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मैने पूरा लण्ड उसकी गांड से निकाल कर बूर में डाल दिया

मैने पूरा लण्ड उसकी गांड से निकाल कर बूर में डाल दिया

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दोस्तो.. मेरा नाम मनीष है, मै मुम्बई में रहता हूँ। मेरी लम्बाई 5″8′ है.. मै मुम्बई में कॉलेज का स्टूडेंट हूँ। आज मै आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो कि पूरी तरह से सच्ची है।

हम 5 स्टूडेंट थे और हमारे कॉलेज की छुट्टियाँ चल रही थीं.. तो हमने डिसाईड किया कि हम घर नहीं जायेंगे.. हम यहीं मुम्बई में रहेंगे और एन्जॉय करेंगे। हम सभी मुम्बई में ही रुक गए। हमें कुल 10 दिन की छुट्टी मिली थी.. हमें ये दिन पूरी तरह से एन्जॉय करना था। हम सब एक दिन घूमने गए और हम थोड़ा बहुत घूमने के बाद एक होटल में बैठ गए और हमने वहाँ खाना खाया। उस होटल में खाने के साथ बहुत मजे भी किए। खाना खाने के बाद बाहर आए.. तो हम मेन रोड के साईड में थे.. तो मेरे एक दोस्त को लॉटरी की शॉप दिख गई.. जो कि ऑन-लाईन गोल्डन लॉटरी थी और हम पैसे कमाने का सोच कर लॉटरी शॉप में चले गए। वहाँ टाईम कैसे निकल जाता था.. पता ही नहीं चलता था। उसके पास में सिनेमा घर था.. तो बीच में हम वहाँ भी चले जाते थे। जब मै लॉटरी की शॉप के बाहर खड़ा था.. तो वहाँ एक पुलिस वाला कार को लॉक लगा रहा था.. क्योंकि वो गाड़ी नो-पार्किंग एरिया में खड़ी हुई थी और मै उस गाड़ी के पास ही खड़ा था। थोड़ी देर बाद वहाँ एक औरत आई.. उसके साथ एक 5 साल का लड़का भी था.. क्या औरत थी यार.. कमाल की माल किस्म की लुगाई थी। उसने जींस पैन्ट और कुरती जैसा टॉप पहना हुआ था.. उसके कपड़े स्किन टाईट थे.. जिससे उसकी गांड बाहर निकली हुई दिख रही थी.. उसके मम्मे इतने बड़े थे कि मन कर रहा था कि बस अभी नजदीक जाकर साली के मम्मों को पूरी तरह से मसल दूँ। वो बहुत गोरी थी और ऐसा लग रहा था कि वो किसी हाई प्रोफाईल अमीर फैमिली से हो। फिर जैसे ही वो गाड़ी के पास आई.. तो उसने देखा कि उसकी गाड़ी को लॉक लगा हुआ है। ‘हैल्लो.. ये लॉक किसने लगाया?’ उस औरत ने मुझसे पूछा.. मै खुद को लकी महसूस कर रहा था कि उसने मुझसे पूछा। मैने उनसे कहा- मैडम वो पुलिस वाले आए थे.. आपकी गाड़ी नो पार्किंग एरिया में थी तो वे इसे लॉक लगा गए.. वो घबरा गई और उसके चेहरे पर घबराहट साफ नज़र आ रही थी। तो मैने उनसे कहा- घबराओ मत.. वहाँ एक पुलिस वाला है.. उससे पूछो.. वो अपने लड़के के साथ उस पुलिस वाले से पूछने चली गई। जब पुलिस की गाड़ी पर मेरी नज़र गई.. तो मैने मैडम को आवाज़ लगाई और उनके पीछे चला गया और मैडम से बोला- वो पुलिस की गाड़ी वहाँ है.. वो गाड़ी निकलने ही वाली थी कि मै तुरंत उसके पीछे भागा और उस गाड़ी को रुकवाया और पुलिस से बोला- उस गाड़ी को लॉक लगा हुआ है प्लीज.. उसे खोलो.. जब तक वो मैडम अपने बच्चे को लेकर उस गाड़ी के पास आ गई थी। फिर पुलिस वाले ने उस मैडम को गाड़ी में बैठने को कहा.. मैडम बैठ गई और फिर उसने मुझे भी बैठने को कहा.. क्योंकि मै भागकर बहुत थक गया था। हम गाड़ी में बैठ गए। मै मैडम के बगल में बैठ गया.. उसकी बॉडी मुझसे टच हो रही थी। मुझे उसकी बॉडी का नर्म एहसास हो रहा था। गाडी में जगह कम होने की वजह से उसकी जींस पैन्ट में से उसकी गांड बाहर को निकली पड़ रही थी। उसकी पैन्ट के एक साईड से उसकी ‘जी-स्ट्रिंग’ पैन्टी पहनी हुई साफ दिख रही थी.. वाह.. क्या मस्त नजारा था। हम फिर उस मैडम की गाड़ी के पास आ गए.. पुलिस वाले ने वो लॉक खोल दिया और पुलिस ने उससे 1500 रुपये जुर्माना माँगा.. तो मैडम ने मुझसे बोला- बहुत ज्यादा है.. प्लीज कुछ कम करवाओ। मैने पुलिस से बोला- सर.. मैडम दवाई लेने गई थीं.. उनके पति बीमार हैं। मैने झूठ बोल दिया था। ‘हाँ जी.. प्लीज़..।’ मैडम ने भी मेरी हाँ में हाँ मिलाई। तो पुलिस भी मान गई और उसने छोड़ दिया। अब मैडम रिलेक्स तो हो गई थी। ‘थैंक्स.. आप नहीं होते तो शायद मुझे यहाँ बहुत इंतजार करना पड़ता..’ ‘अरे.. इट्स ओके.. थैंक्स किस बात की.. ये तो मेरा फ़र्ज़ था और आपकी जगह कोई भी होता.. तो भी मै यही करता।’ मैने उनसे ऐसा कहा तो वो खुश हो गई.. फिर उसने पार्किंग एरिया में गाड़ी लगाई और वो चूंकि मॉल में शॉपिंग के लिए जा रही थी। जैसे ही मै जाने लगा तो उसने मुझे आवाज़ दी- ‍‌हैल्लो.. मै पलटा और देखा कि वो मैडम मुझे आवाज़ लगा रही है। मै उनके पास गया और पूछा- हाँ मैडम अब क्या काम है? तो उसने बोला- क्या हर बार काम ही रहेगा क्या? मै कुछ समझा नहीं था कि वो क्या बोलने जा रही है। फिर उसने बोला- क्या तुम मेरे साथ शॉपिंग करने चलोगे? मेरे मन में लड्डू फूटने लग गए और मैने ‘हाँ’ कर दिया। उसके साथ उसका लड़का था.. तो वो मुझसे खुलकर बातें नहीं कर सकती थी। उसने मुझसे मेरा नाम पूछा। फिर मैने मेरा नाम बताया और मेरे पूछने पर उसने अपना नाम रूपा बताया। हम एक शोरुम में गए.. उसको वहाँ से जींस लेनी थी। फिर हम जींस देखने लग गए.. वहाँ शॉप का एक वर्कर आया और उसने हमसे कहा- क्या मै कोई हेल्प करूँ..? मैडम ने उससे कहा- नहीं.. हम जींस पैन्ट लेने आए है.. हम ही पसंद कर लेंगे। वो चला गया और हम जींस पैन्ट देखने लगे। मैडम ने कुछ पैन्ट देखी। उसने मुझसे कहा- मनीष, यह जींस कैसी है? तो मैने कहा- अच्छी है.. आपको आ जाएगी। ‘हम्म..’ फिर मैने उनसे कहा- आपकी साईज़ क्या है? उसने मुझसे कहा- 38 है.. तो मेरे मुँह से एकदम से निकल गया- वाह क्या साईज है.. हाँ ये बिल्कुल ठीक रहेगी और फिट आ जाएगी। वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा दी। फिर हम जींस पैन्ट लेकर बाहर आ गए.. हमने कुछ आईसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक पी… जिसका बिल उसने ही दिया था। फिर हम पार्किंग में चले गए.. उसने मुझे फिर से ‘थैंक्स’ कहा। मैने उससे पूछा- मैडम.. क्या हम दोस्त बन सकते हैं? उसने मुझसे कहा- अरे यार ये भी कोई पूछने की बात है.. हम पहले से ही दोस्त हैं। हमने हमारे मोबाइल नम्बर एक्सचेंज किए। उसने बोला- मै आपको कॉल करूँगी। फिर उस रात को उसका मुझे कॉल आया, उसने मुझसे बोला- हैल्लो.. ‘हाँ रूपा मैडम बोलो..’ उसने बोला- कॉल में सिर्फ रूपा.. नॉट मैडम! फिर मैने कहा- ओके रूपा.. उसने कहा- मुझे कल फिर शॉपिंग करनी है.. मेरे साथ चलोगे? मैने कहा- हाँ जरूर.. मै तो हमेशा तैयार हूँ आपकी सेवा के लिए.. मेरी बात कहने के अंदाज से वो हँसने लगी और ‘नॉटी..’ कहकर मुझसे बोली- ठीक है.. मै 3 बजे दोपहर में आपको लेने आऊँगी। फिर मैने भी उससे बोला- रूपा तुम मुझे भी तो नाम से पुकार सकती हो.. तो उसने कहा- ओके बाबा.. मनीष मै तुमको लेने आऊँगी। दूसरे दिन वो अपनी होंडा सिटी कार में मुझे लेने आई.. वो उस समय अकेले ही थी। मैने उससे कहा- आज आपका बेटा नहीं आया? तो उसने कहा- तुम्हें मेरे साथ आना है या मेरे बेटे के साथ? हम दोनों ही हँसने लग गए और मैने बोला- आज का क्या प्रोग्राम है.. क्या शॉपिंग करनी है? उसने आँखें मटकाते हुए बोला- मुझे बिकनी लेनी है.. अच्छी और महंगी। मै मन ही मन में खुश होने लगा। हम एक अच्छी शॉप में गए.. रूपा उस शॉप की रेग्युलर ग्राहक थी और वो उसके दोस्त की ही थी.. जिसका नाम राधा है। और राधा को उसने गले से लगाया और फिर रूपा ने बोला- मुझे बिकनी चाहिये.. तो उसने एक कमरे की ओर इशारा किया और रूपा वहाँ जाने लगी.. मै बाहर ही रुका हुआ था.. तो रूपा ने कहा- चलो ना मनीष.. क्या हुआ? मै भी उसके पीछे चला गया। मैने अन्दर जाकर देखा कि उस कमरे में अलग अलग डिज़ाइन वाली बिकनियाँ लगी हुई थीं और चारों तरफ कांच लगे हुए थे। हम जैसे ही अन्दर गए.. तो रूपा ने दरवाजा बंद कर दिया और बोला- अब मै आराम से बिकनी पहन कर चैक कर सकती हूँ.. कोई मुझे देख नहीं सकता। फिर मैने कहा- मै तो हूँ यहाँ.. तो उसने कातिलाना अंदाज में कहा- तुम तो मेरे अच्छे दोस्त हो ना.. उसने एक नॉर्मल सी बिकनी ली और उसे ट्राई करने लगी.. उसने पहले अपनी जींस पैन्ट उतारी.. जो हमने कल खरीदी थी.. फिर उसने अपना टॉप निकाला.. मै तो देखते ही परेशान हो गया था.. क्या मम्मे थे.. और क्या गांड थी उसकी.. क्या बताऊँ दोस्तो, मज़ा आ गया। फिर उसने एक तौलिया लिया और तौलिया लपेटकर वो चेंज करने लगी। उसने पूछा- कैसी है ये बिकनी? मैने उससे कहा- मै पसंद करके दूँ? तो उसने ‘हाँ’ बोला। मैने उससे कहा- पहले मुझे तुम्हारी बॉडी का परफेक्ट नाप लेना होगा.. उसने कहा- ओके। मैने एक मेजरमेंट टेप लिया और उससे बोला- मुझे परफेक्ट साइज लेने के लिए ये बिकनी निकालनी होगी। उसने थोड़ा सोचने के बाद बिकनी उतार दी.. वो एकदम नंगी थी। मैने उसको कहा- वाह.. आपका फिगर तो लाजवाब है.. उसने कहा- मेन्टेन करना पड़ता है। उसकी बूर पर एक भी बाल नहीं था.. मैने उसकी फिगर साईज़ का माप लेने लगा.. मै टेप लगाते वक़्त उसके मम्मों को थोड़ा ज्यादा ही प्रेस कर रहा था। फिर मैने उसे एक टिनी बिकनी दी और बोला- ये ट्राई करो..। उसने वो ट्राई की। दोस्तो, आपको तो पता ही है कि टाईनी बिकनी कैसी होती है। इस बिकनी में उसके सिर्फ़ चूचुक और बूर ही ढके हुए थे बाकी सब खुला दिख रहा था। उसको भी वो बिकनी अच्छी लगी और उसने कहा- वाह तुम्हारी क्या पसंद है औरतों के कपड़ों की.. कहाँ से सीखा ये सब? मैने बोला- ये मेरा फर्स्ट टाईम था.. ‘ओह..’ उसने कहा- फिर तो तुम सेक्स करना भी अच्छे से जानते होगे। अब वो फुल मूड में आ चुकी थी.. तो मैने कहा- कभी ट्राई नहीं किया। उसने कहा- चलो मेरे फार्महाउस पर चलते हैं। मैने कहा- आपके घर के लोग इंतज़ार करेंगे.. तो वो बोली- मै उनको फोन कर दूँगी। हम शॉप से निकलने के बाद फार्महाउस चले गए.. वहाँ कोई नहीं रहता था। उसने दरवाजा खोला और हम अन्दर आ गए। उसने पूछा- क्या लोगे? मैने कहा- पानी.. वो भी बूर का.. वो मुस्कुराई और बोली- चल हट.. स्टुपिड। वो पानी लेने रसोई में चली गई, पानी पीने के बाद उसने कहा- मेरी बूर का पानी पीना चाहता है। मैने कहा- हाँ.. तो उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और बूर पसार कर बोली- लो.. ये लो.. पी लो.. मैने उसे मेरी तरफ खींचा और बोला- आज मै तुझे बताऊँगा कि सेक्स क्या होता है। उसने चुदास भरे स्वर में बोला- करो.. जो करना है और बना दो मुझे रांड.. मै उसे क़िस करने लगा, कुछ देर चूमाचाटी करने के बाद उसने मेरे कपड़े निकाल दिए और उसने मेरा लण्ड देखा और बोली- अरे वाह.. तेरा तो लण्ड स्टील की रॉड जैसा टाईट हो गया है। ‘मेरी जान.. जब ये तेरी बूर में जाएगा.. तो पता चलेगा।’ मै उसकी बूर में मेरा लण्ड डालने लगा.. 3-4 झटकों के बाद मेरा पूरा लण्ड उसकी बूर में समा गया। वो चिल्लाने लगी- आह्ह.. मर गई.. जल्दी निकालो इसे.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मै बोला- ले साली.. तुझे तो रांड बनने का शौक है ना.. अब ले.. मै उसकी बूर में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लग गया.. वो चिल्लाने लगी। कुछ देर के बाद मै झड़ गया.. वो 4 बार झड़ गई थी। मैने मेरा माल उसकी बूर में डाल दिया। कुछ देर बाद फिर से अभिसार शुरू हुआ। उसको मैने कई तरह की स्टाईल में चोदा। चुदाई के बाद हम लोग स्विमिंग पूल में नहाने गए.. स्विमिंग पूल में मैने उसकी गांड मारी.. वो पहले मना करने लग गई.. लेकिन फिर मैने उसे मना लिया। मैने लण्ड जैसे ही उसकी गांड में डाला.. तो वो चिल्लाने लगी- आआह ह्ह्ह्ह.. कुछ देर की पीड़ा झेलने के बाद वो मेरा साथ देने लगी और अब वो बोल रही थी- आह्ह.. और ज़ोर से.. और ज़ोर से.. मैने मेरी स्पीड तेज कर दी। अब मेरा पानी निकलने वाला था और मैने पूरा लण्ड उसकी गांड से निकाल कर बूर में डाल दिया। उसने बोला- ओह्ह.. मजा आ गया.. ऐसा सेक्स मैने कभी नहीं किया.. थैंक्स मनीष.. तुम बहुत अच्छे चोदू हो। फिर हम स्विमिंग पूल से बाहर आ गए, अन्दर हॉल में चले गए.. हम नंगे ही थे और हमने कपड़े नहीं पहने थे। ! उसने बोला- ऐसे ही बैठो.. तो फिर वो सोफे पर मेरे बगल में बैठ गई और मेरे लण्ड से बोल रही थी- अले..ले..ले.. मेले.. छोटे मनीष.. मुझे छोड़कर कभी नहीं जाना.. मेले पास ही लहना। मै हँसते हुए उसके मम्मों को दबा रहा था और फिर हमें कब नींद लग गई.. पता ही नहीं चला। सुबह मेरी नींद खुली.. तो रूपा ने बोला- चलो यार.. अब हमें जाना चाहिये.. घर वाले मेरा इंतजार कर रहे होंगे। उसने मेरे घर के पास छोड़ा और उसने मुझे पैसे भी दिए और बोली- अगले रविवार को तैयार रहना और वो चली गई। तो कहानी कैसी लगी जरूर बताना। स

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