बहन रो रही थी और उसकी आँख से आंसू आ रहे थे और उसने बहोत मुश्किल से उसकी आवज को दबाके रखा हुआ था. अब मैंने धीरे धीरे अपना लण्ड ऊपर निचे करने लग गया और उसे तो अभी भी दर्द हो रहा था. उसकी आवाज निकलने लगी तो मेरी भाभी ने अपना हाथ उसके मुह पर रख दिया. और में आपने लण्ड को अब जोर जोर से रगड़ने लगा. और थोड़ी देर बाद काजल को दर्द कम हुआ तो वह खुद आपने आप उछलने लगी थी. काजल : आह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह आह्ह अम्मम्म येस्स उआह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह आह्ह्ह भाई और जोर से आह्ह्ह येस्स्स्स आज मेरी सारी प्यास मिटा दो आह्ह आह्ह और जोर से करो मुझे बहोत मजा आ रहा हे भाई आह्ह्ह हह्ह्ह येस्स्स्स उह्ह्ह्ह येस्स्स्स. आज अपनी बहन की चुत को फाड़ दे बहनचोद. और फिर उसने मुझे अचानक से बहोत टाईट पकड लिया और कहने लगी के बस बस बस में समज गया की इसका पानी बहार आ गया हे. मैंने उसे कहा रंडी २ मिनिट और रुक जाती तो क्या होता हरम जादी मेंरा पानी भी आ जता ना कुतिया. काजल : बस अब नही प्लीज़, में : मेरा पानी कोण निकालेगा. भाभी : ओये रंडीबाज मुझे भूल गया क्या साले बहनचोद. में : आरे मेरी रंडी तुजे तो में जिंदगी भर नही भूल सकता हु. मैंने काजल को छोड़ दिया और फिर मैंने अपने लण्ड का पानी मेरी भाभी को चोद कर निकाल दिया. उस दिन के बाद में, मेरी भाभी और मेरी

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