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मुझे और मेरी माँ दोनो को चोदता है मेरा बॉयफ्रेंड

मुझे और मेरी माँ दोनो को चोदता है मेरा बॉयफ्रेंड

उस दिन जब मेरी मम्मी खेत में मेरे बॉयफ्रेंड से चुदी थी तो देख कर मेरा भी बहुत मन कर रहा था मगर किससे कहती! एक बार मम्मी ने मेरे बॉयफ्रेंड को रात को घर पर बुला रखा था.

मै फिर से रात का इंतजार करने लगी. शायद आज मेरे नसीब में चुदना लिखा था. रात हुई, मै और मेरे छोटे भाई ने खाना खाया और अपने कमरे में सोने चले गये. मेरा छोटा भाई तो सो गया मगर मुझे नींद नहीं आ रही थी. 10 बज चुके थे.

इतने में मम्मी के कमरे से आवाज़ आई तो मै बाहर चली गयी. मेरा बॉय फ्रेंड आ गया था और वो कमरे में चला गया था. मै भी पीछे पीछे चली गयी और दरवाजे के छेद से देखने लगी.

राज के आते ही मम्मी ने उसे सीने से लगा दिया और चूमने लगी. मम्मी ने उस समय बेबी डॉल वाली नाइटी पहन रखी थी; सच में बहुत मस्त लग रही थी, मैने पहली बार देखी थी, शायद राज लेकर आया होगा वो!
नाइटी के ऊपर से मम्मी कि चूची बाहर झलक रही थी… गोरी गोरी और चिकनी चूची और बड़ी बड़ी; मेरी तो थी ही नहीं थी ऐसी… पापा भी मम्मी कि चूची खूब दबाते होंगे.

काफी देर तक दोनों ऐसे ही एक दूसरे को चूमते रहे, उसके बाद राज ने खड़े खड़े ही मम्मी कि नाइटी ऊपर उठा दी और मम्मी कि बूर सहलाने लगा. मम्मी बहुत मदहोश हो गयी थी और अपना हाथ नीचे ले जाकर राज के लण्ड को सहलाने लगी.
मै भी बहुत गर्म हो चुकि थी, मन कर रहा था कि अपने छोटे भाई के रूम में जाऊं और उसका लण्ड हाथ में लेकर मुँह में चूसूं… मेरे छोटे भाई कि उम्र 18 साल हैं और इस उम्र में लड़कों के लण्ड कड़क हो जाते हैंं. मैने सोचा कि थोड़ा और देखती हूँ कि ये दोनों क्या करते हैंं.

वो दोनों ऐसे ही चूमा-चाटी करते रहे. उन्हें खबर ही नहीं थी कि मै भी उनकि मस्त चुदाई देख रही हूँ. मेरी बूर वर्जिन थी, अभी तक लण्ड का स्वाद नहीं चखा था.

इतनी देर में मेरे बॉयफ्रेंड राज ने मेरी मम्मी को पूरी नंगी कर दिया और नीचे बैठे कर मेरी मम्मी कि बूर चाटने लगा. ये वाला सीन बहुत मस्त था, मम्मी खड़ी थी और वो उनकि बूर को नीचे बैठे कर चाट रहा था और मम्मी अपनी चूची खुद दबा रही थी.

बहुत मस्त सीन था, मै कुछ ज्यादा ही गर्म होने लगी… मम्मी भी बहुत गर्म हो चुकि थी और उसने कहा- राज डार्लिंग, अब रहा नहीं जाता… एक बार लण्ड डाल दे मेरी बूर में और मेरी फड़फड़ाती बूर को अपने लण्ड के रस से शांत कर दे.
राज ने कहा- पहले लण्ड चूसने का स्वाद तो ले…

मम्मी ने राज कि पैन्ट खोली और उसके लण्ड को बाहर निकाल कर दोनों हाथों से सहलाने लगी. थोड़ी देर तक सहलाती रही और उसके बाद मुँह में लेकर चूसने लगी. लण्ड पूरी तरह मुख में जा ही नहीं रहा था, मम्मी बड़ी मुश्किल से अंदर बाहर कर रही थी.
मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैने अपने सलवार के अंदर हाथ डाला तो देखा मेरी बूर बहुत गीली हो गयी थी… क्या करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा था… चुदाई का बहुत मन हो रहा था तो आनन फानन में दरवाजा खोला मैने और सीधे अंदर चली गयी.

दोनों मुझे देख कर चौंक गये… दोनों के चहेरे कि हवाईयां उड़ने लगी.
मम्मी बोली- बेटी तू यहाँ?
मैने कहा- रहने दो मम्मी, सवाल जवाब मत करो, मै काफी देर देख रही हूँ… और जो तुम लोगों ने उस दिन खेत में जो किया वो भी देखा था.
मम्मी बोली- मतलब तूने वो सब भी देखा?
मैने कहा- हाँ…

तो मम्मी अपनी सफाई देने लगी, कहने लगी- क्या करूँ, तू तो जानती हैं तेरे पापा साल भर में एक बार आते हैंं और मै अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पाती हूँ.
मैने कहा- रहने दो मम्मी, जो हो गया, सो गया, अब मै भी ये सब करना चाहती हूँ… तुम दोनों को करते देखे मेरी भी बहुत इच्छा हो रही हैं… मै चाहती हूँ कि अभी राज पहले मुझे चोदे.
मम्मी ने कहा- नहीं बेटी, तू और ये सब अभी से? नहीं नहीं.
मैने कहा- मै कुछ नहीं जानती बस, मुझे भी करना हैं.

मैने काफी जिद कि तो दोनों मान गये. राज और मम्मी तो पहले से ही नंगे थे तो मैने राज को कहा- मुझे नंगी करो.
राज ने पहले मेरा कुर्ता उतारा और फिर सलवार… मै अन्दर ब्रा नहीं पहनती पर हाँ, कच्छी पहनती हूँ.

राज मेरी चूची को देखता रह गया… उसने कहा- इतना मस्त माल हमेशा मेरे सामने था और मै पागल देख ही नहीं पाया.
राज ने मेरी चूची कि बहुत तारीफ कि.
मम्मी भी कहने लगी- बेटी, सच में तेरी चूची तो बहुत मस्त और गोल मटोल हैंं.

अब राज से रहा नहीं गया तो उसने मेरी चूची दबानी शुरू कर दी. मै तो पहले से ही भरी पड़ी थी. राज ने मेरी गोल गोल चूची को मुख में लेकर चूसना शुरू कर दिया, मेरी हालत और ख़राब हो गयी. क्या चूस रहा था.

राज मस्त होने मेरी चूची चूस रहा था कि इतने में मम्मी ने कहा- मुझे बाथरूम आई हैं, मै बाथरूम जा रही हूँ.
मैने कहा- नहीं नहीं मम्मी, यहीं हमारे सामने करो, कहीं नहीं जाना…
मम्मी ने कहा- यहाँ कहाँ करूँ पगली?
मैने कहा- मेरे मुँह में छोड़ दो अपना पेशाब… मै हर चीज़ का मजा लेना चाहती हूँ.

मम्मी नहीं मानी. मैने बहुत जिद कि तो मान गयी, मम्मी ने अपनी टांगें फैलाई और मेरे मुँह और चेहरे पर सारा पेशाब कर दिया. बहुत गन्दा लग रहा था मगर मजा इतना आया कि मत पूछो. मम्मी के पेशाब से मेरा पूरा बदन गीला हो गया था. राज अब मेरे पूरे बदन को चाट रहा था.

राज ने मुझे बिस्तर पे लिटा के ऐसी तिकोनी पोजीशन बनाई कि मेरे मुँह में राज का लण्ड और राज का मुँह मम्मी कि बूर में और और मम्मी का मुँह मेरी बूर पर… अब हम एक दुसरे को चूसने में लग गये… सच में क्या आनन्द मिल रहा था… काफी देर हम एक दूसरे को ऐसे ही चूसते रहे.

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फिर हम अलग हुए तो राज ने कहा- अब तुम दोनों माँ बेटी लेस्बीयन सेक्स करो कुछ देर…
अब मै मम्मी के ऊपर आई और उनकि बड़ी बड़ी चूची दबाने और चूसने लगी. चूची को दबाते दबाते नीचे नाभि और फिर बूर को चाटने लगी. मेरा ये सब करने का पहला अनुभव था, बहुत मजा आ रहा था.

मम्मी कि बूर पर बहुत बड़े बड़े बाल थे, मैने कहा- मम्मी, तू कभी नीचे बूर के बाल कि शेविंग नहीं करती?
मम्मी ने कहा- नहीं!
तो मैने कहा- तू जब कल नहाएगी तो मुझे बोलना, मै तेरी बूर के बाल साफ़ कर दूंगी.

फिर मैने दोनों उंगली से मम्मी कि बूर फैलाई और अन्दर तक अपनी जीभ डाल दी और वहीं अपनी जीभ को घुमाने लगी. मम्मी को जन्नत का पूरा आनन्द मिल रहा था, अब मम्मी के मुँह से सिसकारियां निकल रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह्ह्हह मेरी बिटिया… क्या चूसती हैं तू… चूस और चूस… चूस चूस के आज अपनी मम्मी कि बूर लाल कर दे… अहह ओह उन्हह…
मम्मी झड़ चुकि थी और बूर का सारा रस मैने पी लिया, खट्टा और नमकिन था, उसका स्वाद अजीब था.
मम्मी खड़ी हुई और मुझे गले लगा कर मेरे होंठ चूसे और कहा- तूने मुझे मजा दिया… आज तक मै सिर्फ लण्ड का ही स्वाद लेती थी.

फिर मम्मी ने राज से कहा- राज बेटा, मेरी बेटी को बहुत मजा देना जैसे मुझे देता हैं.
मै तो राज के लण्ड के लिए कब से तरस रही थी, मैने राज का लण्ड हाथ में लेकर सहलाने लगी और मुँह में लेने कि कोशिश कि मगर वो मुँह में गया ही नहीं. मैने सोचा अगर ये मुँह में नहीं जा रहा तो मेरी छोटी सी कुंवारी बूर में कैसे जायेगा.
मैने बहुत कोशिश कि मगर मुँह में नहीं गया. फिर मैने राज के लण्ड को बाहर से ही चाटना शुरू किया. मुझे लण्ड का स्वाद बहुत पंसद आया और मजे से चाटने लगी.

अब राज ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरी दोनों टाँगें फैलाई और अपने लण्ड का मुँह मेरी बूर के छिद्र में रख के अंदर पेलने लगा. अब जो मुँह में नहीं जा रहा था वो बूर में कैसे जाता, वो भी कुंवारी बूर में… मुझे दर्द महसूस होने लगा.
फिर राज ने मम्मी से कहा- आपकि बेटी कि बूर तो बहुत टाईट हैं, लण्ड जा ही नहीं रहा.

फिर मम्मी मेरी बूर में लगाने के लिए तेल लेकर आई और खूब सारा तेल राज के लण्ड पर और मेरी बूर में डाल दिया और मम्मी ने राज से कहा- एक ही झटके में अन्दर डालना, इसे दर्द होगा मगर इसे सहन करना होगा.
मै घबरा गयी कि मै कहाँ मजे लेने कि सोच रही थी और कहाँ ये दर्द कि बात कर रहे हैंं. मै रोने लग गयी तो मम्मी ने कहा- रो मत, बस पहली बार दर्द होता हैं, जब तेरी सील टूट जाएगी उसके बाद नहीं होगा.

मम्मी ने राज को इशारा किया और मम्मी ने अपने ओंठ मेरे ओंठों से सिल दिए. राज ने एक झटके में अपना लण्ड मेरी बूर में पेल दिया. मेरी लम्बी चीख निकली… इतना दर्द… मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी थी… मेरे आँखों से आंसू बहने लग गये. मेरी बूर से बहुत सारा खून निकल रहा था. मै डर गयी तो मम्मी ने कहा- डर मत, ये सील टूटने के कारण निकल रहा हैं.

थोड़ी देर तक राज ने अपना लण्ड मेरी बूर में ही रखा. अब मेरा दर्द थोडा कम हो गया था; अब राज आराम आराम से लण्ड अन्दर बाहर कर रहा था. जैसे जैसे अंदर बाहर करता रहा, मेरा दर्द कम और मजा ज्यादा आने लग गया.
मम्मी मेरी चूची दबा रही थी तो कभी मेरे ओंठ चूस रही थी.

अब धीरे धीरे राज कि स्पीड बढ़ने लगी, मै आनन्द के सागर में गोते लगा रही थी ‘अआह ओह उँआंह हाहाअ’ मेरे मुँह से ऐसी सिसकारियां निकल रही थी, गर्म साँसें निकल रही थी.

मै आनन्द से चिल्लाने लगी- ऊईईई माँ मार डाला रे जालिम ने… राज और चोद… चोद चोद के मेरी बूर फाड़ दे… चोद ना मेरे राजा… जी भरके चोद… कब से तेरा लण्ड लेने को बेक़रार थी… चीथड़े उड़ा दे अपने लण्ड से मेरी बूर के!
राज ने अलग अलग पोजीशन लेकर मुझे जी भरके चोदा. जब राज ने मुझे कुतिया बना कर चोदा तो सच में बहुत मजा आया उस पोजीशन में… क्या चोद रहा था… जीवन का सारा आनन्द मिल रहा था… मै तृप्त हो गयी थी. राज के चोदते चोदते मै तीन बार झड़ चुकि थी.

अब राज भी झड़ने वाला था… मैने राज से कहा- राज अपने लण्ड का माल मेरी बूर में गिराना ताकि मै तुम्हारे बच्चे कि माँ बन सकूँ!
राज के गर्म गर्म माल ने मेरी बूर को ऐसे शांत किया कि मजा आ गया.

थोड़ी देर तक राज मेरे ऊपर ऐसे ही लेटा रहा, उसके बाद फिर हम तीनों ने मिल कर नंगा डांस किया. डांस करते करते राज मेरी और मम्मी कि चूची का मजा लेता और हम दोनों को बाँहों में लेता.
डांस करते करते हम फिर गर्म हो गये, अब कि बार राज ने मम्मी को चोदा. मै भी बहुत गर्म हो रही थी.

शायद काफी देर से बाहर मेरा छोटा भाई हम सब कि हरकत देख रहा था क्यूंकि जब मै अन्दर आई थी तो मै दरवाजा बंद करना भूल गयी थी, वो अंदर आ चुका था और मेरी नज़र उसकि पैन्ट पर पड़ी, उसका लण्ड खड़ा था, शायद उसका भी चोदने का मन हो रहा था.

मैने मम्मी से कहा- तू राज से चुदवा ले और मै भाई को शांत करती हूँ.

फिर मैने अपने भाई को अपनी तरफ खींचा और उसके ओंठ चूसने लग गयी. उसकि पैन्ट खोल कर उसका लण्ड बाहर निकाला. उसका लण्ड राज के लण्ड जितना तो नहीं था मगर गोरा और चिकना बहुत था. मैने काफी देर तक अपने छोटे भाई का लण्ड चूसा, फिर उसे नीचे लिटा कर उसके ऊपर आ गयी और उसका लण्ड अपनी बूर में उससे चुदवाने लगी.
राज मम्मी को और मै अपने भाई से जोड़ी के रूप में चुदाई का आनन्द लेने लग गये.

उसके बाद मैने राज से चुदवाया और मम्मी ने भाई से. पूरी रात हमारी चुदाई का खेल चलता रहा, हम सुबह 5 बजे सोये. हमें कोई डिस्टर्ब करने वाला नहीं था, हम चारों नंगे ही सो गये.

12 बजे उठे, फिर बाथरूम में जाकर सब नंगे ही नहाए और एक बार बाथरूम में भी चुदाई का मजा लिया.

उसके बाद से लेकर अब तक मै 4 लोगों से चुद गयी हूँ… मेरे चाचा और मेरे बड़े भाई यानि मेरे ताऊ के लड़के ने भी मुझे चोदा. अब चुदाई के बिना नहीं रहा जाता, अब मै अपने छोटे भाई और अपने बॉयफ्रेंड से अकसर चुदाई का मजा लेती हूँ.

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