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फ़ोन से लेकर चूत चुदाई तक का सफर

Sex Kahani, फ़ोन से लेकर चूत चुदाई तक का सफर

हेलो दोस्त, मेरा नाम संजीव हैं, मै रायपुर रहता हूँ, कद छः फिट एवरेज बॉडी नॉर्मल लुक्स और आठ″ का लिंग !

अब मै अपनी कहानी पर आता हूँ। एक दिन एक फ्रेंड ने मुझसे मेरा नया नम्बर माँगा, मैने कुछ ही दिन पहले नया नम्बर लिया था। मैने उसे एस एम एस कर दिया पर ग़लती से नम्बर गलत टाइप हो गया और संदेश किसी और को गया।

उस नम्बर से रिप्लाई आया- ‘हू आर यू’

मै समझा कि मेरा दोस्त मुझसे मज़ाक कर रहा हैं, तो मैने उसके रिप्लाई में कहा- बता साले कि मै कौन हूँ?

और उसको कई उल्टी सीधी बातें लिख दी जिसमे कुछ नोन वेज बात भी थी।

तो उसका नतीज़ा यह हुआ कि मुझे रिप्लाई में उस नम्बर से कॉल आया, मैने नम्बर देखा और-

मै- हेलो !

उधर से एक लेडी बोली- हेलो हू इस दिस?

मै- आई एम संजीव ! हू आर यू?

लेडी- हू संजीव? एण्ड वट यू वान्ट? यू आर मैसेजिंग मी !

मै- मैसेज? विच मैसेज? आई डि’न’ट सेंड अन्य मैसेज टू यू।

लेडी- यू सेंड मी अ मैसेज दैट माई नम्बर हैंस बिन चेंज्ड ! डिड यू ओर नोट?

फिर मुझे लगा कुछ गड़बड़ हैं, मै उसे होल्ड करने को कहा और अपना फोन चेक किया तो देखा कि मैने दोनों मैसेज गलत नम्बर पर सेंड कर दिए और फिर मै उस लेडी से- सॉरी मैम, हू एवर यू आर ! आई डॉन्ट नो यू ! देएज मैसेज आर सेंट बाई मिस्टेक ! आई हॅव टू टाइप सिक्स इनस्टेड ऑफ नाइन इन द नम्बर !

और मैने उसे अपने दोस्त का नम्बर बता दिया ओर वो समझ गई कि सच में ग़लती हुई हैं।

फिर वो बोली- कोई बात नहीं ! लेकिन आपको कोई भी मैसेज भेजने से पहले ध्यान रखना चाहिये ! पर आपने दूसरा मैसेज क्या भेजा जानते हो आप?

मै- सॉरी मैम, मुझे नहीं पता था कि मै गलत नम्बर पर भेज रहा हूँ।

लेडी- कोई बात नहीं ! लेकिनआगे ध्यान रखना !

क्योंकि उस लेडी आवाज़ बहुत सेक्सी थी तो मैने पलट कर कह दिया- इन फ्यूचर, मै आपको सिर्फ़ अच्छे मैसेज करुंगा।

लेडी- क्या? क्या मतलब हैं तुम्हारा?

मै- मैने कहा कुछ नहीं !

लेडी- नहीं, अभी आपने कुछ कहा।

मै- मैने कहा कि क्या आप मेरी फोन फरेन्ड बनेंगी?

मैने सीधे ही पूछ लिया।

लेडी- वेरी स्मार्ट ! मै सोच कर बताऊँगी।

मै- मै इन्तजार करुंगा।

कुछ घंटे बाद उसका मैसेज आया, उसमें लिखा था जिसका मतलब था- आपका नाम क्या हैं और आप करते क्या हैंं?

मैने उत्तर दिया- मै संजीव हूँ और पढ़ाई कर रहा हूँ।

फिर उसने मैसेज किया- क्या आपको पता हैं कि मै शादीशुदा हूँ और एक चार साल के बच्चे की माँ हूँ? यह जान कर भी तुम मुझसे दोस्ती करना चाहोगे?

मैने मैसेज किया- मुझे क्या फ़र्क पड़ता हैं कि आप शादीशुदा हैंं और आपके एक बच्चा हैं। मुझे कौन सा शादी करनी हैं आपसे, और दोस्ती के लिए इन बातों का कोई मतलब नहीं।

फिर मैने मैसेज किया- आपका नाम क्या हैं और आप क्या करती हैंं?

उसने बताया- ममता (नाम बदल कर दिया गया हैं।) और घर में ही रहती हूँ।

फिर उसने कहा- मै तुम से फ़ोन पर बात कर सकती हूँ?

मैने कहा- हाँ बिल्कुल ! अगर आप चाहें तो !

उसका कॉल आया !

मै- हेलो !

ममता- हाय !

मै- क्या सोचा?

ममता- अभी सोचा नहीं !

मै- तो कितना टाइम लोगी?

ममता- कुछ टाइम तो लगेगा !

ममता- मै तुम्हें देख सकती हूँ?

मै- हाँ, क्यों नहीं ! पर कैसे?

ममता- अपनी फ़ोटो भेजो !

मै- नहीं ! फ़ोन से नहीं ! आपके पास कम्प्यूटर हो तो?

ममता- हाँ हैं !

मै- तो मै अभी मेल कर देता हूँ !

मै- लेकिन आपको भी अपनी भेजनी होगी?

ममता- ओ के !

मैने उसका इमेल आईडी लिया और मैने अपनी तस्वीर भेज दी, और फ़िर उसने अपनी !

दोस्तो, क्या बताऊँ ! क्या औरत थी वो ! एक विशुद्ध भारतीय घरेलू महिला। पर ऐसा लग रहा था कि किसी ने आग को साड़ी में लप्पेट कर खड़ा कर दिया हो !

मैने उसे कॉल किया- ममता यू आर वेरी ब्यूटिफुल !

ममता- कहाँ ! नहीं !असल में ऐसा कुछ नहीं हैं !

और वो चुप हो गई।

मै- क्या हुआ?

ममता- कुछ नहीं !

मै- तुम नहीं बताना चाहती तो ना सही अच्छा, बतओ मेरी फ़ोटो कैसी लगी? बेकार सी हैं ना?

ममता- नहीं बेकार तो नहीं हैं, पर यू आर सो स्लिम ! खाना वाना नहीं खाते क्या?

और हंस पड़ी।

मै- नहीं, ऐसा नहीं हैं, मै शुरू से ही ऐसा हूँ।

ममता- ओ के !

मै- फिर क्या सोचा?

ममता- किस बारे में?

मै- दोस्ती के बारे में !

ममता- बगैर दोस्ती के इतनी बात हो सकती हैं क्या?

मै- क्या? क्या? इसका मतलब तुम मान गई?

ममता- हाँ !

मै जोर से बोला- थैंक यू !

ममता हंस कर- बुद्धू !

मै- ममता, तुम्हारी उम्र क्या हैं?

ममता- 27 और तुम?

मै- 21

फिर हम कुछ दिन हम यों ही बातें करने लगे। दो तीनन दिन में मैसेज और फोन पर बात करते करते हम काफ़ी करीब आ गये और अपने निजी जीवन के बारे में भी बातें करने लगे।

ममता ने बताया कि उसकी शादी उसके माता पिता ने करवा दी थी और वो अपने पति रोहित से खुश नहीं हैं।

फिर मैने एक दिन उससे कहा- हम मिल सकते हैंं?

उसने कहा- हाँ ! बिल्कुल !

मै- तो कब?

वो- जब तुम चाहो तब पर मेरे पति के सामने नहीं !

मै- तो?

वो- तुम दिन के समय आ सकते हो !

मै- कहाँ?

वो- अरे मेरे घर ! और कहाँ?

मै- तो आज ही मिलें हम?

वो थोड़ा सोच कर- ओ के !

मै- आपका पता !

उसने अपना पता मुझे बताया और मै कॉलेज से सीधे उससे मिलने चला गया।

मैने उसकी सोसाइटी के बाहर पहुँच कर उसे कॉल किया- ममता, मै आपकी सोसाइटी के गेट पर हूँ।

वो- सीधे अन्दर आओ और तीसरे कट से लेफ्ट लेना, बिल्कुल सामने ग्राउंड फ्लोर पर मेरा फ्लैट हैं।

उसने मुझे फ्लैट नम्बर बताया और कहा- दरवाजे पर मेरे पति रोहित की नाम प्लेट लगी हैं।

मैने पहुँच कर डोर बेल बजाई एक सादी सी साड़ी वाली लेडी, जिसकी उमर पचीस साल की होगी, ने दरवाजा खोला।

मै- ममता?

वो- मेमसाब अंदर हैंं।

मै शांत हुआ कि यह तो नौकरानी हैं।

वैसे तो मैने ममता की तस्वीर देख रखी थी फिर भी मुझे पक्का नहीं पता था कि उसने सही तस्वीर भेजी थी या नहीं।

वो- आप?

मै- मै संजीव !

वो- अंदर आइए, मै भाभी को बोलती हूँ।

मै अंदर जाकर सोफे पर बैठ गया। दो मिनट बाद एक महिला आई, यह वही थी जिसकी तस्वीर मैने देखी थी।

वो ममता, दोस्तो जो तस्वीर मैने देखी थी, उससे ज़्यादा सेक्सी थी, वो कसा हुआ बदन, गोरा रंग, गुजराती स्टाइल साड़ी !

मेरा तो देखते ही दिमाग़ खराब हो गया।

वो मेरे सामने आकर बैठी और बोली- आप ही संजीव हैंं ना?

मै- जी हाँ ! हेलो !

वो- कैसे हैंं आप?

मै- अच्छा हूँ ! आप कैसी हैंं?

वो- एकदम बढ़िया ! घर ढूँढने में परेशानी तो नहीं हुई?

मै- कुछ खास नहीं !

वो- क्या लोगे? कुछ गर्म या ठण्डा?

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मै- कुछ भी !

उसने अपनी सेविका को बुलाया- साब के लिए पानी लाओ ! और फिर चाय बना लो !

मैने उसे टोका- ममता, मै चाय नहीं पीता !

ममता- ओके तो पेप्सी या कोक लेकर आओ !

सेविका पानी ले आई, वो फिर चली गई।

इतने में मैने देखा कि ममता मुझे एक नज़र से लगातार देखे जा रही हैं।

मैने उससे पूछा- क्या देख रही हो?

वो- कुछ नहीं !

मै- कुछ तो हैं।

वो- कुछ नहीं।

मै- अच्छा तो तुम्हारा बेटा रवि कहाँ हैं?

वो-: यही हैं अंदर कमरे में ! मिलोगे?

मै- हाँ !

उसने सेविका से बेटे को बुलाने को कहा।

दो मिनट में वो आ गया और ममता की बगल में बैठ गया।

ममता- अंकल से हेलो बोलो !

रवि : हेलो

मै- हेलो, क्या नाम हैं आपका?

रवि- रवि

मै- मेरे पास आओ ! चॉकलेट पसन्द हैं ना?

रवि- हाँ !

और वो मेरे पास आ गया।

मैने रवि को चॉकलेट दी, वो फिर अपनी मॉम के पास चला गया तो ममता बोली- अंकल को थैन्क्स बोलो !

रवि- थैंक यू अंकल !

मै- इट्स ओके बेबी !

ममता रवि से- जाओ, अंदर जाकर खेलो।

ममता- कैसा लगा मेरा शोना?

मै- क्या?

वो- मेरा बेटा !

मै- बहुत क्यूट हैं।

“और घर?”

‘बहुत अच्छा ! काफ़ी अच्छे से सज़ा रखा हैं !”

“और मै?”

मै- तुम लगती नहीं 27 की?

“झूठ बोल रहे हो !”

मै- नो ! आई एम सीरीयस !

वो कुछ कहती, इतनी देर में सेविका कोक लेकर आ गई, मैने कोक ली और फिर वो ममता को कोक देने लगी। इतनी देर में फोन की बेल बजी तो सेविका हड़बड़ा गई और उसके हाथ से सर्विस ट्रे छूट गई, कोक छलक कर ममता की साड़ी पर गिर गई।

ममता- उफ़्फ़ ! क्या हुआ तुम्हें? मेरी साड़ी खराब कर दी।

सेविका- ग़लती हो गई भाभी !

ममता- फोन देखो !

और वो फोन रिसीव करने चली गई। इतने ममता अपने साड़ी पर से कोक साफ करने लगी जिसके लिए वो बैठे बैठे ही झुकी और उसका पल्लू नीचे सरक गया।

क्या बताऊँ कि क्या नज़ारा था ! उसके 36 इंच के उरोज कसे ब्लाउज में ऐसे लग रहे थे कि अभी ब्लाउज फाड़ कर बाहर आ जाएँगे और मेरा लण्ड खड़ा होकर पूरा 7.5″ का हो गया, मै इस नज़ारे को देखने इतना मशगूल हो गया कि भूल गया कि ममता मुझे देख रही हैं।

फिर उसने मुझे टोका- क्या देख रहे हो?

“कुछ नहीं !”

ममता- यू नॉटी !

मै- सॉरी।

ममता- इट्स ओ के !

हमारी बात पूरी नहीं हुई थी की सेविका आई और बोली- भाभी, बगल वाली शर्मा आंटी मार्केट जा रही हैंं, कह रही हैंं कि कुछ मंगाना तो नहीं?

ममता- हाँ वो सुबह लिस्ट बनाई थी ना, वो सामान लाना हैं। एक काम कर, तू साथ चली जा और सामान ले आ ! वो सब दिला देंगी !

सेविका- जी मैम !

ममता- मेरा पर्स ला, मै पैसे देती हूँ।

सेविका- वो पीछे ही पड़ा हैं।

सेविका चली गई।

मै- ममता, तुम्हारा बेटा अकेले अंदर रूम में क्या कर रहा हैं?

वो- कुछ नहीं, अकेला खेलता रहता हैं।

यह कह कर वो उठी ओर मेरे बगल में आकर बैठ गई और मैने नोटिस किया कि वो काफ़ी देर से मुझे बड़ी अजीब से अंदाज़ से देख रही हैं।

मै- आप मुझे ऐसे क्यों देख रही हैंं इतनी देर से?

वो- यू आर क्यूट !

मै- मै?

मै ज़ोर से हंसा।

वो- तुम्हें झूठ लगता हैं?

मै- कोरा झूठ !

वो- रूको !

और उसने मेरे गाल पर किस कर लिया।

मुझे बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था कि वो कुछ ऐसा भी करने वाली हैं।

मै- यह क्या हैं?

वो- क्यों? हम यह सब नहीं कर सकते?

मै- पर तुम्हारे पति?

वो- वो मुझे कुछ करते तो मै थोड़े ना तुम्हारे हाथ लगती।

मै- क्यों?

वो- उन्का कोई चक्कर चल रहा हैं बाहर !

मै हैंरान रह गया।

मै- क्या?

वो- हाँ !

मै- तुमने रोका नहीं?

वो- कई बार ! हर बार कसम खाते हैंं कि आगे से नहीं मिलूँगा, पर नहीं निभाते।

मै- और तुम?

वो- मुझे तो बेड पर हाथ भी नहीं लगाते !

मै- क्यों?

वो- कहते हैंं, रवि बड़ा हो रहा हैं।

मै- ऊऊओह..

वो- अब तुम ही बतओ कि मै क्या करूँ?

और कह कर रोने लगी।

मैने उसके गालों पर अपने हाथ रखे और..

मै- रोओ मत !मै आपकी हर तरह से मदद करुँगा।

उसने आँखें बंद कर ली और मैने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा।

क्या बात थी उस किस में ! ऐसा लग रहा था कि सारा रस पी जाऊँ !

तभी उसने कहा- रूको !

वो उठी, जाकर दरवाजा बन्द कर दिया और मुझे इशारे से अपने पीछे आने को कहा।

मै उठा, उसके पीछे हो लिया ! हम दोनों एक रूम में गये, वहाँ उसका बेटा खेल रहा था।

ममता रवि से- शोना ! तुम बाहर जाकर खेलो, मै अंकल को कुछ चीज़ दिखा देती हूँ, और कोई फोन आए तो उठाना मत, ओके?

रवि : ओते !

रवि के जाते ही उसने दरवाजा बंद कर लिया और जल्दी मेरे पास आकर मेरे गले लग गई, मेरे होंटों को चूसने लगी। मैने भी देर ना करते हुए जल्दी से उसे बाहो में कस लिया और किस करते हुए उसे बेड पर लिटा लिया, उसकी साड़ी का पल्लू हटा दिया।

अब मेरे सामने उसके बड़े बड़े बूब्स सिर्फ़ ब्लाउस में थे ! मैने उनका ब्लाउज खोलना शुरू किया, एक एक करके मैने सारे हुक खोल दिए। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेटिकोट में थी। उसकी ब्रा को खोलने के बाद मैने उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया।

ममता छटपटा रही थी क्योंकि उसको दर्द हो रहा था।

फ़िर मैने उसके पेट पर बहुत से किस किए और उसकी चूची को अपने मुंह में रख कर चूसने लगा। तब मैने उसके पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया, वो गुलाबी रंग की पेंटी में थी। मैने उसकी पेंटी उतार दी, उसकी बूर पर थोड़े से बाल थे। ममता ने मेरा मुँह अपनी बूर पर कर दिया, मै उसकी बूर को चूसने लगा।

ममता मचल रही थी, उसकी बूर की खुशबू भी शानदार थी। थोड़ी देर चूसने के बाद मैने अपना लण्ड ममता की बूर में डालना शुरू किया।

ममता को दर्द हो रहा था पर वो कह रही थी- जल्दी से डाल दो !

मैने ममता की कमर के नीचे तकिया लगाया और उसने अपनी टांगें मेरे कंधों पर रख दी, मै धीरे धीरे उसकी बूर में मेरा लण्ड सरकाने लगा। कुछ ही देर में मेरा पूरा लण्ड उसकी गोरी योनि में घुस गया।

ममता चिल्ला उठी- आ आआ आअ ! प्लीज संजीव ! धीरे करो ! मै मर जाऊँगी !

लेकिन मै ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा। उसकी सिसकारियाँ निकल रही थी मजे से !

हम लोगों ने खूब मजा लिया सेक्स का ! फ़िर मैने अपना रस उसकी बूर में ही डाल दिया।

सेक्स करने के बाद ममता का मुंह एकदम लाल हो गया था, उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे।

मैने उसको प्यार से किस किया और कहा- आज तो आपने मुझे जीवन का एक नया आनन्द दिया हैं।

ममता ने कहा- प्लीज, किसी से इस बात के बारे में नहीं बताना !

फिर ममता ने अपने कपड़े पहने और नहाने चली गई। मै भी लौट कर चला आया।

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी?

मुझे मेल करें !

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