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चाची की चूत में उँगली करने के बाद घोड़ा के जैसा चोदा

चाची की चूत में उँगली करने के बाद घोड़ा के जैसा चोदा

मेरा नाम संजीव है.. यह नाम मुझे मेरे दोस्तों से मिला है, पर अब घर में सब इसी नाम से बुलाते हैं। मेरी हाईट 5.5 है और मेरा रंग सांवला है.. मेरा लंxड का साइज़ 7.9 इंच है और ये 2.10 इंच मोटा है।

यह मेरी पहली हिंदी चुदाई की स्टोरी है.. पहली बार ही लिख रहा हूँ, इससे पहले बस मै आप सबकी स्टोरी पढ़ कर मुठ मारता रहता था, साथ ही मै सोचता था कि मै भी अपनी स्टोरी लिख डालूं।
इसी प्रेरणा से आज मै लिख पाया हूँ। मुझे कोई ग़लती हो जाए, तो माफ़ करना साथियो!

मेरी हिंदी चुदाई स्टोरी मेरी चाची की चुदाई की है.
मै अपनी चाची के बारे में बताता हूँ, मेरी चाची का रंग दूध जैसा गोरा है। उनकी हाइट पांच फुट एक इंच है और उनका फिगर 36-28-32 का है। उनके चूचे ज्यादा मोटे तो नहीं हैं.. पर जितने मोटे हैं.. ना उन्हें देख कर किसी का भी उनको चोदने का करने लगेगा।

आप पढ़ रहे है Sex Story: चाची की चूत में उँगली करने के बाद घोड़ा के जैसा चोदा

आज से करीब एक महीने पहले की बात है, मै कॉलेज से घर आया और मुझे पता चला कि चाचा किसी काम के सिलसिले में 5 दिनों के लिए आउट ऑफ सिटी गए हैं।
मेरी चाची से बहुत पटती है.. और मुझे मालूम था कि उन्हें रात को अकेले सोने में डर लगता है।
चाची ने मेरी मम्मी से बोला- आज मै घर पर अकेली हूँ, संजीव को मेरे साथ रहने को बोलो।

मम्मी ने मुझे चाची के साथ रहने को बोला और मै शाम को चाची के घर चला गया।

इससे पहले मैने चाची को कभी गंदी नज़रों से नहीं देखा था। मै चाची के घर पर गया तो देखा वो कपड़े धो रही थीं। मै उनके बेडरूम में चला गया उधर टीवी लगी है, तो मै टीवी देखने लगा।
चाची ने मुझे बुलाया कि मेरी हेल्प कर दो.. ये चादर निचोड़वा दो।

मैने उनके पास आकर एक साइड से चादर पकड़ी और दूसरी साइड से चाची ने पकड़ ली। हम दोनों चादर को मरोड़ने लगे। चाची झुक कर उसे घुमा रही थीं.. तो उनकी सफेद-सफेद चुची मुझे हिलती हुई दिख रही थीं।

मै चाची की चुची ही देख रहा था.. और शायद चाची ने मुझे उन्हें देखते हुए देख लिया था।
फिर अचानक चाची के हाथों से चादर छूट गई और ऊपर को रखी पानी की बाल्टी पर ठोकर लगने के कारण पानी चाची के ऊपर गिर गया.. और वो गीली हो गईं।
पानी गिरने से चाची का सूट उनके शरीर से चिपक गया और उनकी चुची के निप्पल साफ दिखाई देने लगे। उन्होंने सफेद रंग का सूट पहना हुआ था, जिसमें उनके दूध बहुत ही मस्त दिख रहे थे।

मैने पूरा नजारा मस्ती से देखा और चाची मुस्कुराते हुए चली गईं।
मै भी रूम में आ गया।

इसके बाद चाची ने खाना बनाया और हम दोनों खाना खा कर बिस्तर पर आकर लेट गए।
चाची और मै अब टीवी देखने लगे। चाची टीवी देखते-देखते सो गईं.. और उन्होंने सोते में मुझे पकड़ लिया।

कुछ ही देर बाद चाची मुझे अपने गले से लगा कर सोने लगीं। मै ऐसे ही पड़ा रहा और फिर मै चाची को क़िस करने लगा। जब चाची ने कुछ नहीं कहा तो मै धीरे-धीरे उनकी चुची को दबाने लगा।
चाची सीधी हो गईं तो मैने चाची की नाइटी ऊपर कर दी।

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अब चाची उठ सी गईं.. पर उन्होंने ऐसा शो किया जैसे मुझे पता नहीं लगा हो।

जैसे ही मैने उनकी चुxत में उंगली की.. तो उन्होंने आँख खोल कर मुझसे कहा- ये क्या कर रहे हो.. शर्म नहीं आ रही.. मै तुम्हारी चाची हूँ।
मै डर गया और चाची को बोला- सॉरी चाची.. गलती हो गई.. माफ़ कर दो।
मै उठ कर नीचे लेटने लगा.. और बोलने लगा- प्लीज़ चाची, यह बात आप किसी को मत बताना।

चाची बोलीं- एक शर्त पर नहीं बताऊँगी.. तुम्हें मेरा एक काम करना पड़ेगा!
मैने बोला- कुछ भी करवा लो.. पर बोलना मत।
चाची चुxत खुजाते हुए बोलीं- जो कर रहे थे.. वो फिर से स्टार्ट करो।

चाची के मुँह से ये सुन कर मै खुश हो गया और चाची को भींचते हुए किस करने लगा।
‘थैंक्यू चाची..’

चाची मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंxड को सहलाने लगीं। मै उनकी चुची को दबाते हुए क़िस किए जा रहा था।
हम दोनों के कपड़े कब उतर गए.. हमें पता ही नहीं चला। चाची मेरा लंxड मुँह में लेकर चूस रही थीं.. मुझे बहुत मजा आ रहा था। यह मेरे साथ पहली बार हो रहा था।

करीब 10 मिनट तक उन्होंने मेरा लंxड चूसा। मै भी उनकी चुxत चाटे जा रहा था.. वो एकदम नमकीन थी, पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
चाची हल्की-हल्की आहें भर रही थीं.. और पैरों को हिला-हिला कर चुदास से तड़प रही थीं।

कुछ मिनट बाद चाची बोलीं- अब कितना चाटोगे.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ये अब तुम्हारी ही तो है। जब मर्जी हुआ करे तो चाट लिया करना.. अभी तो तुम अपना लंxड इसमें डालो.. मुझसे रहा नहीं जा रहा है प्लीज़.. इसमें अपना मूसल डाल दो।
यह हिंदी चुदाई की स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

यह सुन कर मै खड़ा हुआ, चाची को खींच कर बिस्तर के किनारे पर लाया और उनके पैरों को अपने कंधे पर रख लिया। अब मैने अपना लंxड उनकी चुxत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का दे मारा।

लंxड का घुसना हुआ और चाची की चीख निकल गई। मै डर गया था क्योंकि वो रोने लगी थीं। चूंकि उनकी चुxत काफी कसी हुई थी और मेरा लंxड कुछ ज्यादा ही मोटा था। मेरे लंxड की चोट से उनकी चुxत से खून भी निकल आया। मै अपना लंxड उनकी चूत में डाले रख कर थोड़ी देर रुक गया।

चाची बोलीं- अब रुक क्यों गए.. धक्के मारो.. और फाड़ दो मेरी चुxत..!
यह सुन कर मेरी हिम्म्त बढ़ी और मै धक्के लगाने लगा। अब चाची ज़ोर-ज़ोर से ‘आअहह.. आहह.. उइई.. करने लगी थीं। पूरे कमरे में चाची के कामुकता से चिल्लाने की और ‘फच फच..’ की आवाजें गूँज रही थीं।

कुछ मिनट बाद चाची झड़ गई लेकिन मै सांड की तरह चोदने में लगा रहा। कुछ मिनट बाद मै भी झड़ गया.. और मेरा लंxड धीरे-धीरे मुरझा गया।
मै चाची के ऊपर ही लेटा रहा।

चाची मेरे सर पर हाथ फेरते हुए बोलीं- मजा आ गया.. इत्ता मजा तो तेरे चाचा के साथ भी कभी नहीं आया।
उस रात हम दोनों बिना कपड़ों के ही सो गए और सुबह उठ कर दोनों एक साथ नहाए।

नहाते समय भी मैने चाची को फिर से चोदा और पूरे 5 दिन में हम दोनों ने 12-13 बार चुदाई की।

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