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हाय कितना लम्बा और मोटा लंड.. ये मेरी चूत में कैसे जाएगा

हाय कितना लम्बा और मोटा लंड.. ये मेरी चूत में कैसे जाएगा

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नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम बिक्कि है। मेरा हइट 5’7″ है ।मै उत्तर प्रदेश अल्लाहाबाद में जिले का रहने वाला हूँ। मै अभी 12वीं के बाद अल्लाहाबाद के एक कॉलेज से बी.ई. कर रहा हूँ। मै एक बहुत ही स्मार्ट लड़का हूँ..

मेरी उम्र 19 साल है मेरे लौड़े कि साइज भी मस्त है। मै फ्लैट में अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर रहता हूँ। मै आपको अपने जीवन कि सत्य घटना बताने जा रहा हूँ। कुछ समय पहले कि बात है। मेरी क्लास में एक बहुत खूबसूरत लड़कि पढ़ती है उसका नाम सोनिया है, वो देखने में बहुत ही सुन्दर है। अगर कोई उसे देख ले तो मुठ मारे बिना नहीं रह सकता। उसकि उम्र भी 19 वर्ष ही थी। वैसे तो मै बहुत ही शर्मीले स्वभाव का हूँ मुझे लड़कियों से बात करने में बहुत शर्म आती है। एक दिन जब कालेज खत्म हुआ तो मैने नोट्स के बहाने सोनिया से बात कि- सोनिया.. मुझे तुम्हारे नोट्स चाहिए। उसने भी मुझे नोट्स देने कि मना नहीं किया और मैने उससे नोट्स ले लिए, कुछ दिन बाद वापस लौटा भी दिए। इसी तरह मै ओर वो करीब आते गए और हमारी गहरी दोस्ती हो गई। अब हम दोनों के पास एक-दूसरे के मोबाईल नम्बर भी थे। फिर हम रोज मोबाईल पर बात करने लगे और रोज रात तक फोन पर एसएमएस से बात करने लगे। एक दिन मैने उसे मूवी देखने चलने को कहा.. तो उसने ‘हाँ’ कह दिया। मै उस दिन बहुत खुश था मैने सोचा कि क्यों न कोई इंग्लिश मूवी देखी जाए.. क्यूँकि जब साथ में लड़कि हो तो हिंदी मूवी क्यों देखें। इसलिए मैने इंग्लिश मूवी कि दो टिकट ले लीं और हम दोनों सिनेमा हाल में सिनेमा देखने चले गए। मूवी चालू हो गई.. कुछ देर बाद मूवी में एक रोमांटिक सीन आया, उसमें हीरो हीरोइन को किस कर रहा था, मेरा तो लण्ड खड़ा हो गया। वो तो जैसे चड्डी फाड़ कर बाहर आने को हो रहा था। मैने जैसे-तैसे अपने आपको संभाला फिर थोड़ी देर बाद उसमें एक चुदाई का सीन आ गया, इसके बाद मै अपने आपको रोक नहीं पाया और उसे किस करने लगा। शायद वो इस हमले के लिए तैयार नहीं थी, वो मुझसे छूटने कि कोशिश कर रही थी.. पर वो इसमें नाकाम हो गई। अब धीरे-धीरे उसने छटपटाना बंद कर दिया और वो अब शायद इसमें मेरा साथ देने लगी। वो भी अब गर्म होने लगी थी.. लेकिन अब इससे ज्यादा वहाँ पर हम कुछ भी नहीं कर सकते थे। मै उसे अपने साथ अपने फ्लैट पर लेकर गया.. वहाँ पर कोई नहीं था, मुझे मालूम था सब उस टाईम कालेज गए हुए थे। मैने उसे रूम में अन्दर लेते ही लॉक कर दिया.. ताकि कोई आए तो हमें मालूम हो जाए। पर वैसे भी कोई नहीं आता.. क्योंकि सब कालेज गए हुए थे। मैने उसे बिस्तर पर बैठाया और कहा- मै तुम्हारे लिए चाय बना कर लाता हूँ। मै उसके लिए चाय बनाने किचन में चला गया। कुछ देर के बाद मै चाय बनाकर लाया और मैने उसे चाय दी और फिर हम साथ में चाय पीने लगे और बात करने लगे। बातों-बातों में मैने उससे अपने दिल कि बात कही कि मै तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। वो मुझे प्यार वाले गुस्से से देखने लगी और कुछ देर ऐसे ही देखने के बाद उसने कहा- तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया। मै भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। फिर मैने उसे किस करना चालू कर दिया वो भी मेरा साथ देने लगी। हम दोनों एक-दूसरे को पागलों कि तरह चूम रहे थे। मै धीरे-धीरे उसके मम्मों को जोर-जोर से मसलना बढ़ाता जा रहा था, इससे वो और भी ज्यादा गर्म हो रही थी। मैने धीरे से उसका ब्लैक कलर का टॉप उतार दिया और फिर मैने उसकि जींस भी उतार फेंकि। अब वो सिर्फ गुलाबी ब्रा-पैन्टी में क्या मस्त लग रही थी.. जैसे कोई परी खुद मुझसे कह रही हो कि आओ और मुझे चोद दो। मेरा तो पूरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था, अब मै सिर्फ उसे चोदने कि सोचने लगा और उसकि तरफ बढ़ने लगा। तभी वो बोली- सिर्फ मेरे ही कपड़े उतारोगे या अपने भी उतारोगे। मैने कहा- तुम खुद ही उतार दो। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरी चड्डी भी उतार दी। उसने जैसे ही मेरी चड्डी उतारी.. मेरा लम्बा लण्ड फनफनाते हुए बाहर आ गया और उसके चेहरे से टकरा गया। वो मेरा लण्ड देख कर घबरा गई और कहने लगी- हाय कितना लम्बा और मोटा है.. ये मेरी बूर में कैसे जाएगा। यह तो मेरी बूर को फाड़ देगा। मैने कहा- ऐसा कुछ भी नहीं होगा.. बस शुरूआत में थोड़ा सा दर्द होगा फिर तुम्हें भी बहुत मजा आएगा। उसने कहा- ठीक है.. पर धीरे करना। फिर मैने उसकि कसी हुई ब्रा के हुक को एक ही बार में खोल दिया। उसके बड़े-बड़े चूचे उछल कर बाहर आ गए और मै उसके मम्मों को पागलों कि तरह चूसने लगा। अब मैने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया, मै उसको चूमते हुए धीरे-धीरे नीचे आने लगा और उसकि पैन्टी के ऊपर से ही उसकि बूर पर जुबान फिराने लगा। मुझे महसूस हुआ कि उसकि बूर ने पानी छोड़ दिया है.. जिससे उसकि पैन्टी गीली हो गई थी। मैने उसकि पैन्टी भी उतार फेंकि, फिर मैने जो देखा मेरे तो होश ही उड़ गए.. मैने देखा कि उसकि गुलाबी बूर क्या मासूम सी लग रही थी। मै बूर चाटने लगा और वो सिसकारियाँ लेने लगी- आह.. आह.. पीइइ.. लेइइ.. सअ.. अअ मत.. करोओ.. मै उसकि बूर को अपनी जुबान से चोदने लगा, वो कहने लगी- प्लीज़ मुझे और मत तड़पाओ मेरे राजा.. जल्दी कुछ करो.. नहीं तो मै मर जाऊँगी। मैने सोचा यही सही मौका है, मैने उसकि दोनों टाँगें चौड़ी कर दीं और अपना लौड़ा उसकि बूर पर सैट कर दिया, एक धक्का मारा.. पर पहली बार में मै नाकाम हो गया और मेरा लण्ड उसकि टाइट चूट होने कि वजह से फिसल गया। मैने इस बार फिर सैट किया और जोर से धक्का मारा। इस बार मेरा आधा लण्ड उसकि बूर को चीरता हुआ अन्दर चला गया। वह जोर से चिल्ला उठी। मैने फौरन अपने होंठ उसके होंठों पर रखे और उसका मुँह बंद कर दिया ताकि वह चीख ना सके। उसकि आँखों से आंसू आ गए थे, मै थोड़ी देर रूका और फिर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगा। वो शांत होने लगी थी, अब मैने एक और शॉट लगाया और पूरा का पूरा लण्ड उसकि बूर में उतार दिया। अब वह अपना दर्द चाह कर भी नहीं निकाल पा रही थी, उसकि चीखें अन्दर दबी कि दबी रह गई थीं, वो दर्द से तड़प रही थी, उसका चेहरा दर्द से लाल हो गया था। कुछ देर रूकने के बाद मुझे नीचे से धक्के का अहसास होने लगा, शायद अब उसका दर्द कम हो गया था, अब मै भी उसके धक्कों का जबरदस्त जवाब दे रहा था। वो मुझे चुदाई के बीच-बीच में गालियां दे रही थी- मादरचोद.. और जोर से चोद मुझे.. आ जा मेरे राजा.. और जोर से चोद.. बहनचोद! वो गाली देते-देते झड़ गई.. पर मेरा अभी नहीं हुआ था, मै उसे नीचे से चोदे जा रहा था। कुछ देर बाद मै भी झड़ गया और उसके ऊपर निढाल हो कर गिर गया। जब मैने उठ कर देखा तो चादर पर खून था, उसने उठ कर देखा तो वह घबरा गई। पर मैने उससे कहा- अगर कोई लड़कि पहली बार चुदाई करती है तो ऐसा होता है.. अब आगे से तुम्हारे साथ कभी नहीं होगा। उस दिन हमने तीन बार चुदाई कि.. उसके बाद हमें जब मौका मिलता.. हम चुदाई करते। तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी.. मुझे जरूर मेल करें।

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